राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को गोहत्या और गाय को 'राज्यमाता' का दर्जा देने की मांग को लेकर भारी हंगामा हुआ। प्रश्नकाल के दौरान शुरू हुआ यह विवाद इतना बढ़ गया कि सदन की कार्यवाही को दो बार स्थगित करना पड़ा। विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने जयपुर में हुई गोहत्या की घटनाओं को लेकर सरकार को घेरा, जबकि सत्ता पक्ष ने इन आरोपों का पुरजोर विरोध किया। सदन में कांग्रेस विधायकों द्वारा पोस्टर लहराए जाने पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
गोहत्या और राज्यमाता के दर्जे पर विवाद
सदन की कार्यवाही के दौरान भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य ने गाय को 'राज्यमाता' का दर्जा देने और गोवंश तस्करी से संबंधित सवाल पूछा था। इस प्रश्न के उत्तर में गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राज्य में गोहत्या रोकने के लिए कड़े कानून पहले से ही प्रभावी हैं। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मंत्री के जवाब को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि सरकार ने गाय को राज्यमाता का दर्जा देने के स्पष्ट सवाल पर कोई ठोस उत्तर नहीं दिया है। इसी दौरान कांग्रेस सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
सदन में पोस्टर और स्पीकर की नाराजगी
विवाद तब और गहरा गया जब टीकाराम जूली ने जयपुर की हिंगोनिया गौशाला का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले सप्ताह जयपुर में गोहत्या की घटना हुई और दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। जूली ने दावा किया कि इस मामले में एक भाजपा नेता का नाम भी सामने आ रहा है। इस दौरान कांग्रेस विधायक सदन के बीचों-बीच आकर पोस्टर लहराने लगे। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सदन में पोस्टर दिखाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने विधायकों को चेतावनी दी कि यदि वे योजनाबद्ध तरीके से सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाएंगे, तो उन्हें सहयोग की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
ट्रैफिक व्यवस्था और कैमरों पर तीखी बहस
प्रश्नकाल में ही कांग्रेस विधायक विकास चौधरी के एक सवाल पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए 2000 कैमरे लगाने की योजना पर काम कर रही है। इस पर टीकाराम जूली ने तंज कसते हुए कहा कि अकेले जयपुर शहर के लिए ही 2000 कैमरों की आवश्यकता है, ऐसे में पूरे राज्य के लिए यह संख्या बहुत कम है। गृह राज्य मंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार तेजी से काम कर रही है और विपक्ष को अपना नजरिया बदलने की जरूरत है। इस पर जूली ने कटाक्ष किया कि जनता को वह चश्मा दे दिया जाए जिससे उन्हें सड़कों पर जाम नजर न आए।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप
गोहत्या के मुद्दे पर बहस के दौरान भाजपा विधायक गोपाल शर्मा बिना अनुमति के खड़े होकर बोलने लगे, जिस पर सदन में शोर-शराबा बढ़ गया। स्पीकर ने उन्हें बैठने का निर्देश दिया और मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग को हस्तक्षेप करने को कहा। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। टीकाराम जूली ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि सरकार वास्तव में चल रही है या केवल खड़ी है। इसके जवाब में मंत्री बेढ़म ने कहा कि सरकार न केवल चल रही है बल्कि दौड़ रही है और इसकी गति से विपक्ष को परेशानी हो रही है।
सदन की कार्यवाही का स्थगन
हंगामे और नारेबाजी के बीच सदन की स्थिति अनियंत्रित होते देख विधानसभा अध्यक्ष ने सुबह 11 बजकर 41 मिनट पर कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। यह प्रश्नकाल के बाद दूसरी बार था जब सदन को स्थगित करना पड़ा। विपक्षी दल के सदस्यों ने सदन के बाहर भी अपना विरोध जारी रखा और सरकार पर गोवंश के संरक्षण में विफल रहने का आरोप लगाया। सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया।