पश्चिम बंगाल के बाद अब महाराष्ट्र की राजनीति में भी जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसदों के पाला बदलने की अटकलों के बीच, पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आज यानी रविवार 14 जून को अपने सभी सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह बैठक मुंबई के बांद्रा ईस्ट स्थित ठाकरे परिवार के निजी आवास मातोश्री में दोपहर 12 बजे आयोजित की जाएगी। इस बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, क्योंकि यह ऐसे समय में हो रही है जब विपक्षी खेमे द्वारा ऑपरेशन टाइगर की चर्चाएं जोरों पर हैं।
क्या है ऑपरेशन टाइगर और क्यों बढ़ी हलचल
दरअसल, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेताओं ने हाल ही में यह दावा किया है कि शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसद पाला बदलने की तैयारी में हैं। इस संभावित दलबदल को ऑपरेशन टाइगर का नाम दिया गया है। शिंदे गुट के नेताओं का कहना है कि उद्धव गुट के कई सांसद उनके संपर्क में हैं और जल्द ही वे आधिकारिक तौर पर पाला बदल सकते हैं। इन्हीं अटकलों के बीच उद्धव ठाकरे ने अपने संसदीय दल में किसी भी प्रकार की फूट को रोकने के लिए यह आपात बैठक बुलाई है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि सभी सांसद एकजुट रहें और किसी भी बाहरी प्रभाव में न आएं।
केंद्रीय मंत्री प्रताप जाधव का बड़ा बयान
इस पूरे मामले में केंद्रीय मंत्री और शिवसेना नेता प्रताप जाधव के एक बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। जाधव ने हाल ही में संकेत दिया था कि शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों का पाला बदलना लगभग तय है और उन्होंने कहा था कि ऑपरेशन टाइगर अपने अंतिम चरण में है और यह पूरा होने के कगार पर पहुंच चुका है। जाधव के मुताबिक, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जब भी उचित समझेंगे, इस प्रक्रिया को तुरंत पूरा कर लिया जाएगा। इस बयान के बाद से ही उद्धव ठाकरे खेमे में बेचैनी बढ़ गई है और वे अपने समर्थकों को एकजुट करने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं।
एकनाथ शिंदे ने अटकलों पर क्या कहा
हालांकि, एक तरफ जहां उनके मंत्री और नेता ऑपरेशन टाइगर की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इन अटकलों को फिलहाल खारिज किया है। दिल्ली दौरे के दौरान शिंदे ने कहा कि चुनाव अब संपन्न हो चुके हैं और फिलहाल किसी भी प्रकार के नंबर गेम की कोई आवश्यकता नहीं है। उनके इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं, जबकि उद्धव गुट इसे केवल एक छलावा मानकर अपनी तैयारी पुख्ता कर रहा है।
संजय राउत ने बैठक को बताया नियमित प्रक्रिया
शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने इस बैठक को लेकर मचे हंगामे को शांत करने की कोशिश की है। राउत का कहना है कि रविवार को मातोश्री में होने वाली यह बैठक पूरी तरह से नियमित है और इसका ऑपरेशन टाइगर जैसी अटकलों से कोई लेना-देना नहीं है। उनके अनुसार, बैठक में आगामी संसद सत्र, पार्टी के संगठनात्मक मुद्दों और भविष्य की चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। वर्तमान में उद्धव ठाकरे गुट के पास लोकसभा में 9 सांसद हैं और पार्टी किसी भी तरह की टूट की संभावना से इनकार कर रही है।
बंगाल और महाराष्ट्र के सियासी समीकरण
महाराष्ट्र की यह हलचल ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम बंगाल में भी ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में टूट की खबरें आ रही हैं। वहां दावा किया जा रहा है कि टीएमसी के करीब 20 सांसद भाजपा के संपर्क में हैं। यदि बंगाल और महाराष्ट्र दोनों राज्यों में इस तरह की टूट होती है, तो केंद्र की राजनीति का गणित भी बदल सकता है। वर्तमान में एकनाथ शिंदे की शिवसेना 7 सांसदों के साथ केंद्र में भाजपा की तीसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी है। ऐसे में उद्धव गुट के सांसदों की संभावित टूट की खबरें राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई हैं। फिलहाल सभी की निगाहें मातोश्री में होने वाली इस बैठक के नतीजों पर टिकी हैं।