80वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने 13वीं बार फहराया तिरंगा

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80वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने 13वीं बार फहराया तिरंगा
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भारत आज अपनी आजादी की 80वीं वर्षगांठ को पूरे उत्साह और देशभक्ति के साथ मना रहा है। इस ऐतिहासिक 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराया। यह क्षण देश के लिए अत्यंत गौरवशाली रहा क्योंकि लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम का गायन किया गया। प्रधानमंत्री द्वारा ध्वजारोहण किए जाने के बाद राष्ट्रगान की धुन गूंजी और भारतीय सेना द्वारा 21 तोपों की सलामी दी गई, जो राष्ट्र की संप्रभुता का प्रतीक है।

युवा शक्ति और आत्मनिर्भरता का संकल्प

लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का विजन साझा किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत को अब दूसरे देशों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि हमें हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा। पीएम ने रेखांकित किया कि पिछले 12 साल में देश ने विकास की अभूतपूर्व रफ्तार पकड़ ली है। इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह में युवाओं को केंद्र में रखा गया है। ज्ञानपथ पर 2500 NCC कैडेट और मॉय भारत वॉलंटियर्स ने मिलकर वंदे मातरम की एक भव्य आकृति बनाई, जो युवाओं के जोश और समर्पण को प्रदर्शित करती है।

सुरक्षा व्यवस्था और विशिष्ट अतिथि

इस भव्य कार्यक्रम की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था में 15000 से 20000 जवान तैनात किए गए हैं। पूरे क्षेत्र की निगरानी के लिए 1000 से ज्यादा CCTV कैमरों का उपयोग किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनने के लिए 5000 स्पेशल गेस्ट लाल किले पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री ने देश के भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत की।

रेलवे और तकनीक में क्रांतिकारी बदलाव

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में देश की तकनीकी प्रगति का जिक्र करते हुए बताया कि देश में पहली बार हाइड्रोजन से ट्रेन चली है और उन्होंने रेलवे के विकास की तुलना करते हुए कहा कि पिछले 90 साल में रेल का इलेक्ट्रीफिकेशन हुआ था, लेकिन हमने पिछले 10 साल में ही 70 फीसदी इलेक्ट्रीफिकेशन का काम पूरा कर लिया है। पीएम ने जंग के समय फैली अफवाहों का भी जिक्र किया और उन्होंने कहा कि संकट के दौरान कुछ लोगों ने यह अफवाह फैलाई कि गैस और पेट्रोल नहीं मिलेगा। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि संकट के समय भी कुछ लोगों ने संसाधनों को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया।

सेमीकंडक्टर और ऊर्जा सुरक्षा में महारत

पीएम मोदी ने घोषणा की कि भारत जल्द ही सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स और एनर्जी सिक्योरिटी में महारत हासिल करेगा। उन्होंने जानकारी दी कि देश में 3 सेमीकंडक्टर प्लांट पहले ही शुरू हो चुके हैं और आने वाले समय में 4 से 5 और प्लांट शुरू किए जाएंगे। ऊर्जा के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि ऊर्जा के बिना नई दुनिया को चलाना मुश्किल होगा और ऊर्जा सुरक्षा आज दुनिया की सबसे जरूरी मांग है। भारत ने साल 2047 तक 100 गीगावाट एटमी एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य रखा है।

सौर ऊर्जा और पाइप गैस का विस्तार

प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 से पहले केवल 70 शहरों में पाइप से गैस भेजी जाती थी, लेकिन पिछले 12 साल में हमने इसे 700 शहरों तक पहुंचा दिया है, जिससे 1 करोड़ 75 लाख घरों को लाभ मिल रहा है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। 2014 से पहले सोलर एनर्जी की कैपेसिटी सिर्फ 2 गीगावाट थी, जो आज बढ़कर 160 गीगावाट हो गई है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 50 लाख घरों में सोलर एनर्जी का काम तेजी से चल रहा है। इससे हजारों घरों का बिजली बिल जीरो हो गया है और लोग बिजली बेचकर कमाई भी कर रहे हैं।

विकास की तेज रफ्तार और गरीब कल्याण

पिछले 12 वर्षों के आंकड़ों को साझा करते हुए पीएम ने बताया कि डिफेंस प्रोडक्शन 4 गुना, खादी और ग्रामोद्योग 5 गुना और इलेक्ट्रिक मैन्यूफैक्चरिंग 7 गुना बढ़ गई है। रेलवे कोच का निर्माण 21 गुना और मोबाइल फोन का उत्पादन 33 गुना बढ़ा है। इंटरनेट यूजर 4 गुना और डिजिटल ट्रांजेक्शन में 100 गुना की वृद्धि हुई है। जन कल्याणकारी योजनाओं की गति पर उन्होंने कहा कि हर साल औसतन 15 गुना ज्यादा तेजी से नल से जल कनेक्शन दिए गए हैं। गैस कनेक्शन देने की रफ्तार 6 गुनी बढ़ी है, टॉयलेट बनाने की गति 4 गुनी हुई है और गरीबों को घर देने का काम 3 गुना ज्यादा तेजी से किया गया है।

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