प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लोकसभा में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 की सराहना करते हुए इसे एक 'ऐतिहासिक' दस्तावेज करार दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा अपना लगातार नौवां बजट पेश किए जाने के बाद, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बजट 'विकसित भारत 2047' के विजन को साकार करने की दिशा में एक अत्यंत मजबूत नींव है। प्रधानमंत्री के अनुसार, यह बजट देश की अर्थव्यवस्था को 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर सवार करता है, जो वर्तमान की आकांक्षाओं को वास्तविकता में बदलने की क्षमता रखता है।
यह बजट मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का नौवां बजट है। बजट में बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर), एमएसएमई (MSME) और युवा शक्ति पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि यह बजटीय प्रावधान न केवल आर्थिक विकास को गति देंगे, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को और अधिक सुदृढ़ करेंगे। उन्होंने वित्त मंत्री को इस समावेशी बजट के लिए बधाई दी।
रिफॉर्म एक्सप्रेस और आर्थिक गतिशीलता
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का भारत सुधारों की जिस रफ्तार पर चल रहा है, यह बजट उसे नई ऊर्जा और गति प्रदान करेगा। उन्होंने 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' शब्द का उपयोग करते हुए यह संकेत दिया कि सरकार नीतिगत सुधारों के माध्यम से विकास की बाधाओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रधानमंत्री के अनुसार, ये सुधार भारत के साहसी और प्रतिभाशाली युवाओं के लिए संभावनाओं का एक 'खुला आसमान' तैयार करेंगे, जिससे उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के व्यापक अवसर मिलेंगे। यह बजट प्रशासनिक और आर्थिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
युवाओं और छोटे व्यापारियों के लिए अवसर
बजट 2026 में युवाओं और लघु उद्योगों के लिए किए गए प्रावधानों पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बजट अपार अवसरों का द्वार है। उन्होंने उल्लेख किया कि छोटे व्यापारियों और एमएसएमई क्षेत्र को इस बजट से काफी लाभ होने की उम्मीद है और भारत के दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर होने के साथ, प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष आवंटन किए गए हैं, जो स्थानीय व्यापार को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाएंगे।
नारी शक्ति और सामाजिक सशक्तिकरण
प्रधानमंत्री ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लगातार नौवीं बार बजट पेश कर रिकॉर्ड बनाने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह बजट देश की महिला शक्ति के सशक्तिकरण को दर्शाता है। बजट में महिलाओं के लिए विशेष योजनाओं और वित्तीय आवंटन का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने इसे सामाजिक समावेश की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उनके अनुसार, विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महिलाओं की आर्थिक भागीदारी अनिवार्य है और यह बजट उस दिशा में ठोस प्रयास करता है और महिला केंद्रित विकास को इस बजट के मुख्य स्तंभों में से एक के रूप में देखा जा रहा है।
वैश्विक स्थिति और बुनियादी ढांचे का विश्लेषण
आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, बुनियादी ढांचे और वैश्विक स्थिति पर बजट का ध्यान भारत को एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बजट से भारत की ग्लोबल पोजीशन मजबूत होगी और बुनियादी ढांचे में निवेश से न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि रसद (लॉजिस्टिक्स) की लागत में भी कमी आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि रिफॉर्म एक्सप्रेस की यह अवधारणा तकनीकी नवाचार और सतत विकास के साथ मिलकर भारतीय अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ पहुंचा सकती है।
निष्कर्ष के तौर पर, केंद्रीय बजट 2026 को एक दूरदर्शी दस्तावेज के रूप में देखा जा रहा है जो तात्कालिक आर्थिक चुनौतियों और भविष्य के लक्ष्यों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करता है। प्रधानमंत्री मोदी का बयान सरकार की उस प्रतिबद्धता को दोहराता है जिसमें सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन (Reform, Perform, and Transform) को प्राथमिकता दी गई है। आने वाले समय में इन घोषणाओं का जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन ही विकसित भारत के मार्ग को प्रशस्त करेगा।