ब्रिटेन के एक गांव में रॉयल एयरफोर्स (ब्रिटिश वायुसेना) के वायुसैनिक ठिकाने के पास रविवार 27 सितंबर को पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। माना जा रहा है कि ये लोग आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में थे। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और देश की आतंकवाद-रोधी पुलिस तुरंत मामले की तफ्तीश में जुट गई है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने इस कार्रवाई को शानदार बताया है और ब्रिटिश अधिकारियों की मुस्तैदी की सराहना की है।
ट्रंप ने किया बड़ी साजिश का दावा
शिकागो दौरे के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि गिरफ्तार किए गए पांचों लोग अमेरिकी सैनिकों और विमानों वाले ब्रिटिश अड्डे के खिलाफ एक बड़ी साजिश रच रहे थे और उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में हुई गिरफ्तारी शानदार रही और ब्रिटेन के साथ मिलकर काम करना एक बेहतरीन अनुभव था। ट्रंप ने खुलासा किया कि अमेरिकी एजेंसियां भी उनकी जांच कर रही थीं। उन्होंने बताया कि वे हमारे किले को भारी नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे और अंग्रेजों के साथ मिलकर काम करना बहुत कारगर साबित हुआ। ट्रंप ने यह भी कहा कि हम लंबे समय से उन पर नजर रख रहे थे और आखिरकार हमने उन्हें पकड़ लिया।
पुलिस की कार्रवाई और 5 संदिग्धों की गिरफ्तारी
मेट्रोपॉलिटन पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, स्थानीय पुलिस इकाई को देर रात 12:45 बजे फोन पर तीन संदिग्ध गाड़ियों के दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड में आरएएफ फेयरफोर्ड की ओर जाने की सूचना मिली थी। इस सूचना के मिलते ही हथियारबंद पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, पांच संदिग्धों को विस्फोटक अधिनियम और आतंकवाद अधिनियम के तहत अपराध को अंजाम देने की साजिश रचने के संदेह में ग्लूसेस्टरशायर के वेल्फोर्ड इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि आतंकवाद-रोधी पुलिस अब पुष्टि कर सकती है कि वह ग्लूसेस्टरशायर में आरएएफ फेयरफोर्ड के पास रात में हुई एक घटना की जांच कर रही है।
जांच प्रक्रिया और सुरक्षा घेरा
आतंकवाद-रोधी पुलिस में वरिष्ठ राष्ट्रीय समन्वयक विकी इवांस ने बताया कि मामले की जांच अभी शुरुआती दौर में है और पकड़े गए पांच लोगों से हिरासत में पूछताछ की जा रही है और उन्होंने कहा कि जैसा कि आप उम्मीद करेंगे, हम घटना से जुड़े हालात को समझने के लिए अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हम घटनास्थल से सबूत इकट्ठा करने के साथ-साथ समुदाय को सुरक्षित रखने के लिए ग्लूसेस्टरशायर पुलिस के साथ समन्वय कर रहे हैं। संदिग्ध गाड़ियों के चारों ओर 400 मीटर का घेरा बनाया गया है और सेना की विस्फोटक निस्तारण इकाई उनकी गहन जांच कर रही है। एहतियात के तौर पर जांच के दौरान लगभग 85 घरों को खाली कराया गया है ताकि स्थानीय नागरिकों को किसी भी खतरे से बचाया जा सके।
सरकार की प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपाय
इससे पहले, ग्लूसेस्टरशायर पुलिस ने एक बड़ी घटना को विफल करने की घोषणा करते हुए कहा था कि ब्रिटिश सेना ने अपना बम निरोधक दस्ता मौके पर भेजा है। पुलिस बल के असिस्टेंट चीफ कॉन्स्टेबल रिचर्ड ओकोन ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अटकलें न लगाएं और जानकारी के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों पर ही भरोसा करें। ब्रिटिश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम को वायुसैनिक ठिकाने से जुड़ी घटना के बारे में लगातार जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस वायुसैनिक ठिकाने पर बड़ी संख्या में अमेरिकी वायुसेना के कर्मी और संसाधन मौजूद हैं। प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने कहा कि आरएएफ फेयरफोर्ड के पास हुई घटना स्थानीय निवासियों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने इस अभियान में शामिल पुलिस, आतंकवाद विरोधी टीमों और सशस्त्र बलों को धन्यवाद दिया। उन्होंने एहतियात के तौर पर निकाले गए निवासियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया और इस बात पर जोर दिया कि जन सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।
आरएएफ फेयरफोर्ड का सामरिक महत्व
यह पूरी घटना आरएएफ फेयरफोर्ड के पास घटी, जहां अमेरिकी वायु सेना के जवान बड़ी संख्या में तैनात हैं और मौजूदा संघर्ष के दौरान इस बेस का इस्तेमाल अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के खिलाफ सीमित हमले करने के लिए किया गया है। हालांकि, ब्रिटिश अधिकारियों ने अभी तक गिरफ्तारियों और ईरान के बीच किसी भी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं की है और न ही यह स्पष्ट किया है कि संदिग्धों का मुख्य निशाना यही अड्डा था। अमेरिकी बलों ने आरएएफ फेयरफोर्ड का इस्तेमाल ईरान के साथ युद्ध के दौरान हमलों के लिए किया है। अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था, जिसके बाद ब्रिटेन सरकार ने अमेरिकी सेना को ईरान के मिसाइल ठिकानों पर हमले के लिए फेयरफोर्ड एयरबेस के इस्तेमाल की अनुमति दी थी।