इंडियन प्रीमियर लीग के एक बेहद रोमांचक और महत्वपूर्ण मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने पंजाब किंग्स के खिलाफ एक यादगार जीत दर्ज की है। धर्मशाला के खूबसूरत मैदान पर खेले गए इस 'करो या मरो' के मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए पंजाब किंग्स को 3 विकेट से शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही दिल्ली कैपिटल्स ने टूर्नामेंट के प्लेऑफ की दौड़ में खुद को मजबूती से बरकरार रखा है। दिल्ली के लिए यह मुकाबला जीतना हर हाल में अनिवार्य था, क्योंकि यहां एक भी हार उन्हें सीधे टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा सकती थी और लगातार दो मैच हारने के बाद दिल्ली ने इस अहम मोड़ पर जबरदस्त वापसी की और इस सीजन की अपनी पांचवीं जीत दर्ज की। दूसरी ओर, पंजाब किंग्स के लिए यह हार किसी बड़े झटके से कम नहीं है, क्योंकि एक समय लगातार सात मैच जीतने वाली यह टीम अब लगातार चौथी हार झेलने पर मजबूर है।
पंजाब किंग्स की आक्रामक शुरुआत और प्रियांश आर्या का तूफान
धर्मशाला में इस सीजन का यह पहला ही मुकाबला था, जो पंजाब किंग्स के दूसरे होम ग्राउंड के रूप में जाना जाता है और पंजाब ने टॉस के बाद बल्लेबाजी करते हुए बेहद आक्रामक और सकारात्मक शुरुआत की। टीम के ओपनर प्रियांश आर्या ने मैच की पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर अपने इरादे पूरी तरह साफ कर दिए थे। 4 ओवरों में ही टीम का स्कोर 50 रनों के आंकड़े को पार कर गया था। प्रियांश आर्या ने पावरप्ले का भरपूर फायदा उठाया और सिर्फ 24 गेंदों में अपना शानदार अर्धशतक पूरा कर लिया। उनकी इस विस्फोटक पारी ने पंजाब को एक विशाल स्कोर की ओर अग्रसर किया। हालांकि, इस तेज शुरुआत के बाद पारी की रफ्तार में अचानक कुछ गिरावट देखी गई और दिल्ली के गेंदबाजों ने वापसी की कोशिश की।
मध्यक्रम का योगदान और सूर्यांश शेडगे की फिनिशिंग
प्रियांश आर्या के आउट होने के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने पारी को संभाला और एक सधा हुआ अर्धशतक जमाया। उनके साथ कूपर कॉनोली ने भी मैदान पर उपयोगी पारी खेली, जिससे टीम का स्कोर लगातार बढ़ता रहा। एक समय ऐसा लग रहा था कि पंजाब किंग्स 220 से अधिक का स्कोर खड़ा करने में सफल रहेगी, लेकिन दिल्ली के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में रनों पर अंकुश लगाया। अंत में सूर्यांश शेडगे ने मोर्चा संभाला और केवल 8 गेंदों में 21 रनों की छोटी लेकिन बेहद प्रभावी कैमियो पारी खेलकर टीम को 200 के पार पहुंचाया। पंजाब ने दिल्ली के सामने जीत के लिए 211 रनों का विशाल लक्ष्य रखा। दिल्ली की ओर से गेंदबाजी में मिचेल स्टार्क और अपना सिर्फ दूसरा आईपीएल मैच खेल रहे मीडियम पेस-ऑलराउंडर माधव तिवारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2-2 विकेट चटकाए।
दिल्ली कैपिटल्स की खराब शुरुआत और पावरप्ले का संघर्ष
211 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत बेहद निराशाजनक और चिंताजनक रही। पावरप्ले के दौरान ही दिल्ली ने अपने शुरुआती तीन महत्वपूर्ण बल्लेबाजों के विकेट खो दिए थे और टीम का स्कोर केवल 33 रन था। पंजाब के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने दो विकेट लेकर दिल्ली की कमर तोड़ दी थी, जबकि अपना इस सीजन का पहला मैच खेल रहे यश ठाकुर ने भी एक सफलता हासिल की और शुरुआती झटकों के बाद ऐसा लग रहा था कि दिल्ली यह मैच आसानी से हार जाएगी और प्लेऑफ की रेस से बाहर हो जाएगी। लेकिन यहां से कप्तान अक्षर पटेल ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली और मैच का पूरा पासा ही पलट दिया।
कप्तान अक्षर पटेल की विस्फोटक पारी और दिल्ली की जीत
पूरे सीजन में बल्ले से संघर्ष कर रहे कप्तान अक्षर पटेल ने इस मैच में अपनी असली क्लास दिखाई। इस मैच से पहले अक्षर ने पिछली 8 पारियों में केवल 44 रन बनाए थे और उनके बल्ले से एक भी छक्का नहीं निकला था। लेकिन इस महत्वपूर्ण मुकाबले में उन्होंने न केवल सीजन का अपना पहला छक्का लगाया, बल्कि सिर्फ 30 गेंदों में 56 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर टीम की वापसी कराई। अक्षर पटेल को अनुभवी डेविड मिलर और युवा ऑलराउंडर माधव तिवारी का भरपूर साथ मिला। इन तीनों की सूझबूझ भरी पारियों की बदौलत दिल्ली ने 19 ओवरों में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। माधव तिवारी ने गेंद के बाद बल्ले से भी अहम योगदान दिया, जिससे दिल्ली ने 3 विकेट से जीत दर्ज की और पंजाब को लगातार चौथी हार थमा दी।
इस जीत के साथ दिल्ली कैपिटल्स ने अंक तालिका में अपनी स्थिति सुधारी है और प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखा है और वहीं पंजाब किंग्स को अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना होगा क्योंकि उनकी लगातार हार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अक्षर पटेल की कप्तानी पारी ने दिल्ली के खेमे में नई ऊर्जा भर दी है।