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: शेयर बाजार में हड़कंप: रुपया गिरने से सेंसेक्स 160 अंक टूटा, निफ्टी 23,650 के नीचे

- शेयर बाजार में हड़कंप: रुपया गिरने से सेंसेक्स 160 अंक टूटा, निफ्टी 23,650 के नीचे
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भारतीय शेयर बाजार में कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन भारी उतार-चढ़ाव के बीच गिरावट का रुख देखने को मिला। शुक्रवार को बाजार बंद होने तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी दोनों ही लाल निशान में सिमट गए। इस गिरावट का मुख्य कारण भारतीय रुपये की कमजोरी और विभिन्न प्रमुख सेक्टरों में देखी गई बिकवाली का दबाव रहा। 99 के स्तर पर बंद हुआ। 50 के स्तर पर आकर रुक गया, जो 23,650 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे है।

बाजार की स्थिति और रुपये का ऐतिहासिक निचला स्तर

आज के कारोबारी सत्र में भारतीय रुपये ने निवेशकों की चिंताएं काफी बढ़ा दीं। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर को पार कर गया, जो इसका अब तक का सबसे निचला ऐतिहासिक स्तर है। रुपये की इस अभूतपूर्व कमजोरी का सीधा और नकारात्मक असर दलाल स्ट्रीट पर देखने को मिला और विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा की गई बिकवाली ने बाजार के सेंटीमेंट को और कमजोर कर दिया, जिससे निवेशकों के मनोबल पर चोट पहुंची। बाजार की चौड़ाई (Market Breadth) के आंकड़ों पर नजर डालें तो आज गिरने वाले शेयरों का पलड़ा काफी भारी रहा। कुल 2,381 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि केवल 1,631 शेयरों में ही बढ़त देखी गई। यह आंकड़े स्पष्ट रूप से बाजार में बिकवाली के व्यापक दबाव को दर्शाते हैं।

आईटी और मीडिया सेक्टर में दिखी मजबूती

बाजार में चौतरफा बिकवाली के बावजूद कुछ चुनिंदा सेक्टरों ने निवेशकों को बड़ी राहत देने का प्रयास किया। विशेष रूप से आईटी (IT) और मीडिया सेक्टर में खरीदारी का रुझान देखा गया। रुपये की कमजोरी अक्सर आईटी कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित होती है क्योंकि उनकी आय का एक बड़ा हिस्सा डॉलर में होता है। 3 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद होने में सफल रहा। इसके साथ ही मीडिया इंडेक्स ने भी बाजार की गिरावट के विपरीत चलते हुए करीब 2 प्रतिशत की शानदार बढ़त दर्ज की। इन दोनों सेक्टरों के प्रदर्शन ने बाजार को और अधिक गहराई तक गिरने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बैंकिंग और मेटल शेयरों पर बिकवाली का भारी दबाव

बाजार को नीचे धकेलने में सबसे बड़ी भूमिका सरकारी बैंकों और मेटल सेक्टर के शेयरों ने निभाई। 8 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखी गई। 79 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। मेटल सेक्टर की बात करें तो यहां सबसे ज्यादा दबाव महसूस किया गया। हिंडाल्को, टाटा स्टील और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। 93 प्रतिशत तक टूट गया। इन प्रमुख सेक्टरों में हुई बिकवाली ने निफ्टी को 23,650 के स्तर से नीचे धकेलने में मुख्य भूमिका निभाई।

बाजार विशेषज्ञों की राय और महंगाई की चिंता

बाजार के जानकारों और विशेषज्ञों ने आज की गिरावट के पीछे कई महत्वपूर्ण कारकों को जिम्मेदार ठहराया है। विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर की मजबूती और रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने से कच्चे तेल का आयात काफी महंगा हो गया है। आयात महंगा होने से देश में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है, जिसने निवेशकों के मन में डर पैदा कर दिया है और इसी अनिश्चितता और महंगाई के डर के कारण निवेशकों ने आज मुनाफावसूली (Profit Booking) को प्राथमिकता दी। हालांकि, आईटी सेक्टर में आई तेजी ने एक सुरक्षा कवच का काम किया और बाजार को और अधिक बड़ी गिरावट की खाई में गिरने से बचा लिया और कारोबारी सत्र के अंत में बाजार इन्हीं मिले-जुले संकेतों और बिकवाली के दबाव के साथ बंद हुआ।

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