Jewar Airport News: नोएडा एयरपोर्ट उद्घाटन में देरी: सुरक्षा और DGCA मंजूरियां बनीं वजह
Jewar Airport News - नोएडा एयरपोर्ट उद्घाटन में देरी: सुरक्षा और DGCA मंजूरियां बनीं वजह
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जिसे जेवर एयरपोर्ट के नाम से भी जाना जाता है, का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। रनवे तैयार है, टर्मिनल बिल्डिंग बन चुकी है, एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम, सुरक्षा उपकरण और यात्री सुविधाएं भी लगभग पूरी हो चुकी हैं। इसके बावजूद, एयरपोर्ट के उद्घाटन की तारीख अब तक तय नहीं हो पाई है, जिससे आम लोगों, निवेशकों और कारोबारियों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर सब कुछ तैयार होने के बाद भी देरी क्यों हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि यात्री सुरक्षा सर्वोपरि है, और बिना पूर्ण संतुष्टि के जल्दबाजी नहीं की जाएगी। यह एयरपोर्ट शुरू होते ही दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में निवेश और रोजगार के नए द्वार खोलेगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भौतिक निर्माण कार्य काफी हद तक पूरा हो चुका है। इसमें अत्याधुनिक रनवे, टैक्सी-वे, एक विशाल टर्मिनल बिल्डिंग, कार्गो एरिया, पर्याप्त पार्किंग सुविधाएं, एक आधुनिक फायर स्टेशन और अन्य आवश्यक तकनीकी ढांचा शामिल है और एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर की यात्री सुविधाएं प्रदान करने के लिए नवीनतम तकनीक से लैस किया गया है। हालांकि, किसी भी हवाई अड्डे को परिचालन में लाने के लिए केवल भौतिक संरचनाओं का निर्माण पर्याप्त नहीं होता है। नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से सुरक्षा और संचालन से संबंधित अंतिम मंजूरियां प्राप्त करना अनिवार्य है और इन मंजूरियों में गहन सुरक्षा ऑडिट, फायर सेफ्टी प्रोटोकॉल की जांच, रनवे सुरक्षा मानकों का सत्यापन, एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का मूल्यांकन और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की प्रभावशीलता का परीक्षण शामिल है। इन सभी प्रक्रियाओं की पूरी तरह से जांच और संतोषजनक परिणाम के बाद ही एयरपोर्ट को परिचालन लाइसेंस जारी किया जाता है।
सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा से जुड़े किसी भी पहलू पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उनका तर्क है कि एक बार एयरपोर्ट शुरू होने के बाद, रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही होगी, और ऐसे में हर एक सिस्टम का पूरी तरह से दुरुस्त और त्रुटिरहित होना अत्यंत आवश्यक है। इसी कारणवश, कुछ प्रक्रियाओं में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है, जिसके परिणामस्वरूप उद्घाटन की तारीख लगातार आगे खिसकती जा रही है। प्रशासन किसी भी तरह की जल्दबाजी में कोई जोखिम नहीं लेना चाहता, क्योंकि एक छोटी सी चूक भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है।अत्याधुनिक सुरक्षा मानक
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया गया है, जिसका अर्थ है कि इसे बिल्कुल नए सिरे से डिजाइन और निर्मित किया गया है। यह एयरपोर्ट आधुनिक सुरक्षा मानकों पर आधारित है, जिसमें व्यापक सीसीटीवी निगरानी, स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम, बायोमेट्रिक एक्सेस कंट्रोल, स्वचालित फायर अलार्म सिस्टम, तत्काल आपातकालीन अलर्ट सिस्टम और अत्याधुनिक स्कैनिंग मशीनें लगाई गई हैं और अधिकारियों के अनुसार, एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई स्तरों पर मॉक ड्रिल और ट्रायल सफलतापूर्वक आयोजित किए गए हैं। एयरपोर्ट के चारों ओर एक मजबूत सुरक्षा घेरा, रणनीतिक रूप से स्थित वॉच टावर, नियमित गश्त व्यवस्था और एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम तैयार किया गया है और इसके अतिरिक्त, स्थानीय पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर एक व्यापक सुरक्षा प्लान लागू किया गया है।क्षेत्र के भविष्य और रोजगार पर प्रभाव
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होते ही पूरे यमुना प्राधिकरण क्षेत्र, ग्रेटर नोएडा और। आसपास के जिलों की आर्थिक और सामाजिक तस्वीर में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। यह एयरपोर्ट सीधे और परोक्ष रूप से हजारों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। होटल उद्योग, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, टैक्सी सेवा, रिटेल और सेवा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवसर सृजित होंगे। अधिकारियों का मानना है कि एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी, जिससे मल्टीनेशनल कंपनियां, कार्गो हब और एविएशन से जुड़े उद्योग यहां निवेश के लिए आकर्षित होंगे और इससे स्थानीय युवाओं को न केवल नौकरी मिलेगी, बल्कि कारोबार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे। कनेक्टिविटी के लिहाज से भी नोएडा एयरपोर्ट बेहद महत्वपूर्ण है। यह यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसे प्रमुख राजमार्गों से जुड़ेगा। भविष्य में मेट्रो और आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं,। जिससे दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों से आने-जाने में समय और खर्च दोनों की बचत होगी।उद्घाटन की संभावित तिथि
यमुना प्राधिकरण के सीईओ और एयरपोर्ट के अधिकारी राकेश कुमार सिंह के अनुसार, एयरपोर्ट पूरी तरह से तैयार है और अब केवल अंतिम मंजूरियों और औपचारिकताओं का इंतजार है। उन्होंने बताया कि जैसे ही डीजीसीए और अन्य सुरक्षा एजेंसियों से हरी झंडी मिलती है, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से उद्घाटन की तारीख तय की जाएगी। इसके बाद जल्द ही एयरपोर्ट का उद्घाटन कर दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी दोहराया कि सुरक्षा और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन की तारीख कब तय होती है और कब यहां से पहली उड़ान भरती है। यह निश्चित है कि जब यह एयरपोर्ट शुरू होगा, तो पूरे क्षेत्र के विकास को। नई ऊंचाइयां मिलेंगी और यह उत्तर प्रदेश के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।