अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान वैश्विक स्तर पर एक अत्यंत आक्रामक सैन्य और कूटनीतिक रुख अपनाया है। वर्तमान स्थिति यह है कि दुनिया का हर 13 में से एक देश इस समय अमेरिका की रडार पर है। ट्रंप प्रशासन ने न केवल कई देशों पर सीधे सैन्य हमले किए हैं, बल्कि कई अन्य देशों को पूरी तरह से बर्बाद करने या उन्हें सबक सिखाने की गंभीर धमकियां भी दी हैं। इस आक्रामक नीति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि अब तक कुल 15 देश ऐसे हैं जो या तो अमेरिकी हमलों का सामना कर चुके हैं या उनके निशाने पर हैं।
सैन्य कार्रवाई का सामना कर रहे देश
रिपोर्टों के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद से अमेरिकी सेना ने अब तक सात देशों पर हमले किए हैं। इन देशों की सूची में ईरान, इराक, नाइजीरिया, सोमालिया, सीरिया, वेनेजुएला और यमन शामिल हैं। विशेष रूप से ईरान के खिलाफ अमेरिकी रुख काफी कड़ा रहा है, जहां पिछले एक साल के भीतर अमेरिकी सेना ने 2 बार हमले किए हैं। ये हमले मध्य पूर्व से लेकर अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका तक फैले हुए हैं, जो ट्रंप प्रशासन की व्यापक सैन्य सक्रियता को दर्शाते हैं।
धमकी और रडार पर मौजूद अन्य राष्ट्र
उन देशों के अलावा जहां हमले हो चुके हैं, राष्ट्रपति ट्रंप ने आठ अन्य देशों को भी कड़ी चेतावनी दी है। इन देशों में कनाडा, कोलंबिया, क्यूबा, ग्रीनलैंड (जो डेनमार्क का हिस्सा है), फिलिस्तीन, मैक्सिको, पनामा और ओमान शामिल हैं। ट्रंप ने इन देशों को सबक सिखाने या सुधार न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही है। इस प्रकार, कुल 15 देश इस समय अमेरिका की सीधी रडार पर हैं, जो वैश्विक राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है।
ओमान के साथ बढ़ता तनाव और उसके कारण
ताजा मामला खाड़ी के महत्वपूर्ण देश ओमान का है, जिसे कभी अमेरिका का करीबी सहयोगी माना जाता था। राष्ट्रपति ट्रंप ने ओमान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह नहीं सुधरता है, तो उसे पूरी तरह से बर्बाद कर दिया जाएगा। ओमान के प्रति इस नाराजगी के पीछे मुख्य कारण ईरान के साथ उसकी बढ़ती नजदीकी है। ईरान युद्ध के दौरान ओमान ने अमेरिका का साथ नहीं दिया था, जबकि ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य के किनारे पर स्थित एक रणनीतिक स्थान है। ओमान के इस रुख के कारण ईरान ने भी उस पर कोई हमला नहीं किया था।
इसके अलावा, ओमान सरकार ने हाल ही में अपने अधिकारियों को ईरान के साथ व्यापार करने के निर्देश दिए हैं। ओमान का तर्क है कि ईरान के साथ व्यापारिक संबंध रखे जा सकते हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि ईरान और ओमान मिलकर होर्मुज के लिए एक नया प्रोटोकॉल तैयार कर रहे हैं। इस प्रोटोकॉल के तहत, ईरान होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से पर्यावरण टैक्स वसूलेगा। ईरान और ओमान की इसी दोस्ती और होर्मुज पर उनके नियंत्रण के प्रयासों ने अमेरिका को बैकफुट पर धकेल दिया है, जिससे राष्ट्रपति ट्रंप बेहद नाराज हैं।
क्यूबा पर हमले की सैन्य योजना तैयार
खाड़ी देशों के साथ-साथ अमेरिका के पड़ोस में स्थित क्यूबा पर भी हमले का खतरा मंडरा रहा है। पोलिटिको मैगजीन की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना क्यूबा पर हमले के लिए पूरी तरह तैयार है और पेंटागन ने इसके लिए एक विस्तृत योजना भी बना ली है। यह योजना वर्तमान में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास विचार के लिए भेजी गई है। जैसे ही ट्रंप इस पर अपनी सहमति देंगे, अमेरिकी सेना क्यूबा पर हवाई हमले शुरू कर सकती है।
बुधवार को हुई एक कैबिनेट बैठक के दौरान विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा को अमेरिका के लिए एक बड़ा खतरा बताया। रुबियो का कहना था कि अमेरिका के पास स्थित होने के कारण क्यूबा में जारी अस्थिरता सीधे तौर पर अमेरिका की सुरक्षा को प्रभावित कर रही है। प्रशासन का मानना है कि क्यूबा की वर्तमान स्थिति सुरक्षित नहीं है और इसी वजह से वहां सैन्य हस्तक्षेप की तैयारी की जा रही है।