सूडान में खूनी ड्रोन हमला, 153 बेकसूरों की दर्दनाक मौत से दहल उठा देश; बच्चों को भी नहीं छोड़ा

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सूडान में खूनी ड्रोन हमला, 153 बेकसूरों की दर्दनाक मौत से दहल उठा देश; बच्चों को भी नहीं छोड़ा
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अфриकी महाद्वीप में स्थित देश सूडान से एक बेहद दर्दनाक और मानवता को झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है, जहां जारी भीषण संघर्ष और गृहयुद्ध के बीच आम नागरिकों पर संकट लगातार गहराता जा रहा है। सूडान और दक्षिण सूडान के बीच एक लंबे समय से विवादित सीमा क्षेत्र माने जाने वाले अबेई में स्थित एक बाजार पर एक भीषण और खौफनाक ड्रोन हमला किया गया और इस अत्यंत घातक ड्रोन हमले में कम से कम 153 लोगों के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि सामने आई है। इस दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर से युद्ध के मैदान में बेकसूर नागरिकों की सुरक्षा पर एक बड़ा और गंभीर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है, क्योंकि इस क्रूर हमले में मासूम बच्चों को भी नहीं बख्शा गया और वे भी इसका सीधा निशाना बने हैं। स्थानीय प्रशासन और चश्मदीदों के मुताबिक यह विध्वंसक हमला अबेई के व्यस्त एमिएट बाजार में स्थित एक पेट्रोल पंप के बेहद करीब हुआ, जिसने पलभर में पूरे इलाके को मौत के मातम में बदल दिया।

अबेई के एमिएट बाजार में मची तबाही और पेट्रोल पंप के पास विस्फोट

घटना के चश्मदीदों और स्थानीय अधिकारियों से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, अबेई क्षेत्र के एमिएट बाजार में हुआ ड्रोन हमला इतना ज्यादा शक्तिशाली था कि इसने अपने दायरे में आने वाली हर चीज को तहस-नहस कर दिया। बाजार के भीतर एक पेट्रोल पंप के पास हुए इस ड्रोन धमाके की गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी। धमाका इतना भीषण और जबरदस्त था कि इसके प्रभाव से पूरे बाजार परिसर में आग बेकाबू होकर फैल गई। आग की ऊंची-ऊंची लपटें आसमान छूने लगीं और देखते ही देखते पूरा बाजार आपकी चपेट में आ गया, जिससे वहां चारों तरफ भयानक भगदड़ मच गई और जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई। इस अप्रत्याशित और भयानक हमले में न केवल भारी संख्या में लोग काल के गाल में समा गए, बल्कि कई अन्य लोग गंभीर रूप से बुरी तरह जख्मी भी हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर यह आशंका लगातार जताई जा रही है कि गंभीर रूप से घायल लोगों की नाजुक स्थिति को देखते हुए मरने वालों की यह दुखद तादाद अभी और भी अधिक बढ़ सकती है, जिससे प्रशासन की चिंताएं और अधिक गहरी हो गई हैं।

सूडान की सेना पर लगा हमले का सीधा गंभीर आरोप

इस अत्यंत भयावह नरसंहार के बाद राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर गहमागहमी तेज हो गई है और एक-दूसरे पर आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया है। स्थानीय प्रशासन ने सीधे तौर पर सूडान की सेना पर इस खूनी ड्रोन अटैक को अंजाम देने का गंभीर आरोप लगाया है और अबेई क्षेत्र में सूचना मामलों के कार्यवाहक मंत्री, योहाना अकोल नगोर ने मंगलवार के दिन बिना कोई ठोस सबूत पेश किए सार्वजनिक रूप से यह बयान दिया कि इस अमानवीय हमले के लिए पूरी तरह से सूडान की सेना ही जिम्मेदार है। मंत्री के इस बयान के बाद इलाके में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। इस बीच, दक्षिण सूडान के विदेश मंत्रालय ने भी इस पूरे मामले पर बेहद कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने भी बिना किसी लाग-लपेट के सीधे तौर पर इस भीषण हमले के लिए सूडान की सेना को ही जिम्मेदार ठहराया है। मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में यह बात कही गई कि इस सुनियोजित हमले के दौरान बाजार के कई अलग-अलग स्थानों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया था। इस कायराना हरकत के परिणामस्वरूप न केवल बहुमूल्य मानव जीवन यानी आम नागरिकों की दर्दनाक मौतें हुईं, बल्कि बड़े पैमाने पर निजी और सार्वजनिक संपत्तियों को भी भारी क्षति पहुंची है।

