राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले रावतभाटा क्षेत्र के मोहनपुरा गांव में इन दिनों जश्न का माहौल है। भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में चयनित होकर अपनी ट्रेनिंग पूरी करने और पहली ड्यूटी निभाने के बाद जब योगेश चौधरी अपने पैतृक गांव लौटे, तो उनका स्वागत किसी त्योहार की तरह किया गया। ग्रामीणों और परिजनों ने मिलकर इस पल को ऐतिहासिक बना दिया, जो अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
30 किलोमीटर लंबी भव्य तिरंगा यात्रा
योगेश चौधरी के सम्मान में एक विशाल तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा 30 किलोमीटर लंबी थी, जिसमें देशभक्ति के नारों और तिरंगे के साथ ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। रावतभाटा उपखंड क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से गुजरी इस यात्रा ने लोगों में जोश भर दिया। 30 किलोमीटर के इस सफर के दौरान जगह-जगह योगेश का स्वागत किया गया और सेना के प्रति उनके समर्पण की सराहना की गई।
47 गांवों का सामूहिक भोज और पिता का गर्व
बेटे की इस बड़ी उपलब्धि को यादगार बनाने के लिए पिता चतुर्भुज चौधरी ने कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने अपनी खुशी को साझा करने के लिए क्षेत्र के 47 गांवों के लोगों को सामूहिक भोज का निमंत्रण दिया। इस भव्य आयोजन में 47 गांवों के हजारों लोग शामिल हुए और योगेश के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बताया जा रहा है कि इस पूरे समारोह और भोज के आयोजन पर परिवार ने लगभग 2 लाख 50000 रुपये खर्च किए। यह आयोजन न केवल एक परिवार की खुशी थी, बल्कि पूरे समाज के लिए गर्व का क्षण था।
योगेश चौधरी का चयन 27 दिसंबर 2025 को भारतीय सेना की अग्निवीर योजना के तहत हुआ था। अपनी कठिन ट्रेनिंग और पहली ड्यूटी के बाद घर वापसी पर उनकी मां मधु देवी ने अपनी खुशी जाहिर की। मधु देवी ने कहा कि उनके बेटे ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और अटूट समर्पण के बल पर यह मुकाम पाया है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार को अपने बेटे पर गर्व है और उसकी यह सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनेगी।
युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत
मोहनपुरा और आसपास के ग्रामीणों का मानना है कि योगेश चौधरी की यह सफलता पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है और ग्रामीणों के अनुसार, इस तरह के भव्य सम्मान समारोहों से युवाओं में सेना में भर्ती होने और देश सेवा करने का जज्बा पैदा होता है। 47 गांवों के लोगों की मौजूदगी और 30 किलोमीटर की तिरंगा यात्रा ने यह साबित कर दिया कि देश सेवा करने वालों का सम्मान सर्वोपरि है। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति का माहौल बना रहा और युवाओं ने योगेश से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।