अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और राहतकारी घटनाक्रम की घोषणा की है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर साझा की गई एक पोस्ट के माध्यम से जानकारी दी कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में 9 मई से 11 मई तक, यानी कुल तीन दिनों का सीजफायर (युद्धविराम) रहेगा। इस युद्धविराम के दौरान सभी प्रकार की सैन्य गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी। ट्रंप ने इस विकास पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह एक बहुत लंबे, जानलेवा और कड़े संघर्ष वाले युद्ध के अंत की शुरुआत होगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए चल रही कूटनीतिक बातचीत में लगातार प्रगति हो रही है और इन तीन दिनों के दौरान पूर्ण युद्ध विराम की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा शुरू की जाएगी।
सीजफायर की समयसीमा और विक्ट्री डे का महत्व
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे के अनुसार, रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिनों के इस युद्धविराम पर आपसी सहमति बन गई है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर स्पष्ट किया कि यह सीजफायर 9 मई से शुरू होकर 11 मई तक प्रभावी रहेगा। इस निर्धारित अवधि के दौरान दोनों देशों की सेनाओं के बीच किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई नहीं होगी और हथियारों के इस्तेमाल व हमलों को पूरी तरह से रोक दिया जाएगा और ट्रंप ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि यह सीजफायर रूस के 'विक्ट्री डे' समारोह के दौरान लागू रहेगा। गौरतलब है कि रूस हर साल 9 मई को द्वितीय विश्व युद्ध में मिली ऐतिहासिक जीत की याद में विक्ट्री डे मनाता है। ट्रंप ने अपने आधिकारिक बयान में यह भी कहा कि यूक्रेन ने भी द्वितीय विश्व युद्ध में एक बड़ी और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, इसलिए यह समय दोनों ही देशों के लिए काफी अहमियत रखता है।
1000-1000 युद्धबंदियों की अदला-बदली पर बनी सहमति
इस तीन दिवसीय सीजफायर समझौते का एक सबसे महत्वपूर्ण पहलू मानवीय आधार पर कैदियों की रिहाई है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस युद्धविराम के दौरान रूस और यूक्रेन के बीच एक-एक हजार युद्धबंदियों की अदला-बदली की जाएगी। ट्रंप ने बताया कि यह पूरी पहल उन्होंने सीधे तौर पर की थी, जिस पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अपनी औपचारिक सहमति प्रदान की है। इस कदम को युद्ध के बीच फंसे सैनिकों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
शांति वार्ता में प्रगति और युद्ध का इतिहास
डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात की प्रबल उम्मीद जताई है कि यह कदम पिछले चार साल से चल रहे इस भीषण युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है और उन्होंने कहा कि युद्ध को पूरी तरह खत्म कराने को लेकर बातचीत का सिलसिला लगातार जारी है और वर्तमान में दोनों देशों के बीच एक ठोस समझौते की संभावना पहले की तुलना में कहीं अधिक बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। रूस और यूक्रेन के बीच यह युद्ध आधिकारिक तौर पर फरवरी 2022 में शुरू हुआ था। पिछले पांच सालों से जारी इस लड़ाई में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है, जबकि लाखों की संख्या में लोग अपने घरों को छोड़ने और विस्थापित होने पर मजबूर हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय पटल पर इस तीन दिन के सीजफायर और कैदियों की अदला-बदली को एक ऐतिहासिक और सकारात्मक घटना माना जा रहा है।
फरवरी 2022 से शुरू हुए इस संघर्ष के इतिहास में यह पहली बार है जब इतने बड़े पैमाने पर युद्धविराम और कैदियों की अदला-बदली की घोषणा की गई है। ट्रंप ने अपनी पोस्ट के जरिए इस विकास को शांति की दिशा में एक नई और ठोस उम्मीद के रूप में प्रस्तुत किया है।