US Defense Budget: ट्रंप का बड़ा ऐलान: अमेरिका का रक्षा बजट 2027 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर होगा, 'ड्रीम मिलिट्री' बनाने पर जोर

US Defense Budget - ट्रंप का बड़ा ऐलान: अमेरिका का रक्षा बजट 2027 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर होगा, 'ड्रीम मिलिट्री' बनाने पर जोर
| Updated on: 08-Jan-2026 08:54 AM IST
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए देश के रक्षा बजट को साल 2027 तक 1 और 5 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ाने का संकेत दिया है। यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में युद्ध और भू-राजनीतिक उथल-पुथल का दौर जारी है, जिससे वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में अनिश्चितता बनी हुई है। ट्रंप का मानना है कि यह भारी-भरकम वित्तीय आवंटन अमेरिका को एक ऐसी। 'ड्रीम मिलिट्री' बनाने में सक्षम करेगा जो अभूतपूर्व शक्ति और क्षमता से लैस होगी।

'ड्रीम मिलिट्री' का लक्ष्य और महत्व

डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि 1. 5 ट्रिलियन डॉलर का रक्षा बजट एक ऐसी 'ड्रीम मिलिट्री' के निर्माण के लिए बेहद जरूरी है, जो। किसी भी संभावित दुश्मन को प्रभावी ढंग से रोक सके और देश को हर खतरे से सुरक्षित रख सके। उनके अनुसार, यह केवल हथियारों की संख्या बढ़ाने या सैनिकों की संख्या में वृद्धि करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अत्याधुनिक तकनीक, उन्नत प्रशिक्षण, साइबर सुरक्षा क्षमताओं का विस्तार, अंतरिक्ष रक्षा प्रणालियों का विकास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में भारी निवेश शामिल होगा। एक 'ड्रीम मिलिट्री' का अर्थ होगा वैश्विक स्तर पर अमेरिका की सैन्य श्रेष्ठता को बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना कि अमेरिकी हित हर परिस्थिति में सुरक्षित रहें और यह पहल अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति को एक नई दिशा देने का प्रयास है, जिसमें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए एक मजबूत और अजेय सैन्य बल का निर्माण शामिल है।

राष्ट्रपति ट्रंप का विस्तृत बयान

अपने प्रस्ताव के बारे में बताते हुए, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "सीनेटरों, कांग्रेस सदस्यों, सेक्रेटरी और दूसरे राजनीतिक प्रतिनिधियों के साथ लंबी और मुश्किल बातचीत के बाद, मैंने यह तय किया है कि, हमारे देश की भलाई के लिए, खासकर इन बहुत मुश्किल और खतरनाक समय में, साल 2027 के लिए हमारा मिलिट्री बजट $1 ट्रिलियन डॉलर नहीं, बल्कि $1 और 5 ट्रिलियन डॉलर होना चाहिए। इससे हम वह 'ड्रीम मिलिट्री' बना पाएंगे जिसके हम लंबे समय से हकदार हैं। और, इससे भी ज़रूरी बात, जो हमें दुश्मन की परवाह किए बिना सुरक्षित रखेगी। " यह बयान ट्रंप के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं और इसके लिए आवश्यक संसाधनों को जुटाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने इस निर्णय को देश की वर्तमान और भविष्य की सुरक्षा आवश्यकताओं के लिए एक अनिवार्य कदम बताया है।

टैरिफ से भारी-भरकम राजस्व का योगदान

ट्रंप ने इस महत्वाकांक्षी रक्षा बजट के लिए वित्तीय स्रोत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि टैरिफ से दूसरे देशों से मिल रहे "भारी-भरकम पैसे" के कारण संभव हो पा रही है। उन्होंने आगे कहा, "अगर टैरिफ से दूसरे देशों से मिल रहे भारी-भरकम पैसे नहीं होते, जिनमें से कई ने, पहले, यूनाइटेड स्टेट्स को ऐसे लेवल पर 'लूटा' है जो पहले कभी नहीं देखा गया, तो मैं $1 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े पर ही रहता, लेकिन टैरिफ और उनसे होने वाली भारी इनकम की वजह से, जो रकम जेनरेट हो रही है, वह पहले अकल्पनीय थी (खासकर सिर्फ एक साल पहले स्लीपी जो बाइडेन एडमिनिस्ट्रेशन के दौरान, जो हमारे देश के इतिहास का सबसे खराब राष्ट्रपति थे), हम आसानी से $1. 5 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े तक पहुंच पा रहे हैं। " यह टिप्पणी ट्रंप की आर्थिक नीतियों और उनकी रक्षा रणनीति के बीच सीधे संबंध को दर्शाती है, जहां टैरिफ को न केवल व्यापार असंतुलन को ठीक करने के लिए, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भी एक उपकरण के रूप में देखा जा रहा है।

वैश्विक रक्षा बजट के संदर्भ में अमेरिका की स्थिति

ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि इस बढ़ी हुई फंडिंग से अमेरिका एक "बेजोड़ मिलिट्री फोर्स" का निर्माण करेगा। यह बल न केवल अपने आकार और उपकरणों में अद्वितीय होगा, बल्कि इसकी रणनीतिक क्षमताएं भी विश्व में सबसे आगे होंगी और इसके साथ ही, उन्होंने यह भी दावा किया कि टैरिफ से प्राप्त अतिरिक्त राजस्व का उपयोग केवल रक्षा बजट के लिए ही नहीं, बल्कि "कर्ज चुकाने" और "इसी तरह, हमारे देश के मध्यम आय वाले देशभक्तों को एक बड़ा डिविडेंड देने" में भी किया जा सकता है। यह एक व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है जहां आर्थिक नीतियां राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ घरेलू अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुंचाती हैं और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार करती हैं।

यह ट्रंप के 'अमेरिका फर्स्ट' एजेंडे का एक महत्वपूर्ण पहलू है, जिसमें देश की। आंतरिक और बाहरी दोनों तरह की सुरक्षा और समृद्धि पर ध्यान केंद्रित किया गया है। वर्तमान में, अमेरिका का रक्षा बजट 895 अरब डॉलर है, जो दुनिया में सबसे अधिक है। इस सूची में चीन 266 अरब डॉलर के साथ दूसरे स्थान पर, रूस 126 अरब डॉलर के साथ तीसरे स्थान पर, भारत 75 अरब डॉलर के साथ चौथे स्थान पर और सऊदी अरब 74 और 76 अरब डॉलर के साथ पांचवें स्थान पर है। यदि अमेरिका का रक्षा बजट 1. 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाता है, तो यह वैश्विक सैन्य व्यय में एक अभूतपूर्व वृद्धि होगी।

यह आंकड़ा न केवल अन्य देशों के रक्षा बजट से कई गुना। अधिक होगा, बल्कि यह वैश्विक शक्ति संतुलन पर भी गहरा प्रभाव डालेगा। यह अन्य प्रमुख शक्तियों को भी अपनी रक्षा रणनीतियों और व्यय पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर सकता है, जिससे वैश्विक सैन्यीकरण की एक नई दौड़ शुरू होने की संभावना है और यह कदम अमेरिका को एक ऐसी स्थिति में ला देगा जहां उसकी सैन्य क्षमताएं किसी भी अन्य देश या देशों के गठबंधन से कहीं अधिक होंगी, जिससे उसकी वैश्विक नेतृत्व की भूमिका और भी मजबूत होगी।

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