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उदयपुर: बीजेपी महिला नेता को एआई वीडियो से धमकी, वकील गिरफ्तार

उदयपुर: बीजेपी महिला नेता को एआई वीडियो से धमकी, वकील गिरफ्तार
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राजस्थान के उदयपुर जिले में पुलिस ने एक अधिवक्ता को भारतीय जनता पार्टी की एक महिला नेता की शिकायत पर गिरफ्तार किया है। महिला नेता का आरोप है कि आरोपी ने उन्हें नशीला पदार्थ पिलाकर उनके अश्लील वीडियो बनाए और बाद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग कर उन वीडियो के साथ छेड़छाड़ की। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसके निवास स्थान से हिरासत में लिया है।

शिकायत और नशीले पदार्थ के सेवन का आरोप

भूपालपुरा थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता ने बताया कि आरोपी अधिवक्ता विशाल गुर्जर ने उन्हें धोखे से कोई नशीला पदार्थ पिला दिया था। पीड़िता के अनुसार, नशीले पदार्थ के प्रभाव से वह बेहोश हो गई थीं। होश में आने के बाद आरोपी ने उन्हें सूचित किया कि उसने उनकी अश्लील वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली है। महिला नेता ने पुलिस को दी गई रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया है कि आरोपी इस कथित वीडियो का उपयोग उन्हें शारीरिक शोषण के लिए मजबूर करने और ब्लैकमेल करने के लिए कर रहा था।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दुरुपयोग का दावा

पीड़िता ने अपनी शिकायत में एक गंभीर आरोप यह भी लगाया है कि आरोपी ने आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग किया है। आरोप के अनुसार, विशाल गुर्जर ने पीड़िता को बताया कि उसने एआई (AI) की मदद से वीडियो में छेड़छाड़ की है और उनके परिचितों के साथ उनके अश्लील वीडियो तैयार कर लिए हैं। आरोपी ने यह भी दावा किया कि उसने इन छेड़छाड़ किए गए वीडियो की 7 से 8 प्रतियां तैयार की हैं और उन्हें अपने कुछ परिचितों के पास सुरक्षित रखवा दिया है। इन वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर आरोपी लगातार पीड़िता पर दबाव बना रहा था।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए उदयपुर की भूपालपुरा थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी विशाल गुर्जर को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से मामले से संबंधित डिजिटल उपकरण और अन्य वस्तुएं भी जब्त की हैं। पुलिस अब इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराने की प्रक्रिया में है ताकि एआई द्वारा निर्मित या छेड़छाड़ किए गए वीडियो के दावों की पुष्टि की जा सके।

न्यायिक प्रक्रिया और जांच का विवरण

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है और इस पूरे मामले की जांच का जिम्मा पुलिस उपाधीक्षक (DSP) गोपाल चंदेल को सौंपा गया है। अनुसंधान अधिकारी मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहे हैं, जिसमें डिजिटल साक्ष्यों का संकलन मुख्य प्राथमिकता है। हालांकि, इस संवेदनशील मामले पर पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने फिलहाल कोई भी आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही तथ्यों की पूर्ण स्पष्टता हो पाएगी।

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