ट्रंप का UNGA संबोधन: ईरान को चेतावनी, यूक्रेन युद्ध पर बड़ा दावा और सुपर इंटेलिजेंस की मांग

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ट्रंप का UNGA संबोधन: ईरान को चेतावनी, यूक्रेन युद्ध पर बड़ा दावा और सुपर इंटेलिजेंस की मांग
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित करते हुए वैश्विक राजनीति और सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका में मध्यावधि चुनावों के संपन्न होने के बाद ईरान के साथ एक नया समझौता संभव हो सकता है। ट्रंप ने विश्वास जताया कि चुनाव के तुरंत बाद दोनों देशों के बीच सहमति बन सकती है। हालांकि, इस उम्मीद के साथ उन्होंने ईरान को एक सख्त चेतावनी भी दी। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान को यह तय करना होगा कि वह समझौता करना चाहता है या फिर नरक में जाना चाहता है। उन्होंने दुनिया भर के देशों से अपील की कि वे ईरान का पूर्ण आर्थिक बहिष्कार करें ताकि उस पर दबाव बनाया जा सके।

ईरान के आर्थिक अलगाव और व्यवहार पर ट्रंप का रुख

राष्ट्रपति ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय मंच से सभी देशों का आह्वान किया कि वे ईरान को आर्थिक रूप से पूरी तरह अलग-थलग करने में अमेरिका का साथ दें। उन्होंने कहा कि यह प्रतिबंध तब तक जारी रहने चाहिए जब तक ईरान वाणिज्यिक जहाजों पर अपने हमले बंद नहीं कर देता, अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को पूरी तरह त्याग नहीं देता और आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता। ट्रंप ने ईरान के वर्तमान शासन की आलोचना करते हुए कहा कि उनका बुरा व्यवहार उनकी ताकत का नहीं, बल्कि उनकी कमजोरी और हताशा का प्रतीक है। उन्होंने तर्क दिया कि ईरान का नेतृत्व आत्मविश्वास की कमी के कारण इस तरह के कदम उठा रहा है।

ईरान पर नागरिकों के नरसंहार का गंभीर आरोप

अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने ईरान सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए और उन्होंने दावा किया कि इस साल ईरान ने अपने ही 72,000 से अधिक नागरिकों का नरसंहार किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तेहरान जैसा शासन परमाणु हथियार हासिल कर लेता है, तो इसके परिणाम पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी होंगे। ट्रंप ने कहा कि एक ऐसी सरकार को परमाणु कवच मिलना खतरनाक है जो बड़े पैमाने पर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देती है।

तेल आपूर्ति और होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा

ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर बात करते हुए ट्रंप ने बताया कि युद्ध की शुरुआत से अब तक अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से 1 अरब बैरल से अधिक तेल की सुरक्षित ढुलाई सुनिश्चित की है। उन्होंने दावा किया कि इस रणनीतिक जलमार्ग से तेल का प्रवाह अब संघर्ष शुरू होने के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। ट्रंप ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका हर दिन और हर रात क्रमशः 22, 25, 30, 32 और 37 जहाज रवाना कर रहा है ताकि वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित न हो।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की प्रशंसा

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संबोधन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का भी जिक्र किया। उन्होंने पाकिस्तानी नेता को एक शानदार व्यक्ति बताते हुए कहा कि उन्होंने ट्रंप को 30 मिलियन लोगों की जान बचाने का श्रेय दिया है। ट्रंप के अनुसार, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने माना कि उनके प्रयासों की वजह से 30 मिलियन और शायद उससे भी कहीं अधिक लोगों की जान बचाई जा सकी है।

यूक्रेन और गाजा युद्ध पर शांति का दावा

युद्धों को समाप्त करने के अपने प्रयासों पर चर्चा करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनके प्रशासन ने गाजा में युद्ध को समाप्त कर दिया है और हजारों लोगों की जान बचाई है। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध पर उन्होंने कहा कि वह दोनों देशों के नेताओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि इस युद्ध को खत्म करने के लिए एक समझौता बहुत जल्द हो सकता है, जिसकी उम्मीद कई लोगों को नहीं है। इससे पहले उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी युद्ध समाप्त करने का आग्रह किया था।

वेनेजुएला के साथ तेल समझौते की संभावना

ट्रंप ने एक बड़े आर्थिक समीकरण का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि यदि संयुक्त राज्य अमेरिका और वेनेजुएला के तेल संसाधनों को मिला दिया जाए, तो दोनों देशों के पास दुनिया के 60 प्रतिशत से अधिक तेल भंडार होंगे। उन्होंने इसे दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा संभावित सौदा करार दिया। उनके अनुसार, यह गठबंधन वैश्विक ऊर्जा बाजार की दिशा बदल सकता है।

ग्रीनलैंड में नए सैन्य अड्डों की योजना

रणनीतिक सुरक्षा के विस्तार पर बोलते हुए ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य उपस्थिति को तुरंत बढ़ाना शुरू करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन किसी भी विरोधी देश को अमेरिकी अनुमति के बिना ग्रीनलैंड में सैन्य ठिकाने बनाने या संवेदनशील निवेश करने से रोकेगा। उन्होंने घोषणा की कि अमेरिका वहां दो बहुत बड़े सैन्य अड्डे बनाएगा ताकि क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

हथियारों की आपूर्ति और आईसीसी की आलोचना

ट्रंप ने उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि ईरान के साथ तनाव के कारण अमेरिकी सेना के पास हथियारों की कमी हो गई है और उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास गोला-बारूद का इतना बड़ा भंडार है कि उसे पूरी तरह इस्तेमाल करना भी मुश्किल है। उन्होंने बताया कि हथियारों का निर्माण अब उस स्तर पर हो रहा है जो पहले कभी नहीं देखा गया। इसके साथ ही उन्होंने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) को एक बेलगाम और भ्रष्ट संस्था बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका कभी भी अपने सैन्य कर्मियों को किसी ऐसे न्यायाधिकरण की जांच के दायरे में नहीं आने देगा जिसका उन पर कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने आईसीसी के सभी सदस्य देशों से इस संस्था से इस्तीफा देने और इसका बहिष्कार करने का आह्वान किया।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का नया नाम: सुपर इंटेलिजेंस

तकनीक के भविष्य पर बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए एक नए शब्द का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इस तकनीक को आर्टिफिशियल के बजाय सुपर इंटेलिजेंस कहा जाना चाहिए। ट्रंप ने इच्छा जताई कि अब से अमेरिका के सभी आधिकारिक दस्तावेजों और भविष्य में पूरी दुनिया के दस्तावेजों में आर्टिफिशियल शब्द की जगह अधिक सटीक शब्द सुपर का उपयोग किया जाए।

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