मध्य पूर्व में तनाव उस समय अपने चरम पर पहुंच गया जब ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर अपने हमलों को तेज कर दिया। लगातार हो रही बमबारी और नागरिक हवाई अड्डों तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने के बाद अमेरिका ने एक बेहद कड़ा कदम उठाया है। अमेरिका ने सऊदी अरब में अपने दूतावास के गैर-आपातकालीन कामकाज में लगे कर्मचारियों और उनके परिवारों को तत्काल देश छोड़ने का आदेश जारी कर दिया है। इस भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच केवल सऊदी अरब ही नहीं, बल्कि पश्चिम एशिया के अन्य अहम देशों जैसे संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, कतर और बहरीन के लिए भी इसी तरह के निकासी और सतर्कता आदेश जारी किए गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर भारी चिंता पैदा हो गई है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बात की आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए लिखा कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब में गैर-आपातकालीन कामकाज में लगे अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। उन्होंने अपने बयान में स्पष्ट किया कि ईरान समर्थित हूती विद्रोही लगातार सऊदी अरब के खिलाफ आक्रामक हमले कर रहे हैं। इन हमलों में सिविलियन एयरपोर्ट्स यानी नागरिक हवाई अड्डों और दूसरे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को सीधे तौर पर निशाना बनाया जा रहा है। इन सुनियोजित हमलों के कारण न केवल आम नागरिकों की बहुमूल्य जान जा रही है, बल्कि क्षेत्र की ट्रैवल व्यवस्था यानी यात्रा और परिवहन तंत्र भी बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं।
शायबा तेल क्षेत्र पर ड्रोन हमले का गंभीर असर
इस बीच स्थिति तब और अधिक गंभीर हो गई जब सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर देश के प्रमुख तेल क्षेत्रों में से एक पर हुए हमले की पुष्टि की। मंत्रालय के अनुसार, एक ड्रोन को हवा में रोके जाने के बाद उसके मलबे का कुछ हिस्सा शयबाह ऑयल फील्ड में काम कर रहे एक ठेकेदार की गाड़ी पर आ गिरा, जिससे वहां अचानक भीषण आग लग गई। यह खतरनाक घटना ऐसे नाजुक समय में सामने आई है जब यमन में सक्रिय हूती विद्रोहियों और सऊदी गठबंधन के बीच लगातार भीषण ड्रोन और मिसाइल हमले हो रहे हैं। इस साल जुलाई के महीने में संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में चला आ रहा चार साल का लंबा संघर्ष-विराम यानी युद्धविराम टूट गया था, जिसके बाद से दोनों पक्षों के बीच एक बार फिर से खूनी और विध्वंसक लड़ाई शुरू हो चुकी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के एक आधिकारिक सूत्र ने इस पूरी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बुधवार सुबह सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में स्थित सऊदी अरामको के शायबा तेल क्षेत्र की एक प्रोसेसिंग फैसिलिटी को निशाना बनाने की नापाक कोशिश की जा रही थी। इस दौरान एक खतरनाक ड्रोन को सऊदी एयर डिफेंस ने समय रहते हवा में ही रोक लिया। मंत्रालय के अनुसार, रोके गए ड्रोन का मलबा ऑयल फील्ड की सीमा से ठीक बाहर काम कर रहे एक ठेकेदार की गाड़ी पर जाकर गिरा। इस मलबे के गिरने से वहां तेज आग लग गई, हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना से ऑयल फील्ड के मुख्य ऑपरेशन पर किसी भी प्रकार का कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा। संबंधित और जिम्मेदार अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर सभी जरूरी कदम उठाए और स्थिति को नियंत्रण में ले लिया।
अंतरराष्ट्रीय नागरिकों की मौत और घायल होने की पुष्टि
सऊदी रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक बयान में यह भी सनसनीखेज खुलासा किया गया कि ड्रोन हमले की इस नाकाम कोशिश के दौरान उसे हवा में रोकने के बाद नीचे गिरे मलबे की चपेट में आने से दो निर्दोष विदेशी नागरिकों की दर्दनाक मौत हो गई और मरने वालों में एक फिलीपींस और एक नेपाल का नागरिक शामिल है। इसके अलावा इस भयानक हादसे में दो अन्य विदेशी नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें एक भारत का नागरिक और एक पाकिस्तान का नागरिक शामिल है। सऊदी अधिकारियों ने इन दोनों मृत विदेशी नागरिकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है और साथ ही इस अप्रत्याशित घटना में घायल हुए लोगों के जल्द से जल्द पूरी तरह से स्वस्थ होने की कामना भी की है।
दूसरी ओर, सऊदी अरब की धरती पर एक भारतीय नागरिक के घायल होने की पुख्ता सूचना मिलने के बाद नई दिल्ली में हड़कंप मच गया। भारतीय दूतावास ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए कहा कि हमें इस बात की पुख्ता जानकारी मिली है कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण शयबाह ऑयल फील्ड पर हुए इस कायराना हमले की चपेट में आकर एक भारतीय नागरिक घायल हो गया है। भारतीय दूतावास के अधिकारी लगातार सऊदी अरब के स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में बने हुए हैं तथा इस मामले से जुड़ी हर एक बारीक और आगे की जानकारी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। दूतावास ने यह भी भरोसा दिलाया है कि इस मुश्किल वक्त में घायल हुए भारतीय नागरिक को हरसंभव सहायता और चिकित्सीय मदद उपलब्ध कराई जाएगी ताकि उसे जल्द से जल्द राहत मिल सके।