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सूरजकुंड मेला हादसा: सुनामी झूला गिरने से इंस्पेक्टर की मौत, 13 घायल

सूरजकुंड मेला हादसा: सुनामी झूला गिरने से इंस्पेक्टर की मौत, 13 घायल
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हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में शनिवार शाम एक भीषण हादसा हुआ। मेले के मनोरंजन क्षेत्र में लगा 'सुनामी' नामक झूला अचानक तकनीकी खराबी के कारण टूटकर गिर गया। इस दुर्घटना में वहां मौजूद 13 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि बचाव कार्य में जुटे एक पुलिस इंस्पेक्टर की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद मेले में अफरातफरी मच गई और प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मैदान को खाली करा लिया है।

झूला टूटने की घटना और बचाव अभियान

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे के समय 'सुनामी' झूले पर करीब 18 लोग सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि झूला अपनी पूरी गति पर था, तभी अचानक वह ऊपर जाकर अटक गया। कुछ लोगों को सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास किया जा रहा था कि तभी झूला अचानक अनियंत्रित होकर नीचे गिर पड़ा। मौके पर तैनात पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। घायलों को मलबे से बाहर निकालने के दौरान एक पुलिस इंस्पेक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अन्य 13 घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है।

स्वागत द्वार गिरने से मची दूसरी अफरातफरी

सूरजकुंड मेले में शनिवार का दिन हादसों भरा रहा। सुनामी झूला गिरने की घटना के कुछ ही समय बाद, मेले के गेट नंबर-2 के पास लगा एक भारी-भरकम 'स्वागत द्वार' भी अचानक गिर गया। इस दूसरी घटना में दो अन्य लोग घायल हो गए। एक ही दिन में दो बड़े हादसों ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और बचाव कार्य में शामिल राघव नामक एक स्टॉल धारक ने बताया कि वह लोगों को बचाने के लिए झूले पर चढ़ा था, तभी एक लोहे की ग्रिल उसके कंधे पर गिर गई, जिससे वह भी चोटिल हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों का आंखों देखा हाल

हादसे के समय मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि मंजर बेहद डरावना था। झूला गिरने के बाद चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि झूला ऊंचाई से सीधे जमीन पर आ गिरा। प्रत्यक्षदर्शी राघव के अनुसार, जब झूला ऊपर अटका था, तब करीब 8 लोगों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया था, लेकिन अचानक मशीनरी फिर से शुरू हो गई और झूला तेज गति से नीचे की ओर गिर गया। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया गया है।

प्रशासनिक जांच और सुरक्षा मानकों का विश्लेषण

अधिकारियों के अनुसार, इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। विश्लेषकों का कहना है कि मेलों में लगने वाले भारी झूलों के लिए नियमित सुरक्षा ऑडिट और फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य होता है। प्रारंभिक जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या झूले के संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई थी या कोई यांत्रिक विफलता हुई थी। पुलिस ने झूले के संचालक के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वर्तमान में सूरजकुंड मेला परिसर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। घायलों में से कुछ की स्थिति नाजुक बताई जा रही है। पुलिस विभाग ने अपने साथी इंस्पेक्टर की मौत पर शोक व्यक्त किया है और उनके परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। मेले में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी झूलों का पुन: निरीक्षण किया जा रहा है।

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