सूडान में सुडानी सेना और आरएसएफ के बीच जारी है गृहयुद्ध

सूडान के भीतर जारी यह खूनी संघर्ष रातों-रात पैदा नहीं हुआ है, बल्कि इसके पीछे एक लंबा और खूनी इतिहास रहा है। जानकारी के लिए बता दें कि सूडान की नियमित सेना और शक्तिशाली अर्धसैनिक संगठन रैपिड सपोर्ट फोर्सेज यानी आरएसएफ के बीच अप्रैल 2023 से खूनी संघर्ष लगातार जारी है। शुरुआत में दो सैन्य धड़ों के बीच शुरू हुई यह तनातनी अब एक विकृत और भयानक गृहयुद्ध का रूप ले चुकी है, जिसका सबसे बड़ा खामियाजा वहां के आम और बेकसूर नागरिकों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है। इस गृहयुद्ध की विभीषिका का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल सूडान के ही अल-फाशर शहर में अर्धसैनिक बलों के द्वारा एक पवित्र मस्जिद को ड्रोन हमले के जरिए पूरी तरह से उड़ा दिया गया था। उस बेहद घातक और निंदनीय हमले में भी 43 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। सूडान के भीतर हालिया महीनों में जिस प्रकार लगातार ड्रोन हमलों में तेजी आई है, उसने आम नागरिकों की जिंदगी पर मंडरा रहे खतरे को कई गुना और अधिक बढ़ा दिया है।

माली में इस्लामिक स्टेट से जुड़े आतंकवादी समूह का खूनी तांडव

सूडान की इस दर्दनाक त्रासदी के अलावा अफ्रीकी महाद्वीप के एक अन्य हिस्से से भी ऐसी ही एक और दहला देने वाली खून-खराबे की खबर सामने आई है। पूर्वी माली के मेनाका क्षेत्र में बीते वीकेंड के दौरान इस्लामिक स्टेट यानी आईएस से जुड़े हुए एक खतरनाक आतंकवादी समूह की तरफ से बहुत बड़ा हमला किया गया। समाचार एजेंसी एपी से मिली रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को एक स्थानीय सांसद ने मीडिया को इस बात की जानकारी दी कि बीते वीकेंड में आइसिस से जुड़े इन खूंखार आतंकवादियों ने पूर्वी माली के मेनाका इलाके में अचानक धावा बोल दिया। आतंकवादियों द्वारा किए गए इस अंधाधुंध और क्रूर हमले में कुल 48 लोग मारे गए। इस भीषण नरसंहार में भी मानवता की सभी सीमाओं को लांघते हुए क्रूरता की हदें पार की गईं, क्योंकि मारे जाने वाले इन 48 लोगों में मासूम बच्चे और वृद्ध बुजुर्ग भी पूरी तरह से शामिल थे, जिन्हें आतंकवादियों ने जरा सी भी दया दिखाए बिना मौत के घाट उतार दिया। अफ्रीकी देशों में जारी इन हिंसक संघर्षों और आतंकी हमलों ने पूरी दुनिया का ध्यान एक बार फिर से मानवाधिकारों की रक्षा और शांति स्थापना की दिशा में गंभीर प्रयासों की ओर आकर्षित किया है.

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