होर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी और जहाजों की आवाजाही
जंग के कारण होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका और ईरान की कड़ी नाकाबंदी है। ईरान ने होर्मुज में पानी के नीचे 20 से ज्यादा माइंस बिछा रखी हैं। इसके बावजूद वहां से जहाज लगातार फर्राटे भरकर निकल रहे हैं। दरअसल, फारस की खाड़ी में फंसे जहाजों के कैप्टन अमेरिका और ईरान की अथॉरिटीज की आंखों में धूल झोंककर आसानी से निकल रहे हैं। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज से गुजरने के लिए फारस की खाड़ी में मौजूद जहाज पांच अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं।
सफलतापूर्वक निकलने वाले जहाजों के आंकड़े
इन्हीं विशेष तरीकों के जरिए अब तक 20 जहाज होर्मुज से सुरक्षित निकल चुके हैं। हालांकि, कुछ जहाज ईरान और अमेरिका के चंगुल में भी फंस गए हैं। वर्तमान में होर्मुज में फंसे जहाजों की कुल संख्या तीन है। इनमें से दो जहाजों को ईरान ने अपने नियंत्रण में लिया है, जबकि एक जहाज को अमेरिका ने अपने कब्जे में लिया है।
जहाजों के निकलने की 3 मुख्य रणनीतियां
एशियाई देशों का दबदबा और ईरान के टैंकर
रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज से निकलने वाले अधिकांश जहाज एशियाई देशों के हैं और यूरोप और अमेरिका के जहाज इस क्षेत्र से पीछे हट गए हैं क्योंकि वे क्रॉस करने का जोखिम नहीं उठाना चाहते। दूसरी ओर, ईरान के टैंकर भी होर्मुज में भारी आवाजाही कर रहे हैं, जिन्हें अमेरिका ट्रेस करने में विफल रहा है।
चीन-ईरान व्यापार और माल की ढुलाई
ईरान के अधिकांश जहाज चीन से आ रहे हैं। चीन इन जहाजों के माध्यम से मिसाइल बनाने का सामान और खाद्य पदार्थ ईरान भेज रहा है। वहीं, दूसरी तरफ फारस की खाड़ी से जो जहाज निकल रहे हैं, उन पर मुख्य रूप से तेल और गैस लदे होते हैं।