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Rajasthan Royals के 15300 करोड़ रुपये में बिकने के बाद शेन वॉर्न के परिवार की लगी लॉटरी, मिलेंगे 460 करोड़

Rajasthan Royals के 15300 करोड़ रुपये में बिकने के बाद शेन वॉर्न के परिवार की लगी लॉटरी, मिलेंगे 460 करोड़
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इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स के स्वामित्व ढांचे में बड़े बदलाव और इसके बढ़ते बाजार मूल्य ने क्रिकेट जगत का ध्यान आकर्षित किया है। 63 बिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब ₹15300 करोड़ तक पहुंच गया है। इस व्यावसायिक सौदे का सीधा लाभ दिवंगत ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज और राजस्थान रॉयल्स के पूर्व कप्तान शेन वॉर्न के परिवार को मिलने जा रहा है।

शेन वॉर्न का दूरदर्शी अनुबंध और इक्विटी हिस्सेदारी

शेन वॉर्न न केवल राजस्थान रॉयल्स के पहले कप्तान थे, बल्कि उन्होंने फ्रेंचाइजी के साथ एक विशेष व्यावसायिक समझौता भी किया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, आईपीएल के शुरुआती वर्षों में वॉर्न ने अपनी वार्षिक सैलरी के अलावा टीम में इक्विटी यानी हिस्सेदारी की मांग की थी। 75% की हिस्सेदारी दी गई थी। वॉर्न ने राजस्थान रॉयल्स के लिए कुल चार सीजन खेले, जिसके परिणामस्वरूप उनकी कुल हिस्सेदारी बढ़कर 3% हो गई थी।

₹15300 करोड़ के मूल्यांकन से ₹460 करोड़ का लाभ

कल सोमानी द्वारा किए गए हालिया निवेश और ₹15300 करोड़ के नए मूल्यांकन के आधार पर, शेन वॉर्न की 3% हिस्सेदारी की कीमत अब लगभग ₹460 करोड़ आंकी गई है। अधिकारियों और वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, यह राशि वॉर्न के उत्तराधिकारियों और उनके परिवार को हस्तांतरित की जाएगी और यह सौदा खेल जगत में किसी खिलाड़ी द्वारा किए गए सबसे सफल व्यावसायिक निवेशों में से एक माना जा रहा है, जो एक दशक से अधिक समय के बाद फलीभूत हुआ है।

राजस्थान रॉयल्स के साथ शेन वॉर्न का ऐतिहासिक सफर

शेन वॉर्न साल 2008 में आईपीएल के पहले सीजन में राजस्थान रॉयल्स के साथ जुड़े थे। उनकी कप्तानी में टीम ने पहले ही सीजन में खिताब जीतकर इतिहास रचा था। वॉर्न ने 2008 से 2011 तक टीम का नेतृत्व किया और इस दौरान उन्होंने कुल 55 मैचों में 57 विकेट चटकाए। 2008 के सीजन में उनका प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा था, जहां उन्होंने 19 विकेट लेकर टीम को चैंपियन बनाने में मुख्य भूमिका निभाई थी।

फ्रेंचाइजी के स्वामित्व में बदलाव की प्रक्रिया

राजस्थान रॉयल्स में कल सोमानी का प्रवेश फ्रेंचाइजी के वैश्विक विस्तार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। 63 बिलियन का यह मूल्यांकन आईपीएल की बढ़ती वैश्विक साख को दर्शाता है। शेन वॉर्न ने 2011 में आईपीएल से संन्यास ले लिया था, लेकिन उनके अनुबंध में शामिल इक्विटी क्लॉज ने उनके परिवार के लिए एक दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित की। वॉर्न का मार्च 2022 में निधन हो गया था, जिसके बाद उनकी संपत्तियों और निवेशों का प्रबंधन उनके ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है।

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