शहजाद पूनावाला का बीजेपी से इस्तीफा: आर्थिक और व्यक्तिगत कारणों का दिया हवाला

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शहजाद पूनावाला का बीजेपी से इस्तीफा: आर्थिक और व्यक्तिगत कारणों का दिया हवाला
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आज सोमवार को एक आधिकारिक पत्र जारी कर राजनीति के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और प्रवक्ता पद छोड़ने का औपचारिक ऐलान कर दिया है और पूनावाला ने बीजेपी के अध्यक्ष नितिन नबीन को भेजे गए अपने पत्र में पार्टी छोड़ने की विस्तृत जानकारी दी है। हालांकि, उनके बीजेपी छोड़ने की चर्चाएं राजनीतिक हलकों में काफी समय से चल रही थीं, लेकिन अब उन्होंने आधिकारिक तौर पर बीजेपी अध्यक्ष को पत्र लिखकर इन अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने पार्टी छोड़ने के पीछे मुख्य रूप से आर्थिक और निजी कारणों का हवाला दिया है।

सोशल मीडिया पर साझा किया इस्तीफा

पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बीजेपी अध्यक्ष को भेजे गए अपने इस्तीफे के पत्र को साझा किया। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि बेहद विनम्रता, स्नेह और आभार के साथ, मैंने एक बार फिर बीजेपी और नितिन नबीन को अपना इस्तीफा सौंप दिया है और उनसे अनुरोध किया है कि इसे स्वीकार किया जाए और उनके इस कदम से पार्टी के भीतर उनके भविष्य को लेकर चल रही सभी चर्चाओं का अंत हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय उन्होंने काफी सोच-विचार के बाद लिया है।

वरिष्ठ नेताओं के प्रति जताया आभार

अपने इस्तीफे के दौरान पूनावाला ने पार्टी से मिले सम्मान और मंच के लिए गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मैं उस मार्गदर्शन, प्यार, सम्मान और मंच के लिए हमेशा आभारी रहूंगा जो बीजेपी और खासतौर से पीएम नरेंद्र मोदी, नितिन नबीन, अमित शाह, बीएल संतोष, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और हमारे सभी वरिष्ठ नेताओं तथा पूरे संघ परिवार ने मुझे दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी ने उन पर जो भरोसा जताया, वह उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।

पसमांदा मुस्लिम समाज और राजनीतिक सफर

पसमांदा मुस्लिम समाज का विशेष रूप से जिक्र करते हुए पूनावाला ने अपने राजनीतिक सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि किसी अन्य देश या किसी अन्य पार्टी में मेरे जैसी कहानी यानी एक युवा, पसमांदा मुस्लिम और बिना किसी राजनीतिक परिवार की पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति की कहानी शायद ही संभव हो पाती। उन्होंने आगे कहा कि हालांकि मैं उस पार्टी और राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से विदा ले रहा हूं जिसे मैं बहुत प्यार करता था, लेकिन हमारा मिशन और विजन विकसित भारत और मेक इंडिया ग्रेट अगेन, भारत के अब तक के सबसे महान नेता पीएम मोदी की अगुवाई में और अधिक जोश के साथ जारी रहेगा।

30 जुलाई के इस्तीफे का खुलासा

नितिन नबीन को भेजे गए पत्र में एक महत्वपूर्ण खुलासा करते हुए पूनावाला ने बताया कि वह पहले भी इस्तीफा देने की कोशिश कर चुके थे। उन्होंने पत्र में लिखा कि मैंने 30 जुलाई को आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों का जिक्र करते हुए बीजेपी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से बिना किसी शर्त के इस्तीफा देने की पेशकश की थी। हालांकि, उस समय पार्टी ने उनका इस्तीफा स्वीकार करने से मना कर दिया था और उनसे अपने फैसले पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया था। उन्होंने इसे एक भावुक पल बताया जब पार्टी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन अब उन्होंने अंतिम रूप से मुक्त होने का फैसला किया है।

प्राइवेट सेक्टर में नई शुरुआत

पत्र के समापन में पूनावाला ने अपने भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी और उन्होंने कहा कि अत्यावश्यक आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण वह अब प्राइवेट सेक्टर में जा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह भले ही पार्टी की औपचारिक व्यवस्था छोड़ रहे हैं, लेकिन वह पीएम मोदी और बीजेपी के दृष्टिकोण और कार्यों का समर्थन करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि मैं व्यवस्था छोड़ रहा हूं, लेकिन विचार और व्यक्ति नहीं। गौरतलब है कि पिछले दिनों जब उन्होंने अपने एक्स बायो से बीजेपी का नाम हटाया था, तभी से उनके पार्टी छोड़ने की अटकलें तेज हो गई थीं, जो अब सच साबित हुई हैं।

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