पीएम मोदी ने युवाओं की तारीफ कर राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा 56 साल के युवा की बात नहीं कर रहा

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पीएम मोदी ने युवाओं की तारीफ कर राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा 56 साल के युवा की बात नहीं कर रहा
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर इशारों-इशारों में बड़ा हमला बोला है। देश के युवाओं की शानदार उपलब्धियों की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह 56 साल के किसी युवा की बात नहीं कर रहे हैं। सोमवार से संसद का मॉनसून सत्र शुरू हो गया है और सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री ने मीडिया से औपचारिक बातचीत की। इस दौरान पीएम मोदी ने सभी विपक्षी दलों से सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने देश की हालिया बड़ी उपलब्धियों का जिक्र किया और विशेष रूप से स्काईरूट द्वारा विकसित भारत के पहले निजी रॉकेट विक्रम-1 की सफल उड़ान की सराहना की।

राहुल गांधी पर इशारों में निशाना

संसद सत्र शुरू होने से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर कटाक्ष किया। अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश के युवाओं ने अंतरिक्ष में एक नई और ऊंची उड़ान भरी है। इसी संदर्भ में उन्होंने आगे कहा कि वह 56 साल के किसी नौजवान की बात नहीं कर रहे हैं। प्रधानमंत्री का यह बयान सीधे तौर पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर इशारा माना जा रहा है। पीएम मोदी ने यह स्पष्ट किया कि उनकी प्रशंसा उन वास्तविक युवाओं के लिए है जिन्होंने अपनी मेहनत और नवाचार से देश का नाम रोशन किया है।

स्काईरूट और विक्रम-1 की ऐतिहासिक सफलता

प्रधानमंत्री ने दो दिन पहले हुई विक्रम-1 की सफल उड़ान का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर काम करने वाली टीम की औसत उम्र केवल 28 साल है। पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि स्काईरूट स्टार्टअप में काम करने वाली पूरी टीम की औसत आयु मात्र 28 वर्ष है। इन्हीं युवाओं ने अंतरिक्ष में भारत का झंडा गाड़ा है और यह एक बहुत बड़ी सिद्धि है। " उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युवा स्टार्टअप्स ने जो कर दिखाया है, वह भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक नया अध्याय है और दुनिया के बहुत कम देशों में ऐसा निजी उद्यम देखने को मिलता है।

देश के लिए गर्व के क्षण

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले एक महीने में देश ने कई ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनसे हर भारतीय नागरिक का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। चाहे वह राष्ट्रीय मंच हो, अंतरराष्ट्रीय स्तर हो या फिर अंतरिक्ष, भारत के लिए ये पल वास्तव में ऐतिहासिक रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले साल मॉनसून सत्र से ठीक पहले एक भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुँचा था। और अब एक युवा भारतीय स्टार्टअप ने इतनी बड़ी कामयाबी हासिल की है। उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक पहचान को अब हर जगह मान्यता मिल रही है और यह कोई संयोग नहीं है। यह हमारे देश के युवाओं की असीम क्षमता और उनकी ऊंची उम्मीदों का एक मजबूत संदेश है।

संसद में सार्थक चर्चा की अपील

सदन की कार्यवाही को लेकर प्रधानमंत्री ने विपक्ष से सार्थक चर्चा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि संसद का चलना और वहां सार्थक बहस होना समय की मांग है और पीएम मोदी ने यह भी कहा कि जो आवाजें राष्ट्रभक्ति के लिए जी रही हैं, उन्हें संसद में उचित मंच मिलना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जहां तथ्यों और तर्कों के आधार पर बात होती है, वहां हंगामे या तूफान के लिए कोई जगह नहीं होती। प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से अपील की कि वे सदन के समय का सदुपयोग करें और देश के विकास से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा करें।

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