विधायक रविंद्र सिंह भाटी का सरकार पर हमला, मल्टीनेशनल कंपनियों को भूमि आवंटन का विरोध

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विधायक रविंद्र सिंह भाटी का सरकार पर हमला, मल्टीनेशनल कंपनियों को भूमि आवंटन का विरोध
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पश्चिमी राजस्थान में नवीनीकरण ऊर्जा परियोजनाओं के लिए मल्टीनेशनल कंपनियों को जमीन आवंटन के मुद्दे पर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने मुखरता से आवाज उठाते हुए सरकार को निशाने पर लिया है। बाड़मेर में मीडिया से बातचीत के दौरान सोलर और हाई टेंशन लाइनों को लेकर भूमि आवंटन पर चिंता जाहिर करते हुए भाटी ने कहा कि विकास और राष्ट्र निर्माण के नाम पर किसानों की समस्या और उनके अधिकारों की अनदेखी करना किसी भी तरह से सही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मल्टीनेशनल कंपनियों के आगे सरेंडर कर रही है और स्थानीय लोगों के हितों को दरकिनार किया जा रहा है।

सौर ऊर्जा और हाई टेंशन लाइनों का विरोध

शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने बुधवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं के साथ हाई टेंशन लाइनें आज के समय में हर खेत के बीच से गुजर रही हैं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि जब किसान इसका विरोध करते हैं तो उनकी समस्याओं को सुनने की बजाय प्रशासनिक स्तर पर उन पर दबाव बनाया जाता है। भाटी ने कहा कि जब कंपनियां इन परियोजनाओं से भारी राजस्व और मुनाफा कमा रही हैं, तो किसानों की अनदेखी क्यों की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह बड़े दुख की बात है कि जब किसान अपने हक की बात करने जाता है, तब प्रशासन आंखें बंद करके बैठ जाता है और किसानों की पीड़ा सुनने को कोई तैयार नहीं होता।

जनप्रतिनिधियों को चेतावनी और ओरण-गोचर का मुद्दा

5 साल के बाद आपको फिर से जनता के बीच जाना पड़ेगा। उन्होंने याद दिलाया कि यह कंपनियां आपको वोट देकर नहीं जिताएंगीं, बल्कि जनता ही आपको चुनती है। भाटी ने कहा कि आज जिस प्रकार किसानों के साथ दुर्व्यवहार हो रहा है, अगर आज हम उनके लिए नहीं बोलेंगे तो यह किसान इस बात को याद रखेगा। उन्होंने यह भी मुद्दा उठाया कि ओरण और गोचर भूमि को कंपनियों को आवंटित किया जा रहा है, जबकि लंबे समय से क्षेत्र के भूमिहीन परिवार रहने के लिए जमीन की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें भूमि नहीं दी जा रही है।

सरकार की मजबूरी पर उठाए सवाल

भाटी ने सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए पूछा कि मल्टीनेशनल कंपनियों के आगे सरेंडर होने की ऐसी क्या मजबूरी है कि यहां के भूमिहीन लोगों को जमीन न देने की बजाय उन्हें दी जा रही है और उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा और यदि जरूरत पड़ी तो गांव-गांव में जनजागरण के साथ बड़ा आंदोलन भी किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने सरकार द्वारा ट्री प्रोटेक्शन एक्ट लॉ लाने के फैसले का स्वागत किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि सुनने में आ रहा है कि विशेष परिस्थितियों में पेड़ काटने की छूट दी जाएगी, जो चिंता का विषय है।

ट्री प्रोटेक्शन एक्ट और खेजड़ी गणना की मांग

विधायक ने कहा कि विशेष परिस्थितियों में छूट देने का प्रावधान एक प्रकार से ऐसी गली छोड़ना है जिससे पेड़ों की कटाई की संभावना बनी रहेगी। भाटी ने बताया कि इससे पहले उन्होंने प्राइवेट मेंबर बिल सदन के माध्यम से सरकार के समक्ष रखा था और कहा था कि सरकार इस बिल को पढ़कर इसे अपने नाम से लागू कर ले, उन्हें इसमें कोई एतराज नहीं है क्योंकि इसकी मांग हर वर्ग द्वारा लंबे समय से की जा रही है। उन्होंने मांग की कि जिस प्रकार मकान और व्यक्तियों की जनगणना की जाती है, उसी तर्ज पर खेजड़ी के पेड़ों की भी गणना की जाए और विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने इस बिल को मां अमृता देवी को समर्पित करते हुए इसका नाम मां अमृता देवी ट्री प्रोटेक्शन एक्ट करने की पुरजोर मांग की है।

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