Chomp Cricket Stadium: जयपुर के चोंप में बनने वाला राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) का बहुप्रतीक्षित क्रिकेट स्टेडियम, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम बनने की राह पर था, अब अधूरे सपने में तब्दील होता दिख रहा है। 75,000 दर्शकों की क्षमता वाला यह स्टेडियम राजस्थान के क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बड़ी सौगात होता, लेकिन डेढ़ साल से यह प्रोजेक्ट ठप पड़ा हुआ है।
191 करोड़ खर्च हुए, लेकिन काम अधूरा
इस स्टेडियम के निर्माण के पहले चरण का काम अक्टूबर-नवंबर 2023 तक पूरा हो जाना था। हिंदुस्तान जिंक कंपनी द्वारा इस प्रोजेक्ट में 300 करोड़ रुपये लगाने की सहमति बनी थी, जिसमें से 60 करोड़ रुपये पहले ही दिए जा चुके हैं। इसे अनिल अग्रवाल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम नाम दिया गया था।
परंतु, RCA के तत्कालीन अध्यक्ष वैभव गहलोत के इस्तीफे के बाद निर्माण कार्य रुक गया और इसके बाद फिर इसे आगे नहीं बढ़ाया गया। साथ ही, प्रदेश में सरकार बदलने के बाद इस प्रोजेक्ट पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
वित्तीय अनियमितताओं के कारण रुकावट
RCA एडहॉक कमेटी के सदस्य धर्मवीर सिंह शेखावत का कहना है कि RCA बैंक से लिया गया लोन का 25 लाख रुपये प्रति माह ब्याज चुका रही है। RCA स्टेडियम निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की इच्छुक है, लेकिन वित्तीय अनियमितताओं और दस्तावेजों की कमी के कारण समस्या उत्पन्न हो रही है। उन्होंने बताया कि ठेकेदार को पहले ही दो करोड़ रुपये अधिक दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक RCA के पास इस बात के स्पष्ट दस्तावेज नहीं हैं कि किसे कितनी राशि दी गई।
स्टेडियम निर्माण की प्रमुख बाधाएँ
100 एकड़ में बनना था स्टेडियम
17 करोड़ रुपये की छूट पर मिली जमीन
35 करोड़ रुपये का RCA ने लोन लिया
60 करोड़ रुपये हिंदुस्तान जिंक पहले ही दे चुका है
79 करोड़ रुपये BCCI से सब्सिडी मिली
अक्टूबर-नवंबर 2023 में काम पूरा होना था
प्रशासनिक अनदेखी और RCA में अनिश्चितता
RCA के पूर्व सचिव भवानी समोता का कहना है कि वर्तमान एडहॉक कमेटी अपने एजेंडे के अनुसार काम कर रही है, जिससे RCA की वित्तीय स्थिति पर भारी दबाव पड़ रहा है। वहीं, RCA के पूर्व CEO अनंत व्यास ने सुझाव दिया है कि RCA में CEO, CFO और इंफ्रा डेवलपमेंट ऑफिसर की स्थाई नियुक्ति की जानी चाहिए, ताकि इस तरह की समस्याएं भविष्य में न आएं।
क्या होगा इस स्टेडियम का भविष्य?
इस स्टेडियम का निर्माण राजस्थान में क्रिकेट को एक नई ऊंचाई तक ले जाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा था। लेकिन, मौजूदा परिस्थितियों में यह सपना अधूरा नजर आ रहा है। RCA और सरकार को जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि यह स्टेडियम सिर्फ कागजों में ही न सिमट कर रह जाए। यदि सही निर्णय लिए जाएं, तो यह स्टेडियम राजस्थान के खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्रदान कर सकता है और राज्य को खेल के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकता है।