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राघव चड्ढा ने मुंबई एयरपोर्ट पर 10 रुपये में पी चाय, साझा किया वीडियो

राघव चड्ढा ने मुंबई एयरपोर्ट पर 10 रुपये में पी चाय, साझा किया वीडियो
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आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने मुंबई हवाई अड्डे पर किफायती खान-पान की उपलब्धता को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट साझा किया है। सांसद ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वे मुंबई एयरपोर्ट पर स्थित 'उड़ान यात्री कैफे' में मात्र 10 रुपये में चाय का लुत्फ उठाते नजर आ रहे हैं। इस दौरान उन्होंने चाय का बिल भी दिखाया, जो हवाई अड्डों पर आमतौर पर मिलने वाली महंगी खाद्य वस्तुओं के विपरीत एक किफायती विकल्प के रूप में सामने आया है।

सांसद राघव चड्ढा ने बताया कि वे दिल्ली के लिए अपनी उड़ान से पहले हवाई अड्डे पर रुके थे। उन्होंने वहां मौजूद अन्य यात्रियों से भी बातचीत की और उनकी प्रतिक्रियाएं लीं। चड्ढा के अनुसार, यात्री इस किफायती सेवा से संतुष्ट दिखे और उन्होंने इसे 'पैसे वसूल' सेवा करार दिया। यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हवाई अड्डों पर खाद्य पदार्थों की अत्यधिक कीमतों को लेकर अक्सर आम यात्रियों द्वारा शिकायतें की जाती रही हैं।

संसद में उठाई गई मांगों का संदर्भ

राघव चड्ढा राज्यसभा में मध्यम वर्ग और आम आदमी से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने पूर्व में संसद के सत्रों के दौरान हवाई अड्डों पर मिलने वाले महंगे भोजन और पानी की बोतलों की कीमतों का मुद्दा उठाया था और उन्होंने सरकार से मांग की थी कि हवाई अड्डों पर ऐसी कैंटीन या कैफे खोले जाने चाहिए जहां आम यात्री किफायती दरों पर भोजन और पेय पदार्थ प्राप्त कर सकें। मुंबई एयरपोर्ट पर 10 रुपये की चाय पीना उनकी इसी मांग की दिशा में एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

उड़ान यात्री कैफे: एक सरकारी पहल

'उड़ान यात्री कैफे' केंद्र सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) की एक विशेष पहल है। इस परियोजना का प्राथमिक उद्देश्य हवाई अड्डों पर यात्रियों को स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण और किफायती भोजन उपलब्ध कराना है। यह कैफे उन यात्रियों के लिए एक बड़े विकल्प के रूप में उभरा है जो हवाई अड्डों के प्रीमियम लाउंज या महंगे रेस्टोरेंट में खर्च करने में असमर्थ होते हैं। मंत्रालय के अनुसार, यह पहल हवाई यात्रा को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक कदम है।

हवाई अड्डों पर महंगाई से राहत

ऐतिहासिक रूप से भारत के प्रमुख हवाई अड्डों पर खान-पान की वस्तुएं बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमतों पर बेची जाती रही हैं। कई मामलों में पानी की एक बोतल के लिए 100 रुपये और साधारण स्नैक्स जैसे समोसे के लिए 150 से 200 रुपये तक वसूले जाते थे। 'उड़ान यात्री कैफे' की शुरुआत के बाद, यात्रियों को अब 10 रुपये में चाय और अन्य किफायती स्नैक्स उपलब्ध हो रहे हैं। इससे विशेष रूप से मध्यम वर्ग के यात्रियों को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें पहले मजबूरी में महंगी वस्तुएं खरीदनी पड़ती थीं।

विस्तार योजना और भविष्य के लक्ष्य

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है। इस श्रृंखला का पहला कैफे दिसंबर 2024 में कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुरू किया गया था। कोलकाता में इसकी सफलता के बाद इसे मुंबई जैसे अन्य प्रमुख शहरों में विस्तारित किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2026 तक देश के अधिकांश प्रमुख हवाई अड्डों, जो भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अंतर्गत आते हैं, वहां 'उड़ान यात्री कैफे' की सुविधा उपलब्ध करा दी जाए।

सांसद का संदेश और सार्वजनिक प्रतिक्रिया

राघव चड्ढा ने अपने वीडियो के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया है कि हवाई अड्डों पर किफायती भोजन संभव है और उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि यह इस बात का सबूत है कि सही नीतियों के साथ आम आदमी की जेब पर बोझ कम किया जा सकता है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को व्यापक प्रतिक्रिया मिल रही है, जहां लोग हवाई अड्डों पर इस तरह के और अधिक किफायती विकल्पों की मांग कर रहे हैं। सांसद ने उपभोक्ता अधिकारों और मध्यम वर्ग पर आर्थिक बोझ को कम करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।

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