राजस्थान विधानसभा सत्र के पहले दिन शिव क्षेत्र के विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने प्रदेश के युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण मांग उठाई। भाटी ने 4200 ग्रेड पे तक की सरकारी भर्तियों में साक्षात्कार यानी इंटरव्यू की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने का आग्रह किया। विधानसभा भवन में तख्ती लेकर पहुंचे विधायक ने कहा कि राजस्थान के लाखों युवा सरकारी नौकरी पाने के लिए अपने जीवन के कई साल कड़ी मेहनत और संघर्ष में बिताते हैं। ऐसे में यह सरकार की जिम्मेदारी है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह से समान अवसर, पारदर्शिता और योग्यता के स्पष्ट मापदंडों पर आधारित हो।
साक्षात्कार व्यवस्था को समाप्त करने का तर्क
रविंद्र सिंह भाटी ने सदन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि केंद्र सरकार और देश के 20 से अधिक राज्यों में 4200 ग्रेड पे तक की कई सरकारी भर्तियों में साक्षात्कार की प्रक्रिया को पहले ही समाप्त किया जा चुका है। वहां चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए केवल लिखित परीक्षा या अन्य योग्यता आधारित मापदंडों को अपनाया गया है। भाटी ने कहा कि राजस्थान में समान ग्रेड की भर्तियों में लिखित परीक्षा के सफल आयोजन के बाद भी साक्षात्कार की व्यवस्था जारी रहने से युवाओं के मन में दोहरी चयन प्रणाली को लेकर संदेह पैदा होता है। उन्होंने इसे युवाओं के साथ अन्याय बताते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की।
इन विभागों और पदों पर साक्षात्कार का विरोध
विधायक ने उन विशिष्ट विभागों की सूची साझा की जहां वर्तमान में साक्षात्कार की व्यवस्था लागू है।
- देवस्थान विभाग
- सहकारिता विभाग
- तहसीलदार सेवा
- आबकारी विभाग
- उद्योग विभाग
- खाद्य विभाग
- बाल विकास विभाग
- सामाजिक न्याय एवं अल्पसंख्यक विभाग
- श्रम कल्याण विभाग
- राज्य कृषि विपणन विभाग
इसके अतिरिक्त, भाटी ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली कई महत्वपूर्ण भर्ती प्रक्रियाओं का भी उल्लेख किया और उन्होंने बताया कि सहायक आचार्य (कॉलेज शिक्षा), लाइब्रेरियन, पीटीआई (PTI), सब इंस्पेक्टर, प्लाटून कमांडर, डिप्टी जेलर, विधि रचनाकार और कनिष्ठ विधि अधिकारी जैसे पदों के लिए भी साक्षात्कार की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। भाटी का मानना है कि इन पदों पर लिखित परीक्षा के बाद साक्षात्कार की कोई वास्तविक आवश्यकता नहीं है और इसे हटाया जाना चाहिए।
तुलनात्मक अध्ययन और समीक्षा की मांग
भाटी ने राज्य सरकार से पुरजोर मांग की कि वह केंद्र सरकार और अन्य राज्यों में प्रचलित 4200 ग्रेड पे की भर्ती प्रक्रियाओं का राजस्थान की व्यवस्था के साथ तुलनात्मक अध्ययन कराए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि साक्षात्कार की आवश्यकता की गहराई से समीक्षा की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन पदों पर साक्षात्कार की कोई अनिवार्य उपयोगिता नहीं है, वहां इसे तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए और इससे न केवल चयन प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि युवाओं को निष्पक्षता और पारदर्शिता का भरोसा भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनकी मेहनत का उचित फल मिलना चाहिए और चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के भेदभाव की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।