रूस में प्लेग की आशंका पर ट्रंप का बयान: बोले यह जैविक हथियार नहीं, पुतिन से करेंगे बात

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रूस में प्लेग की आशंका पर ट्रंप का बयान: बोले यह जैविक हथियार नहीं, पुतिन से करेंगे बात
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रूस में एक 28 वर्षीय लैब कर्मचारी की अचानक हुई मौत ने पूरी दुनिया में न्यूमोनिक प्लेग के खतरे को लेकर चिंता पैदा कर दी है। यह महिला एक एंटी प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में कार्यरत थी, जिसके कारण इस मामले की गंभीरता और बढ़ गई है और रूसी अधिकारियों ने अब तक इस मौत का कारण अज्ञात वजहों से हुआ निमोनिया बताया है, लेकिन अभी तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि महिला वास्तव में किस बीमारी की चपेट में आई थी। इस अनिश्चितता के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने रूस से इस घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करने का आग्रह किया है।

डोनाल्ड ट्रंप का जैविक हथियार पर बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। जब उनसे पूछा गया कि क्या इस मौत के पीछे किसी जैविक हथियार का हाथ हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि जल्द ही इस बारे में पता चल जाएगा, लेकिन फिलहाल हमें ऐसा नहीं लगता है। ट्रंप ने रूस की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि रूसी सरकार का दावा है कि स्थिति उनके नियंत्रण में है, लेकिन उन्होंने इस मामले में बहुत कम जानकारी सार्वजनिक की है। ट्रंप ने इस स्थिति की तुलना कोरोना महामारी के शुरुआती दिनों में चीन के व्यवहार से की। उन्होंने कहा कि जिस तरह चीन ने शुरुआत में जानकारी छिपाई थी, रूस भी इस समय बहुत कुछ स्पष्ट नहीं कर रहा है। ट्रंप ने यह भी बताया कि वह इस मुद्दे पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात करने वाले हैं, हालांकि उन्होंने बातचीत के समय का खुलासा नहीं किया।

न्यूमोनिक प्लेग का खतरा और WHO की चिंता

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्पष्ट किया है कि अभी तक 28 वर्षीय महिला की मौत के सटीक कारणों का पता नहीं चला है। संगठन ने रूस से इस मामले में अधिक डेटा और जानकारी मांगी है। शुरुआती रिपोर्टों में न्यूमोनिक प्लेग की आशंका जताई गई थी, जो प्लेग का सबसे घातक रूप माना जाता है। न्यूमोनिक प्लेग की सबसे खतरनाक बात यह है कि यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सांस के जरिए फैल सकता है और फेफड़ों में गंभीर संक्रमण पैदा करता है और हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस बीमारी की समय पर पहचान हो जाए और उचित इलाज मिले, तो मरीज के बचने की संभावना काफी अधिक होती है।

रूस का पक्ष और स्थानीय सुरक्षा उपाय

रूस ने WHO को दी गई जानकारी में बताया है कि महिला में शुरुआत में सामान्य वायरल सांस की बीमारी जैसे लक्षण देखे गए थे। रूसी अधिकारियों का कहना है कि उस इलाके में हाल के दिनों में प्लेग का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। स्थानीय मेयर के अनुसार, जिस अस्पताल में महिला की मृत्यु हुई, उसे एहतियात के तौर पर क्वारंटीन कर दिया गया है। रूस की स्वास्थ्य एजेंसी ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि आम जनता में किसी भी तरह की महामारी फैलने का कोई खतरा नहीं है और उन्होंने लोगों से इस मामले में झूठी खबरें या फेक न्यूज न फैलाने की अपील की है। रूस ने दावा किया है कि महिला के संपर्क में आए सभी लोगों की जांच की जा चुकी है और किसी में भी संक्रमण नहीं मिला है और इसके बावजूद, WHO की अधिकारी मारिया वान केरखोव ने कहा है कि इस मामले में अभी भी कई सवाल अनुत्तरित हैं। इसी अनिश्चितता के कारण WHO अब आम लोगों के लिए जोखिम के अपने पिछले आकलन पर दोबारा विचार कर रहा है।

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