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पुतिन और ट्रंप के बीच 90 मिनट की वार्ता: यूक्रेन युद्धविराम और ईरान पर बड़ी चर्चा

पुतिन और ट्रंप के बीच 90 मिनट की वार्ता: यूक्रेन युद्धविराम और ईरान पर बड़ी चर्चा
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार को एक लंबी और महत्वपूर्ण फोन बातचीत हुई। क्रेमलिन द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह बातचीत डेढ़ घंटे से भी अधिक समय तक चली। इस संवाद को 'दोस्ताना और व्यावसायिक' करार दिया गया है। बातचीत के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन में जारी संघर्ष को लेकर एक बड़ा प्रस्ताव पेश किया, जिसमें उन्होंने अगले महीने द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति की वर्षगांठ यानी 'विक्ट्री डे' के अवसर पर अस्थायी युद्धविराम लागू करने का सुझाव दिया और राष्ट्रपति ट्रंप ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया और इसे एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

यूक्रेन संघर्ष और जेलेंस्की सरकार पर साझा रुख

क्रेमलिन के मुताबिक, बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने विश्वास जताया कि यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक समझौता अब काफी करीब है। वहीं, राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन पर 'आतंकवादी तरीकों' का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। दोनों नेताओं ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की सरकार के रवैये पर भी गहन चर्चा की। पुतिन और ट्रंप दोनों इस बात पर एकमत दिखे कि कीव सरकार का वर्तमान व्यवहार इस संघर्ष को अनावश्यक रूप से लंबा खींच रहा है। उल्लेखनीय है कि ट्रंप पहले भी जेलेंस्की के प्रति अपनी नाखुशी जाहिर कर चुके हैं और यूक्रेन पर संघर्षविराम के लिए दबाव बनाने की बात कहते रहे हैं।

ईरान परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व पर चेतावनी

इस फोन कॉल के दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। पुतिन ने इस जटिल मुद्दे को सुलझाने के लिए कुछ नए और रणनीतिक सुझाव साझा किए। उन्होंने ईरान के साथ युद्धविराम की अवधि बढ़ाने के ट्रंप के फैसले का समर्थन किया और हालांकि, पुतिन ने अमेरिका और इजराइल को चेतावनी भी दी कि यदि मध्य पूर्व में फिर से कोई सैन्य कार्रवाई की जाती है, तो इसके परिणाम अत्यंत गंभीर और नुकसानदेह हो सकते हैं। क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने यह भी बताया कि पुतिन ने हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले की कोशिश की कड़े शब्दों में निंदा की और उनके प्रति अपनी चिंता व्यक्त की।

आर्थिक सहयोग और भविष्य की रणनीतियां

दोनों वैश्विक नेताओं ने केवल सुरक्षा मुद्दों पर ही नहीं, बल्कि भविष्य के आर्थिक संबंधों पर भी चर्चा की। इसमें संभावित आर्थिक और ऊर्जा परियोजनाओं को लेकर बातचीत हुई, जिससे आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग की नई संभावनाएं बन सकती हैं। करीब 90 मिनट तक चली इस विस्तृत चर्चा का समापन दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गर्मजोशी के साथ विदाई देकर किया।

पुतिन और ट्रंप के बीच हुई इस बातचीत को अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यूक्रेन युद्धविराम, ईरान का मुद्दा और मध्य पूर्व की अस्थिर स्थिति जैसे बड़े विषयों पर दोनों नेताओं की सहमति और चर्चा यह संकेत देती है कि आने वाले दिनों में वैश्विक कूटनीतिक गतिविधियों में तेजी आ सकती है। यह संवाद रूस और अमेरिका के बीच भविष्य के संबंधों की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

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