उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी राजनीतिक रणनीतियों को धार देते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा दांव चला है। पार्टी की ओर से राज्यभर में आज से 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा अभियान की शुरुआत की जा रही है। इस अभियान के माध्यम से पार्टी का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनाव के मद्देनजर जनता के बीच अपनी पैठ को और अधिक मजबूत करना तथा विपक्ष की नीतियों के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार करना है। इस व्यापक राजनीतिक अभियान की रूपरेखा और इसके तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी पार्टी द्वारा साझा की गई है, जिसके तहत राज्य के विभिन्न हिस्सों में दिग्गज नेताओं की रैलियां और पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी।
भारतीय जनता पार्टी द्वारा मंगलवार से उत्तर प्रदेश में शुरू किए जाने वाले इस 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा अभियान के पहले दिन ही राज्य की राजधानी लखनऊ में एक भव्य आयोजन देखने को मिलेगा। राजधानी लखनऊ में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान एक विशाल रैली और पदयात्रा का नेतृत्व करने जा रहे हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार यह महत्वपूर्ण यात्रा आज सुबह 11 बजे से शुरू होगी, जिसमें पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता पूरी ऊर्जा के साथ शामिल होंगे। इस आयोजन के जरिए पार्टी राजधानी से लेकर पूरे प्रदेश तक एक मजबूत राजनीतिक संदेश देने का प्रयास कर रही है।
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी दिग्गजों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है। ब्रज क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बरेली शहर में आज केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा पार्टी की ओर से आयोजित पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे और एक बड़ी रैली को संबोधित करेंगे। चुनाव से ठीक पहले भाजपा की यह रणनीति न केवल जनसंपर्क को बढ़ावा देगी, बल्कि पार्टी के कार्यकर्ताओं में भी नया जोश भरने का काम करेगी। चुनाव तैयारियों के तहत पार्टी के इन बड़े नेताओं का यह दौरा सांगठनिक ढांचे को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
पदयात्रा और रैलियों के इस सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए बुधवार के दिन भी कई बड़े कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। जानकारी के अनुसार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आगामी बुधवार को गोरखपुर में पदयात्रा निकालेंगे और जनता के बीच अपनी बात रखेंगे और इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद आगामी बुधवार 5 नवंबर को गाजियाबाद में एक बड़े मार्च का नेतृत्व करेंगे। राज्य में कुछ ही महीनों के भीतर विधानसभा चुनाव का आयोजन होना है, और ऐसी परिस्थितियों में चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी का यह आक्रामक और व्यापक कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह पूरा अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं है, बल्कि अगले तीन दिनों तक अनवरत जारी रहेगा। साल 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में भाजपा आज से इस मेगा अभियान का आगाज कर रही है। आज से लेकर अगले तीन दिनों की अवधि तक प्रदेश के सभी 6 संगठनात्मक क्षेत्रों में पार्टी के प्रमुख नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर पुरजोर तरीके से विरोध प्रदर्शन और मार्च करेंगे। इंडिया ब्लॉक के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए पार्टी द्वारा चलाए जा रहे इस 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' कैंपेन के तहत राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान तक सभी प्रमुख नेता राज्य के विभिन्न कोनों में पदयात्राओं की कमान संभालेंगे।
इस अभियान की एक बड़ी खासियत यह भी है कि चुनाव से पहले भाजपा इस पदयात्रा के माध्यम से केवल रैलियां ही नहीं कर रही है, बल्कि व्यापक स्तर पर जनसंपर्क अभियान भी चला रही है। रणनीति के तहत पार्टी के तमाम बड़े नेता और पदाधिकारी संबंधित क्षेत्रों में ही रात्रि विश्राम करेंगे और जमीनी स्तर पर बूथ कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का काम करेंगे और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की सक्रियता किसी भी चुनाव में जीत की धुरी मानी जाती है, और इसीलिए इस पदयात्रा के जरिए सांगठनिक मजबूती पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि चुनावी वैतरणी आसानी से पार की जा सके।
केवल उत्तर प्रदेश तक ही सीमित न रहते हुए, इस अभियान से जुड़े कार्यक्रम देश के अन्य हिस्सों में भी आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बीते सोमवार को पार्टी के इसी 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' कैंपेन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और इसमें शामिल होने के लिए देश के गृह मंत्री अमित शाह हैदराबाद पहुंचे थे और हैदराबाद में गृह मंत्री अमित शाह ने स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर एक बड़ा मार्च निकाला। इस पदयात्रा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने अपने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थाम रखा था, जो देशप्रेम और पार्टी के वैचारिक राष्ट्रवाद का प्रतीक बन गया। उनके साथ इस मार्च में केंद्रीय कोयला मंत्री किशन रेड्डी, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार तथा तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी के अन्य कई प्रमुख नेता भी पूरी तन्मयता के साथ मौजूद रहे।
इसके अतिरिक्त देश के अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार के राजनीतिक आयोजनों का सिलसिला जारी है। बिहार के भागलपुर में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में एनडीए का एक भव्य मार्च निकाला गया, जिसने राज्य की राजनीतिक सरगर्मी को बढ़ा दिया। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी नितिन नवीन ने मुख्यमंत्री शुभेंदु के साथ मिलकर एक प्रभावशाली पदयात्रा निकाली। वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र राज्य में महायुति गठबंधन की ओर से 'संविधान बचाओ, अराजकता हटाओ' के नारे के साथ एक विशाल रैली का आयोजन किया गया, जो देश के विभिन्न राज्यों में विपक्षी दलों के खिलाफ सत्तारूढ़ गठबंधन की एक समन्वित राजनीतिक रणनीति का स्पष्ट संकेत देता है।