राजस्थान निकाय चुनाव 2026: भाजपा का नया टिकट फॉर्मूला, दावेदारों को देने होंगे तीन और नाम

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राजस्थान निकाय चुनाव 2026: भाजपा का नया टिकट फॉर्मूला, दावेदारों को देने होंगे तीन और नाम
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राजस्थान में 309 नगरीय निकायों के चुनाव कार्यक्रम के ऐलान के साथ ही भारतीय जनता पार्टी ने टिकट वितरण की प्रक्रिया को काफी तेज कर दिया है। इसी सिलसिले में गुरुवार को पार्टी मुख्यालय पर निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पूर्व विधायकों, पूर्व प्रत्याशियों और पार्टी के अनुभवी नेताओं ने हिस्सा लिया और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने इस बैठक में चुनावी तैयारियों को लेकर कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ सीधा संवाद किया और जीत का मंत्र दिया।

टिकट वितरण का नया 19 बिंदुओं वाला फॉर्मूला

नगर निकाय चुनाव में टिकट वितरण को लेकर भाजपा ने इस बार स्क्रीनिंग का एक बिल्कुल नया फॉर्मूला अपनाया है और पार्टी ने दावेदारों के लिए 19 बिंदुओं वाला एक विस्तृत प्रोफार्मा तैयार किया है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह रखी गई है कि टिकट की दावेदारी करने वाले कार्यकर्ता को अपने नाम के साथ-साथ उसी वार्ड से तीन अन्य योग्य दावेदारों के नाम भी देने होंगे। दावेदारों को इन तीन नामों को प्राथमिकता के क्रम में सुझाना होगा। इस प्रक्रिया के माध्यम से पार्टी यह जानने की कोशिश कर रही है कि संबंधित वार्ड में दावेदार की नजर में उसके अलावा कौन-कौन से कार्यकर्ता चुनाव जीतने की क्षमता रखते हैं और इससे पार्टी के पास एक ही वार्ड के संभावित उम्मीदवारों का एक व्यापक पैनल तैयार हो जाएगा।

प्रोफार्मा में मांगी गई विस्तृत जानकारियां

भाजपा द्वारा तैयार किए गए इस प्रोफार्मा में दावेदार की संगठनात्मक सक्रियता, भाजपा की सदस्यता की अवधि, पूर्व में निभाए गए दायित्व, चुनाव लड़ने का अनुभव और स्थानीय स्तर पर उनकी पकड़ के बारे में विस्तार से जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा, उम्मीदवारों को अपने ऊपर चल रहे आपराधिक प्रकरणों, निकाय से जुड़े किसी भी प्रकार के बकाया और पूर्व में पार्टी द्वारा की गई किसी भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानकारी भी अनिवार्य रूप से देनी होगी। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए भाजपा व्यक्तिगत दावेदारी के बजाय वार्ड में सबसे अधिक 'जीताऊ' चेहरे का आकलन करने की तैयारी में है। टिकट चयन के दौरान दावेदार द्वारा सुझाए गए तीन नाम भी पार्टी के लिए फीडबैक का एक बड़ा आधार बनेंगे।

अनुभवी नेताओं और पूर्व विधायकों की भूमिका

पार्टी के वरिष्ठ नेता जोगाराम पटेल ने कहा कि भाजपा के पास ऐसे कई अनुभवी कार्यकर्ता हैं जो पूर्व में चुनाव लड़ चुके हैं या पूर्व विधायक रहे हैं। इन नेताओं के पास जमीनी स्तर की गहरी जानकारी और कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संपर्क है। निकाय चुनाव में उनके इस अनुभव का भरपूर इस्तेमाल किया जाएगा। भाजपा का प्रयास है कि इन अनुभवी नेताओं को चुनावी रणनीति का हिस्सा बनाया जाए और स्थानीय स्तर पर सबसे मजबूत उम्मीदवारों की पहचान करने में उनकी सक्रिय भूमिका तय की जाए। पार्टी का लक्ष्य इस बार निकाय चुनावों में एक ऐतिहासिक और व्यापक जीत दर्ज करना है।

विकास बनाम कांग्रेस: भाजपा का चुनावी नैरेटिव

भाजपा इस निकाय चुनाव में प्रदेश की भजनलाल सरकार के अब तक के कामकाज को मुख्य मुद्दा बनाकर जनता के बीच जाएगी। जोगाराम पटेल के अनुसार, सरकार ने पेयजल, रोजगार, रिफाइनरी, जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण, विभिन्न जल परियोजनाओं, किसान सम्मान निधि और अनुसूचित जाति-जनजाति क्षेत्रों के विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। पार्टी इन उपलब्धियों को स्थानीय निकायों के चुनाव से जोड़कर यह संदेश देगी कि राज्य में 'डबल इंजन' सरकार होने के कारण विकास की गति तेज हुई है। वहीं, कांग्रेस के खिलाफ भाजपा का हमला उनकी 'नकारात्मक राजनीति' पर केंद्रित रहेगा। पार्टी का प्रयास होगा कि चुनावी बहस को कांग्रेस के आरोपों से हटाकर सरकार के विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर केंद्रित किया जाए।

जयपुर और बड़े निगमों पर विशेष फोकस

भाजपा के लिए राजधानी जयपुर का नगर निगम सबसे महत्वपूर्ण चुनावी मैदानों में से एक है। जयपुर की राजनीतिक अहमियत को देखते हुए यहां के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है। इसके अलावा जोधपुर, कोटा और अजमेर जैसे बड़े शहरी निकायों को भी पार्टी ने अपनी प्राथमिकता में रखा है। जोगाराम पटेल ने दावा किया कि वार्डों और निगम का पुनर्गठन जनहित और पारदर्शिता के आधार पर किया गया है और भाजपा इसी भरोसे के साथ जनता के बीच जाएगी। पार्टी की कोशिश रहेगी कि 'वार्ड का प्रत्याशी वार्ड में' के सिद्धांत पर चलते हुए स्थानीय चेहरों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि मतदाताओं के साथ उनका सीधा जुड़ाव बना रहे।

स्थानीय मुद्दों पर आधारित घोषणापत्र

निकाय चुनाव के लिए भाजपा ने घोषणापत्र तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने जानकारी दी कि घनश्याम तिवाड़ी की अध्यक्षता में 13 सदस्यीय घोषणा पत्र समिति का गठन किया गया है। यह समिति प्रत्येक निकाय से स्थानीय सुझाव ले रही है ताकि वहां की विशिष्ट जरूरतों के आधार पर वादे किए जा सकें। पानी, सड़क, सफाई, यातायात और सीवरेज जैसे बुनियादी मुद्दों को निकायवार घोषणापत्र में प्रमुखता दी जाएगी और इसके साथ ही, प्रत्येक निकाय के लिए अलग-अलग प्रभारी नियुक्त किए गए हैं जो स्थानीय कोर कमेटी के साथ मिलकर वार्डवार उम्मीदवारों के नाम तय करेंगे। यह चुनाव भाजपा के लिए संगठन की जमीनी ताकत और सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर के रूप में देखा जा रहा है।

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