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शेयर बाजार धड़ाम: सेंसेक्स 1682 अंक टूटा, निवेशकों के ₹7.27 लाख करोड़ डूबे

शेयर बाजार धड़ाम: सेंसेक्स 1682 अंक टूटा, निवेशकों के ₹7.27 लाख करोड़ डूबे
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भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 13 अप्रैल को जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने के कारण निवेशकों के सेंटिमेंट पर गहरा असर पड़ा है। 32 के निचले स्तर पर पहुंच गया। 60 के स्तर पर आ गया। 27 लाख करोड़ से अधिक की कमी दर्ज की गई।

निवेशकों की संपत्ति में भारी गिरावट

10 करोड़ पर पहुंच गया था। 46 करोड़ के नीचे चला गया। अधिकारियों के अनुसार, बाजार में यह अस्थिरता वैश्विक अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आए उछाल के कारण देखी जा रही है। 88% की बढ़त दर्ज की थी, लेकिन सोमवार की गिरावट ने उन लाभों को काफी हद तक कम कर दिया है।

अमेरिका-ईरान वार्ता विफल और होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी

पश्चिम एशिया में संघर्ष विराम को लेकर पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच हुई 21 घंटे की बातचीत बेनतीजा रही है। ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी पक्ष की मांगों के कारण कोई समझौता नहीं हो सका। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने स्पष्ट किया कि ईरान द्वारा परमाणु कार्यक्रम से पीछे न हटने के कारण शांति समझौता संभव नहीं हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी नौसेना अब रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू कर सकती है, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने की आशंका है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक बाजारों का हाल

भू-राजनीतिक संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर $100 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई हैं। इसका सीधा असर एशियाई बाजारों पर भी देखा गया। जापान का निक्केई, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और हॉन्ग कॉन्ग का हेंग सेंग 1% से अधिक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। ताइवान वेटेड और शंघाई कंपोजिट में भी कमजोरी देखी गई है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने मुद्रास्फीति की चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक इक्विटी बाजारों में बिकवाली का दबाव बना हुआ है।

रुपये में रिकॉर्ड गिरावट और टाटा कैपिटल का अपडेट

32 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और डॉलर की मजबूती ने रुपये पर दबाव डाला है। इसके अतिरिक्त, 13 अप्रैल को टाटा कैपिटल का 6 महीने का लॉक-इन पीरियड भी समाप्त हो गया है, जिससे ₹93,700 करोड़ से अधिक मूल्य के शेयर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए हैं। इन सभी कारकों ने मिलकर बाजार में अस्थिरता के माहौल को और गहरा कर दिया है।

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