नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) री-एग्जाम में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब एजेंसी का लक्ष्य उन छात्रों की मदद करना है जो इस महत्वपूर्ण परीक्षा से पहले भारी मानसिक दबाव या चिंता का अनुभव कर रहे हैं और nTA ने विशेष रूप से MANAS मेंटल हेल्थ हेल्पलाइन की उपलब्धता पर जोर दिया है, जिससे 14416 पर संपर्क किया जा सकता है। उम्मीदवारों को प्रोत्साहित किया गया है कि यदि वे तैयारी के अंतिम चरणों में खुद को अकेला या तनावग्रस्त महसूस करते हैं, तो वे इस सेवा की मदद जरूर लें।
मानसिक स्वास्थ्य और सहायता पर विशेष ध्यान
NTA की यह एडवाइजरी नीट उम्मीदवारों के सुसाइड के मामले सामने आने के बाद जारी की गई है और परीक्षा से जुड़े तीव्र दबाव को स्वीकार करते हुए, NTA ने छात्रों को आश्वस्त किया है कि वे इस यात्रा में अकेले नहीं हैं। MANAS हेल्पलाइन 14416 को बढ़ावा देकर, एजेंसी का उद्देश्य एक ऐसा पेशेवर मंच प्रदान करना है जहां छात्र मार्गदर्शन और भावनात्मक समर्थन प्राप्त कर सकें। NTA ने इस बात पर जोर दिया है कि परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए शैक्षणिक तैयारी के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
पारदर्शिता और निष्पक्षता का आश्वासन
नीट री-एग्जाम 21 जून को आयोजित होने वाला है और NTA ने पुष्टि की है कि सभी तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। एजेंसी ने सभी उम्मीदवारों और हितधारकों को भरोसा दिलाया है कि पुन: परीक्षा पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जाएगी। प्रक्रिया की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए, NTA संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता को रोकने के लिए एक मजबूत और कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था स्थापित की गई है।
अफवाहों और सोशल मीडिया से सावधान रहने की सलाह
परीक्षा में अब केवल तीन दिन शेष हैं, ऐसे में NTA ने उम्मीदवारों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चल रही अफवाहों या असत्यापित जानकारी से गुमराह न होने की चेतावनी दी है। एडवाइजरी में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि नीट री-एग्जाम तय समय पर 21 जून को ही होगा। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें और परीक्षा स्थगित होने या रद्द होने के झूठे दावों के झांसे में न आएं। एजेंसी ने छात्रों से शांत रहने, पर्याप्त नींद लेने और अपनी कड़ी मेहनत के आधार पर अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया है।
उम्मीदवारों के हित में लिया गया फैसला
3 मई को आयोजित पिछली परीक्षा का जिक्र करते हुए, NTA ने स्पष्ट किया कि उस सत्र को रद्द करने का कठिन निर्णय पूरी तरह से उम्मीदवारों के हित में लिया गया था। एजेंसी ने कहा कि जैसे ही समस्याएं सामने आईं, हर ईमानदार उम्मीदवार के लिए प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए तुरंत कदम उठाए गए। NTA ने आगे कहा कि उसने उन अनुभवों से सीखा है और इस बार सभी प्रतिभागियों के लिए एक सुरक्षित अनुभव सुनिश्चित करने के लिए सिस्टम को और भी मजबूत बनाया है। परीक्षा की शुचिता को भंग करने के किसी भी प्रयास से कानून के अनुसार सख्ती से निपटा जाएगा।