मध्यप्रदेश: में जारी सियासी उठापटक के बीच मंगलवार सुबह कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह बंगलूरू के रामदा होटल के पास बागी विधायकों से मिलने को लेकर धरने पर बैठ गए। जहां से पुलिस ने उन्हें हटाया और थाने लेकर चली गई। उन्हें बंगलूरू पुलिस ने एहतियातन हिरासत में लिया हुआ है। जहां वे भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उनके साथ मध्यप्रदेश कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा और कांतिलाल भूरिया मौजूद हैं। वहीं आज उच्चतम न्यायालय भाजपा की बहुमत परीक्षण कराने वाली याचिका पर सुनवाई करेगी। माना जा रहा है कि अदालत कोई अहम फैसला दे सकती है।
भूख हड़ताल पर बैठे दिग्विजय
बंगलूरू पुलिस दिग्विजय को अमरुतहल्ली पुलिस स्टेशन लेकर पहुंची है। जहां उन्हें एहतियातन पुलिस हिरासत में रखा गया है। सिंह का कहना है कि वह अब भूख हड़ताल पर हैं। वह रामादा होटल के पास विधायकों से मिलने के लिए धरने पर बैठे हुए थे। जहां से पुलिस ने उन्हे हटा दिया है।
भाजपा सरकार कर रही शक्तियों का दुरुपयोग
Congress leader Digvijaya Singh has been taken to Amruthahalli Police Station in Bengaluru. He says that he is on a hunger strike now. He has been placed under preventive arrest. He was sitting on a dharna near Ramada hotel, allegedly after he wasn't allowed by Police to visit it https://t.co/G0QknzQ3Dp pic.twitter.com/DRhtXEQuwb
— ANI (@ANI) March 18, 2020
कर्नाटक कांग्रेस के कद्दावर नेता डीके शिवकुमार ने कहा, 'राज्य की भाजपा सरकार शक्तियों का दुरुपयोग कर रही है। हमारी अपनी राजनीतिक रणनीति है। हमें पता है कि इस परिस्थिति को कैसे संभालना है। वह यहां अकेले नहीं हैं। मैं यहां हूं। मुझे पता है कि उनका साथ कैसे देना है, लेकिन मैं कर्नाटक में कानून व्यवस्था को बिगाड़ना नहीं चाहता।'
विधायकों से मिलने नहीं दे रही है पुलिस
दिग्विजय सिंह ने कहा कि पुलिस हमें अपने विधायकों से मिलने नहीं दे रही है। मैं मध्यप्रदेश से राज्यसभा का उम्मीदवार हूं। 26 मार्च को मतदान होना है। मेरे विधायकों को यहां रखा गया है। वे मुझसे बात करना चाहते हैं, उनके फोन छीन लिए गए हैं। पुलिस मुझे यह बोलने नहीं दे रही है कि विधायकों के लिए सुरक्षा का खतरा है।
बागी विधायकों ने की थी प्रेस कांफ्रेंस
बता दें कि इससे पहले मंगलवार को बंगलूरू में मौजूद बागी कांग्रेसी विधायकों ने मीडिया से बातचीत की। जिसमें उन्होंने कहा कि वह कमलनाथ सरकार की कार्यशैली से खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया हमारे नेता हैं। हम भोपाल लौटने के लिए तैयार हैं लेकिन हमें केंद्रीय सुरक्षा दी जाए। वहीं भाजपा में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम इसपर अभी विचार कर रहे हैं। उन्होंने अपने ऊपर भाजपा द्वारा बंधक बनाए जाने पर कहा कि वह अपनी मर्जी से आए हैं। बागी विधायकों ने कहा, 'हमें मजबूरी में साथ छोड़ना पड़ा। हम बंधक नहीं हैं, अपनी इच्छा से यहां आए हैं।