तमिलनाडु की सरकार ने मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व में राज्य की जनता के लिए कल्याणकारी योजनाओं का पिटारा खोल दिया है और विधानसभा में की गई इन घोषणाओं में स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक फैसला मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना से जुड़ा है। इस योजना के तहत अब तक इलाज के लिए सालाना सीमा 5 लाख रुपये निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस फैसले का उद्देश्य राज्य के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के दौरान होने वाले भारी-भरकम खर्च से बचाना है।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और समावेशी विकास
स्वास्थ्य बीमा की सीमा में पांच गुना बढ़ोतरी करने के साथ ही सरकार ने सामाजिक समावेश की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि अब ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों के लिए भी अतिरिक्त मेडिकल और सर्जिकल सेवाओं को इस बीमा योजना के दायरे में लाया जाएगा। ये विशेष स्वास्थ्य सेवाएं चेन्नई, तिरुनेलवेली, तूतीकोरिन और चेंगलपट्टू जैसे प्रमुख शहरों के सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे समाज के वंचित वर्गों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा और इसके अलावा, स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए पेरम्बलूर में 300 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य 400 बेड वाला मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने का निर्णय लिया गया है, जहां जनता को विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा।
दूध उत्पादकों के लिए बड़ी राहत और आर्थिक लाभ
डेयरी क्षेत्र को मजबूती देने और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री विजय ने दूध के खरीद मूल्य में वृद्धि की है। अब दूध का खरीद मूल्य 38 रुपये से बढ़ाकर 41 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इस फैसले से राज्य के लगभग 3 लाख 16 हजार दूध उत्पादकों को सीधा आर्थिक लाभ होगा। इसके साथ ही, सरकार ने दूध उत्पादकों को दिए जाने वाले प्रोत्साहन को भी 3 रुपये से बढ़ाकर 5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। इन बदलावों के कारण राज्य सरकार के खजाने पर हर महीने लगभग 30 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जो सालाना आधार पर 360 करोड़ रुपये होगा। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और दूध उत्पादन को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगा।
मेडिकल शिक्षा में क्रांति और 6098 नई सीटें
राज्य में चिकित्सा शिक्षा के स्तर को सुधारने और भविष्य के डॉक्टरों व नर्सों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने 351 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को मंजूरी दी है। इस निवेश के माध्यम से सरकारी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में कुल 6098 अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाएंगी। एससी नर्सिंग के लिए 660 सीटें, विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों और स्कूलों में 1925 सीटें, 12 अलग-अलग पैरामेडिकल कोर्स के लिए 2778 सीटें और मेडिकल कोर्स के लिए 735 सीटें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य के विभिन्न हिस्सों में 7 नए सरकारी नर्सिंग कॉलेज भी खोले जाएंगे, जिससे युवाओं को चिकित्सा के क्षेत्र में करियर बनाने के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
विधायकों के लिए सरकारी वाहन की सुविधा
प्रशासनिक कार्यों और जनसेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में एक और महत्वपूर्ण घोषणा की है। अब राज्य के सभी विधायकों को सरकारी वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विधायकों को उनके निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्यों की निगरानी करने और जनता की समस्याओं को सुनने के लिए सुगम आवाजाही की सुविधा प्रदान करना है। सरकार का मानना है कि इस सुविधा से विधायक अपने क्षेत्र की जनता के साथ बेहतर तालमेल बिठा सकेंगे और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को जमीनी स्तर पर सुनिश्चित कर सकेंगे।