पाकिस्तान का बड़ा बयान भगवंत मान को यात्रा के लिए वीजा देने पर करेंगे विचार

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पाकिस्तान का बड़ा बयान भगवंत मान को यात्रा के लिए वीजा देने पर करेंगे विचार
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पाकिस्तान की तरफ से एक बहुत बड़ा और अहम बयान सामने आया है जिसमें कहा गया है कि वह पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पाकिस्तान की यात्रा करने के लिए वीजा देने पर विचार करेगा। पाकिस्तान का यह बयान एक ऐसे समय में आया है जब कुछ समय पहले ही भगवंत मान ने 23 अक्तूबर को यह सार्वजनिक तौर पर बताया था कि उन्हें एक विशेष सम्मेलन में भाग लेने के लिए पाकिस्तान से आधिकारिक रूप से निमंत्रण मिला है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर आए इस नए बयान ने राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। पाकिस्तान की सरकार ने शुक्रवार को स्पष्ट रूप से यह कहा है कि अगर भगवंत मान पाकिस्तान आना चाहते हैं और वहां की यात्रा करना चाहते हैं, तो वह उन्हें वीजा जारी करने के मामले पर पूरी गंभीरता से विचार करेंगे।

यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान अपनी साप्ताहिक प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। उस दौरान मीडिया की तरफ से उनसे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की संभावित पाकिस्तान यात्रा को लेकर एक सीधा सवाल पूछा गया था और इसी सवाल का जवाब देते हुए प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने कहा कि यदि वह यानी भगवंत मान देश की यात्रा करना चाहते हैं, तो पाकिस्तान सरकार उन्हें वीजा जारी करने के प्रस्ताव पर जरूर विचार करेगी। हालांकि अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह एक पूरी तरह से अलग और स्वतंत्र मामला है कि भारत सरकार अंततः भगवंत मान को पाकिस्तान जाने की अनुमति देती है या नहीं देती है।

आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि आखिर भगवंत मान पाकिस्तान क्यों जाना चाहते हैं और पूरा मामला क्या है। इस बारे में खुद भगवंत मान ने 23 अक्तूबर को यह जानकारी दी थी कि उन्हें आगामी 27 नवंबर को पाकिस्तान के लाहौर शहर में आयोजित होने वाले विश्व पंजाबी सम्मेलन में शामिल होने के लिए एक विशेष आमंत्रण मिला है। इस निमंत्रण के मिलने के बाद उन्होंने खुद यह बड़ा सवाल भी उठाया था कि क्या उन्हें इस यात्रा के लिए भारत सरकार की तरफ से पाकिस्तान जाने की इजाजत मिलेगी या नहीं। इसके साथ ही भगवंत मान ने यह इच्छा भी जाहिर की थी कि यदि ऐतिहासिक करतारपुर गलियारा फिर से पूरी तरह खुल जाता है, तो पंजाब विधानसभा के सभी विधायक एक साथ पाकिस्तान स्थित पवित्र करतारपुर साहिब के दर्शन करने के लिए जरूर जाएं।

दूसरी तरफ यदि पंजाब के राजनीतिक परिदृश्य की बात की जाए तो राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां बहुत जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं। राजनीतिक सरगर्मी के बीच आम आदमी पार्टी ने अपने उम्मीदवारों और प्रत्याशियों की पहली सूची भी जारी कर दी है और इस पहली सूची की सबसे खास बात यह है कि इसमें खुद मुख्यमंत्री भगवंत मान का नाम भी शामिल है। पार्टी की घोषणा के अनुसार सीएम भगवंत मान धुरी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे और आम आदमी पार्टी की इस चुनाव में सबसे बड़ी और चौंकाने वाली रणनीति यह रही है कि उसने अपने किसी भी मौजूदा यानी सिटिंग विधायक का टिकट नहीं काता है और सभी पर फिर से भरोसा जताया है।

पंजाब में होने वाले इन महत्वपूर्ण चुनावों से ठीक पहले पाकिस्तान की तरफ से मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर इस प्रकार का बयान सामने आना राजनीतिक चर्चा का एक नया और बड़ा विषय बन सकता है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच ऐतिहासिक रूप से कभी भी अच्छे और मधुर संबंध नहीं रहे हैं। सीमा पार से फैलने वाले आतंकवाद के मुद्दे को लेकर भारत हमेशा से पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लताड़ता रहा है और अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराता रहा है। आतंकवाद के समर्थन और अपनी नीतियों के कारण वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान की कई बार भारी किरकिरी भी हो चुकी है और अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान के इस अप्रत्याशित बयान के बाद भगवंत मान या भारत सरकार की तरफ से क्या आधिकारिक उत्तर दिया जाता है।

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