शारदीय नवरात्रि 2026 का पावन पर्व नजदीक आ रहा है और भक्तों के बीच इसकी तैयारियां जोरों पर हैं। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की अत्यंत श्रद्धा के साथ पूजा की जाती है। इस पावन अवसर पर कई लोग अपने घरों में कलश स्थापना करते हैं और रोजाना विधि-विधान से पूजा-पाठ संपन्न करते हैं और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि शुरू होने से पहले घर की पूरी तरह से साफ-सफाई करने की एक पुरानी परंपरा रही है। माना जाता है कि एक साफ और व्यवस्थित घर में ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मां दुर्गा का वास होता है। इसी कारण लोग पूजा स्थल से लेकर घर के हर कोने की सफाई करते हैं और लंबे समय से बेकार पड़ी चीजों को घर से बाहर निकालते हैं।
वास्तु शास्त्र और नवरात्रि की सफाई
वास्तु शास्त्र से जुड़ी मान्यताओं में भी घर की सफाई पर विशेष जोर दिया गया है। वास्तु के अनुसार, कुछ ऐसी चीजें होती हैं जिन्हें घर में रखना अशुभ माना जाता है, खासकर जब वे टूटी, खराब या अनुपयोगी हों। शारदीय नवरात्रि 2026 के शुरू होने से पहले इन चीजों को घर से हटा देना चाहिए ताकि घर का वातावरण शुद्ध और मंगलमय बना रहे। आइए विस्तार से जानते हैं कि वे कौन सी चीजें हैं जिन्हें सफाई के दौरान घर से तुरंत बाहर कर देना चाहिए।
टूटी हुई मूर्तियां या खराब तस्वीरें
नवरात्रि की शुरुआत से पहले घर के मंदिर या पूजा स्थान में रखी देवी-देवताओं की मूर्तियों और तस्वीरों का निरीक्षण करना बहुत जरूरी है। अगर कोई मूर्ति खंडित हो गई है या किसी देवी-देवता की तस्वीर फट गई है या खराब हो चुकी है, तो उसे पूजा स्थान पर बिल्कुल नहीं रखना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा घर में खंडित मूर्ति रखना उचित नहीं माना जाता है और इससे वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है। हालांकि, यदि किसी तस्वीर का केवल फ्रेम खराब हुआ है और तस्वीर पूरी तरह ठीक है, तो आप उसका फ्रेम बदलकर उसे दोबारा पूजा स्थान पर सम्मानपूर्वक रख सकते हैं।
खराब या बंद पड़े इलेक्ट्रॉनिक सामान
अक्सर घरों में पुराने मोबाइल फोन, टीवी, कंप्यूटर, बंद पड़ी घड़ियां, पुराने तार, चार्जर या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जमा हो जाते हैं। इनमें से कई चीजें लंबे समय से खराब होती हैं और उनका कोई इस्तेमाल भी नहीं हो रहा होता है। वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, ऐसी खराब और बंद पड़ी चीजों को घर में जमा करके रखना नकारात्मकता को बढ़ावा देता है। इसलिए, नवरात्रि की सफाई के दौरान ऐसे सभी कबाड़ हो चुके इलेक्ट्रॉनिक सामानों को घर से बाहर निकाल देना चाहिए।
टूटे हुए कांच और पुराने बर्तन
घर में रखे टूटे हुए गिलास, कप, प्लेट, दरके हुए शीशे या अन्य टूटे हुए बर्तनों को नवरात्रि से पहले हटा देना चाहिए और वास्तु मान्यताओं में टूटे हुए सामान को घर में रखना शुभ नहीं माना जाता है और यह घर की शांति में बाधा डाल सकता है। सफाई के समय ऐसे सभी सामानों को अलग करें और उन्हें सुरक्षित तरीके से घर से बाहर करें ताकि घर में केवल उपयोगी और साबुत चीजें ही रहें।
फटे-पुराने और बेकार जूते-चप्पल
कई बार हम पुराने या फटे हुए जूते-चप्पलों को घर के किसी कोने में फेंक देते हैं जो केवल जगह घेरते हैं। नवरात्रि के पवित्र दिनों के शुरू होने से पहले इन टूटे और बेकार जूते-चप्पलों को घर से बाहर कर देना चाहिए। वास्तु से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, बेकार और फटे-पुराने सामान का ढेर घर के वातावरण को भारी बनाता है और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को रोकता है।
सूखे हुए और खराब पौधे
घर में हरे-भरे पौधे रखना सकारात्मक माहौल और ताजी हवा के लिए बहुत अच्छा माना जाता है और लेकिन, यदि आपके घर के गमलों में कोई पौधा पूरी तरह सूख चुका है या खराब हो गया है, तो उसे लंबे समय तक घर में नहीं रखना चाहिए। शारदीय नवरात्रि से पहले अपने घर के सभी गमलों और पौधों की अच्छी तरह सफाई करें। सूखे हुए पत्तों को हटाएं और जो पौधे पूरी तरह मर चुके हैं, उन्हें गमले से निकालकर नई मिट्टी और नए पौधे लगाने की तैयारी करें। एक स्वच्छ और हरा-भरा वातावरण मां दुर्गा के स्वागत के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।