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इजरायल की मुट्ठी में ट्रंप? एपस्टीन फाइलों के खुलासे से अमेरिका में हड़कंप

इजरायल की मुट्ठी में ट्रंप? एपस्टीन फाइलों के खुलासे से अमेरिका में हड़कंप
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अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर जेफरी एपस्टीन का जिन्न बाहर आ गया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने शुक्रवार को जेफरी एपस्टीन फाइलों से जुड़े लाखों नए पेज, फोटो और वीडियो जारी करना शुरू किया, जिससे पूरे अमेरिका में भूचाल आ गया है। यह खुलासा न केवल राजनीतिक रूप से विस्फोटक है, बल्कि इसने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक नई और गंभीर मुश्किल में डाल दिया है। इन फाइलों में इजरायल, मोसाद और ट्रंप से जुड़े कई ऐसे दावे किए गए हैं,। जो यह संकेत देते हैं कि ट्रंप की राजनीतिक चाबी इजरायल के पास हो सकती है।

ट्रंप और इजरायल का कथित कनेक्शन

ताजा खुलासे में 1 लाख 80 हजार तस्वीरें और 2000 से ज्यादा वीडियो शामिल हैं। इन दस्तावेजों में दावा किया गया है कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद का एपस्टीन के जरिए अमेरिकी राजनीति पर गहरा प्रभाव था और रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप इजरायल द्वारा प्रभावित या ब्लैमेल किए गए हो सकते हैं। एपस्टीन के माध्यम से इजरायली खुफिया तंत्र ने अमेरिकी सत्ता के गलियारों में अपनी पैठ बनाई थी। अमेरिकी उप अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांच ने कहा कि व्हाइट हाउस ने इन फाइलों की समीक्षा में कोई भूमिका। नहीं निभाई है, लेकिन जारी किए जा रहे कुछ दस्तावेजों में ट्रंप के खिलाफ 'गलत और सनसनीखेज दावे' शामिल हैं।

जैरेड कुशनर पर गंभीर आरोप

इस खुलासे का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर से जुड़ा है। जनवरी 2026 की एक एफबीआई रिपोर्ट में एक विश्वसनीय सूत्र के हवाले से दावा किया गया है। कि कुशनर का ट्रंप के कारोबारी साम्राज्य और राष्ट्रपति पद के कामकाज पर जरूरत से ज्यादा प्रभाव था। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुशनर प्रभावी रूप से ट्रंप के संगठन और प्रेसीडेंसी को चला रहे थे और इसके अलावा, कुशनर परिवार के भ्रष्टाचार, रूसी पैसों के लेन-देन और कट्टर यहूदी चबाड नेटवर्क से कथित संबंधों की बात भी कही गई है। सूत्र ने दावा किया कि कुशनर ने महत्वपूर्ण रूसी धन का लेन-देन किया और रूसी राज्य से जुड़ी संस्थाओं के हितों को छिपाया।

मोसाद और एलन डर्शोविट्ज़ का नाम

रिपोर्ट में एपस्टीन के वकील एलन डर्शोविट्ज़ का भी जिक्र है। उन पर आरोप है कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने उन्हें अपने पक्ष में लिया था। डर्शोविट्ज़ का इस्तेमाल कथित तौर पर प्रभावशाली और अमीर छात्रों को इजरायल के खुफिया उद्देश्यों के लिए तैयार करने के लिए किया गया था। यह दावा अमेरिकी सुरक्षा और संप्रभुता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, ये सभी दावे एक गोपनीय सूत्र पर आधारित हैं और फिलहाल इन्हें अप्रमाणित माना जा रहा है, लेकिन इसने राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी है।

बिल गेट्स और बिल क्लिंटन भी घेरे में

एपस्टीन फाइलों में केवल ट्रंप ही नहीं, बल्कि माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स, फिल्म निर्माता वुडी एलेन और पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। एक ड्राफ्ट ईमेल में दावा किया गया है कि बिल गेट्स के विवाहेतर संबंध थे, हालांकि गेट्स फाउंडेशन ने इन दावों को पूरी तरह से बेतुका और गलत बताया है। वहीं, बिल क्लिंटन और ट्रंप दोनों ही इन रिकॉर्ड्स में प्रमुखता से दिखाई देते हैं। रिपब्लिकन पार्टी के अंदरूनी विद्रोह के कारण ट्रंप को इन दस्तावेजों की रिलीज को अनिवार्य करने वाले कानून पर हस्ताक्षर करने पड़े थे।

एपस्टीन का सेक्स ट्रैफिकिंग नेटवर्क

जेफरी एपस्टीन, जिसकी 2019 में जेल में मौत हो गई थी, दुनिया के सबसे अमीर और शक्तिशाली लोगों के लिए एक यौन तस्करी का रिंग चला रहा था और उसकी पूर्व प्रेमिका घिस्लेन मैक्सवेल इस काम में उसकी मुख्य सहयोगी थी। फाइलों से पता चलता है कि एपस्टीन के पास 10 'सह-अपराधी' थे, जिनके नाम फिलहाल रेडैक्ट (संपादित) किए गए हैं। इन दस्तावेजों की रिलीज से यह साफ हो गया है कि एपस्टीन का नेटवर्क कितना विशाल और। खतरनाक था, जिसने दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश की राजनीति को अपनी गिरफ्त में ले रखा था।

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