सोनम वांगचुक आज मेदांता अस्पताल से होंगे डिस्चार्ज, सीधे राजघाट जाकर बापू को करेंगे नमन

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सोनम वांगचुक आज मेदांता अस्पताल से होंगे डिस्चार्ज, सीधे राजघाट जाकर बापू को करेंगे नमन
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एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक आज सोमवार को गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल से डिस्चार्ज होने जा रहे हैं और उनके स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने उन्हें छुट्टी देने का निर्णय लिया है। अस्पताल से डिस्चार्ज होने की खबर के साथ ही अब यह महत्वपूर्ण जानकारी भी सामने आ गई है कि मेदांता से निकलने के बाद सोनम वांगचुक सबसे पहले कहां जाएंगे और उनकी अगली गतिविधि क्या होगी।

पेपर लीक मुद्दे पर 26 दिनों का ऐतिहासिक अनशन

सोनम वांगचुक ने पेपर लीक के गंभीर विषय को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया था और इसी मांग को लेकर वह अनशन पर बैठे थे। उन्होंने कुल 26 दिनों तक अपना अनशन जारी रखा। इस 26 दिनों की लंबी अवधि के दौरान उन्होंने केवल अपनी मांगों पर अडिग रहने का संकल्प लिया था। उनकी इस तपस्या और विरोध का परिणाम यह रहा कि सरकार ने सोनम वांगचुक की सभी मांगों को आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया। मांगों के माने जाने के बाद ही सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त किया था, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

अस्पताल से सीधे राजघाट का दौरा

सामने आई जानकारी के अनुसार, सोनम वांगचुक मेदांता अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद किसी और स्थान पर जाने के बजाय सीधे राजघाट जाएंगे। राजघाट पहुंचकर वह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर उन्हें नमन करेंगे और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। अस्पताल से सीधे राजघाट जाने का उनका यह निर्णय उनके आंदोलन की वैचारिक गहराई को दर्शाता है और वह अपने संघर्ष की सफलता और अनशन की समाप्ति के बाद बापू के चरणों में शीश नवाना चाहते हैं।

28 जून से शुरू हुई थी यह यात्रा

सोनम वांगचुक का राजघाट से गहरा नाता इस आंदोलन की शुरुआत से ही जुड़ा हुआ है। उन्होंने अपना अनशन शुरू करने से पहले भी इसी स्थान का चयन किया था। ज्ञात हो कि 28 जून को अपना अनशन शुरू करने से पहले भी सोनम वांगचुक राजघाट गए थे और वहां महात्मा गांधी को नमन किया था। अब 26 दिनों के लंबे अनशन और अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ लेने के बाद, वह एक बार फिर उसी स्थान पर लौट रहे हैं। आज सोमवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उनका राजघाट जाना इस पूरे घटनाक्रम को एक पूर्णता प्रदान करता है, जिसकी शुरुआत उन्होंने 28 जून को की थी।

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