जापान के प्रमुख ऋणदाता एमयूएफजी बैंक (MUFG Bank) ने बुधवार को श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड (SFL) में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस सौदे के तहत जापानी बैंक ने ₹39,618 करोड़ का निवेश किया है। श्रीराम फाइनेंस द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, कंपनी के निदेशक मंडल ने बुधवार को हुई बैठक में एमयूएफजी बैंक को ‘प्रिफेरेंशियल इश्यू’ के माध्यम से इक्विटी शेयर आवंटित करने की मंजूरी दे दी है। यह निवेश भारत के गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र (NBFC) में किसी विदेशी संस्थान द्वारा किए गए सबसे बड़े निवेशों में से एक माना जा रहा है।
सौदे का वित्तीय विवरण और शेयर आवंटन
11 करोड़ शेयर खरीदे हैं। यह पूरी प्रक्रिया प्रिफेरेंशियल इश्यू के माध्यम से संपन्न हुई है, जिसमें कंपनी चुनिंदा निवेशकों को शेयर जारी करती है। शेयरों के इस आवंटन के बाद, एमयूएफजी बैंक के पास श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड में पूरी तरह से डाइल्यूटेड आधार पर 20 प्रतिशत की इक्विटी हिस्सेदारी होगी। यह सौदा भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) सहित सभी आवश्यक नियामक और वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त करने के बाद अंतिम रूप दिया गया है।
श्रीराम फाइनेंस के लिए रणनीतिक लाभ
श्रीराम फाइनेंस के कार्यकारी उपाध्यक्ष उमेश रेवनकर के अनुसार, यह सहयोग कंपनी के लिए नवाचार के नए रास्ते खोलेगा और उन्होंने बताया कि इस निवेश से कंपनी को विविध और किफायती फंडिंग तक पहुंच प्राप्त होगी। साथ ही, वैश्विक स्तर पर जोखिम प्रबंधन और गवर्नेंस के बेहतरीन तरीकों को अपनाने में मदद मिलेगी। यह निवेश श्रीराम फाइनेंस के कैपिटल बेस को काफी मजबूती प्रदान करेगा, जिससे कंपनी को अपनी लंबी अवधि की विकास रणनीति को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
भारत में एमयूएफजी की विस्तार योजना
मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप (MUFG) के लिए यह निवेश भारत में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। बैंक के अनुसार, यह रणनीतिक साझेदारी श्रीराम फाइनेंस को एमयूएफजी की वैश्विक विशेषज्ञता और क्षमताओं का लाभ उठाने में सक्षम बनाएगी। एमयूएफजी के अध्यक्ष और समूह सीईओ जुनिची हंज़ावा ने कहा कि श्रीराम फाइनेंस भारत का एक अग्रणी वित्तीय संस्थान है, जिसका व्यावसायिक आधार अत्यंत मजबूत है। उन्होंने विशेष रूप से एमएसएमई (MSME) और रिटेल सेक्टर में कंपनी की विकास संभावनाओं को महत्वपूर्ण बताया।
नियामक मंजूरी और प्रक्रिया का समापन
इस सौदे की शुरुआत दिसंबर में हुई थी जब मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप इंक ने इस गैर-बैंकिंग ऋणदाता कंपनी में अल्पांश हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक समझौता किया था और सभी कानूनी और नियामक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद अब यह निवेश प्रभावी हो गया है। बैंक ने इस सौदे के पूरा होने को एमयूएफजी और श्रीराम फाइनेंस दोनों के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है। यह निवेश न केवल वित्तीय मजबूती प्रदान करेगा बल्कि दोनों संस्थानों के बीच लंबी अवधि के रणनीतिक सहयोग को भी गहरा करेगा।
एमएसएमई और रिटेल सेक्टर पर प्रभाव
श्रीराम फाइनेंस का मुख्य ध्यान भारत के एमएसएमई और रिटेल ऋण बाजार पर केंद्रित है। एमयूएफजी के अनुसार, भारत के इन क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएं हैं और श्रीराम फाइनेंस की बाजार में पकड़ इसे एक आदर्श भागीदार बनाती है। कंपनी का लक्ष्य इस नई पूंजी का उपयोग अपने ऋण पोर्टफोलियो का विस्तार करने और ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए करना है। अधिकारियों के अनुसार, यह साझेदारी भारतीय वित्तीय बाजार में विदेशी पूंजी के प्रवाह और विश्वास को भी प्रदर्शित करती है।