अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में एक बड़ा कानूनी मोड़ आया है और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा के परिजनों द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए उनके शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया है। अदालत के निर्देशों के अनुसार, दिल्ली एम्स की एक विशेषज्ञ टीम भोपाल जाकर यह दूसरा पोस्टमार्टम करेगी। ट्विशा के परिवार ने पहले हुए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद हाईकोर्ट ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली एम्स की टीम को इस प्रक्रिया में शामिल करने का फैसला सुनाया है।
ससुराल पक्ष की दलील और पति का सरेंडर
इस मामले में ट्विशा शर्मा के ससुराल पक्ष की ओर से भी बयान सामने आया है। उनके वकील ने अदालत में दलील दी कि ट्विशा उनके परिवार की बहू थी और वे उसके शव को इस तरह सड़ने नहीं दे सकते। वकील ने जोर देकर कहा कि बहू का अंतिम संस्कार करना उनका पारिवारिक और नैतिक फर्ज है। इसी बीच, एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है कि ट्विशा का पति, जो 12 मई की रात को हुई उनकी मौत के बाद से ही फरार चल रहा था, अब पुलिस के सामने सरेंडर करने के लिए तैयार हो गया है। आरोपी के वकील ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को सूचित किया है कि उनका मुवक्किल कानून की प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए आत्मसमर्पण करेगा।
वायरल ऑडियो और मेजर हर्षित का बयान
सोशल मीडिया पर ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह और उनके भाई मेजर हर्षित शर्मा के बीच हुई बातचीत का एक ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऑडियो क्लिप पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मेजर हर्षित शर्मा ने स्पष्ट किया कि इसमें जो कुछ भी सुना जा रहा है, वह पूरी तरह से सच है। उन्होंने कहा कि इस बातचीत में कोई झूठ नहीं है और यह वास्तव में उनके और गिरिबाला सिंह के बीच का संवाद है। हर्षित ने बताया कि जब यह बातचीत हो रही थी, तब कमरे में गिरिबाला सिंह की मौसी, उनके बड़े भाई, हर्षित के अपने बड़े भाई और उनकी मां भी मौजूद थीं। उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि यह पूरी बातचीत रिकॉर्ड पर थी, जिससे सच्चाई सामने आ सके।
सास के व्यवहार पर भाई की टिप्पणी
मेजर हर्षित ने अपनी बहन की सास के व्यवहार के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान कई ऐसी बातें कही गईं जो काफी कड़वी थीं और उस वक्त उनकी समझ से परे थीं। हर्षित के अनुसार, जब उन्होंने उन बातों पर सवाल उठाए या उन्हें चुनौती दी, तो गिरिबाला सिंह को यह नागवार गुजरा और हर्षित ने कहा कि चूंकि वह एक जज हैं, इसलिए उन्हें किसी के द्वारा चुनौती दिए जाने या क्रॉस-क्वेश्चन किए जाने की आदत नहीं है। उन्होंने हर्षित से सीधे तौर पर पूछा कि एक लड़का उनसे इस तरह की बातें कैसे कह सकता है। हर्षित ने स्पष्ट किया कि वह केवल एक भाई के नाते अपनी बहन की सास से बात कर रहे थे और उनकी राय जानना चाहते थे, लेकिन गिरिबाला सिंह अपनी बात पर अड़ी रहीं और उन्हें अपनी बातों में कुछ भी गलत नजर नहीं आया। यह उनके लिए काफी हैरानी की बात थी कि एक जिम्मेदार पद पर होने के बावजूद उनका रवैया ऐसा था।