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स्पेसएक्स आईपीओ: 1.75 ट्रिलियन डॉलर की वैल्यूएशन और एलन मस्क के सामने 5 बड़े खतरे

स्पेसएक्स आईपीओ: 1.75 ट्रिलियन डॉलर की वैल्यूएशन और एलन मस्क के सामने 5 बड़े खतरे
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एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स इतिहास के सबसे बड़े आईपीओ यानी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग की तैयारी में जुटी है और रॉकेट और सैटेलाइट निर्माण के क्षेत्र की यह दिग्गज कंपनी लगभग 1 ट्रिलियन 75 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर 75 अरब डॉलर जुटाने की कोशिश कर रही है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशकों के बीच इस आईपीओ को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और शेयरों की मांग, ऑफर किए जा रहे शेयरों की संख्या से लगभग चार गुना ज्यादा है और यह लिस्टिंग सार्वजनिक बाजार के निवेशकों को मस्क के बिजनेस साम्राज्य की सबसे महत्वपूर्ण कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने का एक दुर्लभ अवसर प्रदान कर रही है।

सिर्फ रॉकेट कंपनी नहीं है स्पेसएक्स

आज के समय में स्पेसएक्स केवल एक रॉकेट कंपनी तक सीमित नहीं रह गई है। इसके कामकाज के दायरे में स्टारलिंक के माध्यम से सैटेलाइट इंटरनेट, कमर्शियल स्पेस लॉन्च, रक्षा अनुबंध और तेजी से विकसित होता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल है। हालांकि, इस बड़े आईपीओ को लेकर जो उत्साह बना हुआ है, उसके पीछे कई गंभीर जोखिम भी छिपे हैं। निवेशकों को निवेश करने से पहले इन जोखिमों पर गहराई से विचार करने की आवश्यकता है क्योंकि कंपनी का भविष्य कई अनिश्चितताओं से घिरा हुआ है।

भारी वित्तीय नुकसान की चुनौती

लगातार वित्तीय नुकसान होने के बावजूद स्पेसएक्स को लेकर निवेशकों में भारी क्रेज है। साल 2025 में, स्पेसएक्स ने 18 अरब 67 करोड़ डॉलर का राजस्व दर्ज किया, लेकिन इसी अवधि के दौरान कंपनी को 4 अरब 94 करोड़ डॉलर का शुद्ध घाटा भी हुआ। निवेशक वर्तमान में कंपनी की कमाई की क्षमता के बजाय उसके भविष्य के वादों पर दांव लगा रहे हैं। निवेश का मुख्य आधार मौजूदा मुनाफे के बजाय सैटेलाइट ब्रॉडबैंड, लॉन्च सर्विस, डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट और एआई से जुड़े अवसरों में भविष्य की ग्रोथ की संभावना है।

क्या स्पेसएक्स का आईपीओ ओवरवैल्यूड है?

उम्मीद जताई जा रही है कि स्पेसएक्स अगले दो हफ्तों में नैस्डैक पर अपनी ट्रेडिंग शुरू कर देगी और यह मार्केट डेब्यू अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है। हालांकि, मॉर्निंगस्टार के विश्लेषकों ने कंपनी के प्रस्तावित वैल्यूएशन पर चिंता व्यक्त की है और रिसर्च फर्म ने एक नोट में कहा कि स्पेसएक्स का वैल्यूएशन काफी ज्यादा यानी ओवरवैल्यूड लग रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि स्टॉक की ट्रेडिंग शुरू होने के बाद जब बाजार स्थिर होगा, तब निवेशकों को निवेश के बेहतर मौके मिल सकते हैं और मॉर्निंगस्टार ने एक्स-एआई बिजनेस के भविष्य के मुनाफे को लेकर भी अनिश्चितता जताई है और चेतावनी दी है कि इससे कंपनी के लिए वैल्यू खत्म होने का बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।

एलन मस्क का पूर्ण नियंत्रण

कंपनी के पब्लिक होने के बाद भी स्पेसएक्स का पूरा नियंत्रण एलन मस्क के हाथों में ही सुरक्षित रहेगा। रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, मस्क अपने क्लास बी शेयरों के माध्यम से लगभग 82 दशमलव 4 प्रतिशत वोटिंग अधिकार अपने पास रखेंगे। इन विशेष शेयरों में प्रति शेयर दस वोट मिलते हैं। इसका अर्थ यह है कि कंपनी की कुल वोटिंग पावर का लगभग 82 प्रतिशत हिस्सा उनके पास होगा, जिससे वह कंपनी के हर छोटे-बड़े फैसले को प्रभावित कर सकेंगे। वहीं, आम निवेशकों को क्लास ए शेयर दिए जाएंगे, जिनमें हर शेयर पर केवल एक वोट का अधिकार होगा।

कर्ज का भारी बोझ

स्पेसएक्स की बैलेंस शीट पर कर्ज का दबाव भी एक बड़ी चिंता है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने आईपीओ से पहले अपने पुराने कर्ज के एक बड़े हिस्से को रीफाइनेंस करने के लिए अप्रैल में 20 अरब डॉलर का ब्रिज लोन लिया था। यह कर्ज उधार देने वालों के एक गुप्त सिंडिकेट से लिया गया था और लोन की शर्तों के मुताबिक, अगर आईपीओ के बाद छह महीने के भीतर किसी अन्य स्रोत से कर्ज नहीं चुकाया जाता है, तो स्पेसएक्स को इस कर्ज की अदायगी के लिए आईपीओ से मिली रकम का उपयोग करना पड़ सकता है, जो कंपनी की विस्तार योजनाओं को प्रभावित कर सकता है।

प्रतिस्पर्धा और स्टारलिंक का भविष्य

अंतरिक्ष को व्यावसायिक बनाने की दौड़ में प्रतिस्पर्धा बहुत तेज हो गई है। स्पेसएक्स और ब्लू ओरिजिन जैसी कंपनियां लॉन्च की लागत कम करने और सरकारी अनुबंध हासिल करने के लिए कड़ा मुकाबला कर रही हैं। स्पेसएक्स के बिजनेस का एक बहुत बड़ा हिस्सा स्टारलिंक है, जो वर्तमान में लगभग 10000 सैटेलाइट के साथ दुनिया का सबसे बड़ा सैटेलाइट ऑपरेटर है। यह नेटवर्क दुनिया भर में इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करता है, लेकिन अपनी बढ़त बनाए रखने के लिए कंपनी को लगातार भारी निवेश की आवश्यकता होगी। निवेशकों के लिए यह आईपीओ एक बड़ा अवसर तो है, लेकिन वैल्यूएशन, घाटे और गवर्नेंस से जुड़े सवाल भविष्य में चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।

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