पीएम मोदी का उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान का 4 दिवसीय दौरा आज से शुरू, एससीओ शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल

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पीएम मोदी का उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान का 4 दिवसीय दौरा आज से शुरू, एससीओ शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 29 (शनिवार) अगस्त से 1 सितंबर तक दो मध्य एशियाई देशों, उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के चार दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार 28 अगस्त को इस यात्रा की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह दौरा भारत की 'कनेक्ट सेंट्रल एशिया' नीति के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेंगे, बल्कि एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय मंच पर भारत का पक्ष भी रखेंगे।

उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा और द्विपक्षीय वार्ता

प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के पहले चरण में 29-30 अगस्त को उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। यह यात्रा उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोयेव के विशेष निमंत्रण पर हो रही है और उल्लेखनीय है कि मध्य एशियाई देश की यह उनकी चौथी यात्रा होगी, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक महत्व को दर्शाती है। ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मिर्ज़ियोयेव के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की व्यापक वार्ता होगी। इस दौरान दोनों नेता व्यापार और निवेश, रक्षा सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और जन-समुदायों के बीच आपसी आदान-प्रदान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा करेंगे।

साझा विकास लक्ष्य: विकसित भारत 2047 और उज्बेकिस्तान 2030

इस द्विपक्षीय वार्ता का एक मुख्य केंद्र दोनों देशों के भविष्य के विकास लक्ष्यों का तालमेल होगा और प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, दोनों नेता भारत-उज़्बेकिस्तान रणनीतिक साझेदारी की भविष्य की दिशा तय करने पर चर्चा करेंगे। वे "विकसित भारत 2047" और "उज़्बेकिस्तान 2030" के साझा विकास नजरिए को आगे बढ़ाने के तरीकों पर अपने विचारों को साझा करेंगे। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री मोदी ताशकंद में शास्त्री स्मारक पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। वह ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में स्थित महात्मा गांधी केंद्र का भी दौरा करेंगे, जो भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है।

बिश्केक में 26वां एससीओ शिखर सम्मेलन

उज्बेकिस्तान के बाद, प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के दूसरे चरण में 31 अगस्त और 1 सितंबर को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचेंगे। वह किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव के निमंत्रण पर शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में शिरकत करेंगे। यह शिखर सम्मेलन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि एससीओ इस वर्ष अपनी स्थापना की 25वीं वर्षगांठ मना रहा है। भारत साल 2017 में एससीओ का पूर्ण सदस्य बना था और तब से वह इस यूरेशियाई राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा समूह में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

क्षेत्रीय सुरक्षा और वर्ल्ड नोमाड गेम्स

प्रधानमंत्री मोदी शिखर सम्मेलन के मुख्य सत्र को संबोधित करेंगे, जिसमें वह सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसरों से जुड़ी भारत की प्राथमिकताओं को रेखांकित करेंगे और इस सम्मेलन के हाशिए पर वह कई एससीओ सदस्य देशों के नेताओं के साथ अलग से द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत, प्रधानमंत्री मध्य एशिया की समृद्ध विरासत के उत्सव, 6वें वर्ल्ड नोमाड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे। एससीओ मंच का उपयोग भारत लगातार आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने, क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने और आर्थिक अवसरों के विस्तार की वकालत करने के लिए करता रहा है। प्रधानमंत्री की यह यात्रा इन सभी मुद्दों पर भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूती प्रदान करेगी।

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