प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत से पहले सोशल मीडिया के माध्यम से संवाद और सद्भाव का एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि अगले कुछ दिनों में दुनियाभर के नेता ब्रिक्स समिट के लिए जुटेंगे। उन्होंने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि इस सम्मेलन में विश्व कल्याण की कामना के साथ विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी और राजधानी दिल्ली को इस भव्य आयोजन के लिए विशेष रूप से सजाया और संवारा गया है और सुरक्षा के भी अत्यंत कड़े इंतजाम किए गए हैं।
सज्जनों की संगति और संस्कृत श्लोक का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश के साथ संस्कृत का एक श्लोक भी साझा किया जो इस प्रकार है: सद्भिरेव सहासीत सद्भिः कुर्वीत सङ्गतिम् और सद्भिर्विवादं मैत्रीं च नासद्भिः किंचिदाचरेत्॥ इस श्लोक का अर्थ विस्तार से समझाते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि मनुष्य को हमेशा सज्जनों के साथ रहना चाहिए और उन्हीं की संगति करनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सज्जनों के साथ ही विचार-विमर्श और मैत्रीपूर्ण व्यवहार करना चाहिए। इसका कारण यह है कि आपसी परस्पर सद्भाव, संवाद और मैत्रीपूर्ण संबंध ही शांति तथा सहयोग को सुदृढ़ करने का आधार बनते हैं। यह संदेश अंतरराष्ट्रीय मंच पर सहयोग और शांति की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी निगरानी
ब्रिक्स समिट की संवेदनशीलता को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बना दिया गया है। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस के 15000 जवानों को तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त, अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनी भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनी हैं। पूरी दिल्ली में चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 500 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों में उच्च क्षमता वाले हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों के साथ-साथ चेहरे की पहचान करने वाली प्रणाली (फेसियल रिकग्निशन) और गाड़ियों की नंबर प्लेट पहचानने वाले कैमरे भी शामिल किए गए हैं। इन सभी कैमरों के माध्यम से 24 घंटे लगातार निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक न हो।
ट्रैफिक एडवाइजरी और वीवीआईपी मूवमेंट
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने समिट के दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। ट्रैफिक एडवाइजरी में कहा गया है कि समिट के मद्देनजर पूरी दिल्ली को बंद नहीं किया जाएगा। हालांकि, अति गणमान्य व्यक्तियों (वीवीआईपी) के काफिलों की आवाजाही के दौरान कुछ रास्तों पर अस्थायी रूप से गाड़ियों को रोका जा सकता है। इसके अलावा, सुरक्षा और सुगम यातायात के लिए कुछ रूट में बदलाव किए जा सकते हैं या कुछ विशिष्ट रास्तों पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है ताकि अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की आवाजाही में कोई बाधा न आए।
वैश्विक नेताओं का आगमन और भागीदारी
इस महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज शुक्रवार सुबह ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी समिट में शामिल होने की पुष्टि कर दी है और वह कल दिल्ली पहुंचेंगे। उल्लेखनीय है कि शी जिनपिंग 7 साल के लंबे अंतराल के बाद भारत के दौरे पर आ रहे हैं। समिट में शामिल होने वाले अन्य प्रमुख नेताओं में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी शामिल हैं। इनके अलावा अबू धाबी के शहजादे मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख भी इस सम्मेलन का हिस्सा बनेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कल गुरुवार को एक वीडियो पोस्ट कर यह भी बताया था कि ब्रिक्स समिट 2026 को लेकर सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं।