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अमेरिका में H-1B वीजा पर 3 साल की रोक का प्रस्ताव: ट्रंप प्रशासन का बड़ा कदम, भारतीयों पर गहरा असर

अमेरिका में H-1B वीजा पर 3 साल की रोक का प्रस्ताव: ट्रंप प्रशासन का बड़ा कदम, भारतीयों पर गहरा असर
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वाशिंगटन: अमेरिका का H-1B वीजा चाहने वालों को ट्रंप प्रशासन ने बहुत बड़ा झटका दे दिया है। अब 3 साल तक किसी को भी H-1B वीजा नहीं मिलेगा। दरअसल अमेरिकी कांग्रेस में रिपब्लिकन सांसदों के एक समूह ने H-1B वीजा कार्यक्रम पर तीन वर्ष की रोक लगाने वाला विधेयक पेश किया है। अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने 3 साल तक H-1B वीजा जारी करने पर रोक लगाने वाला विधेयक पारित किया है। इसका सबसे बुरा असर भारतीय लोगों पर होगा। भारत के लोग बड़ी संख्या में इसी वीजा पर अमेरिका में विभिन्न सेक्टरों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

रिपब्लिकन सांसदों द्वारा विधेयक पेश करने का कारण

रिपब्लिकन सांसदों का कहना है कि इस कार्यक्रम को अपहृत कर लिया गया है, ताकि अमेरिकी कामगारों को सस्ते विदेशी श्रमिकों से बदल दिया जाए। उनका तर्क है कि विदेशी श्रमिकों की जगह अमेरिकी लोगों की नियुक्तियां की जानी चाहिए। अरिजोना के कांग्रेसमैन एली क्रेन ने 'End H-1B Visa Abuse Act of 2026' नामक यह विधेयक पेश किया है। इस विधेयक के माध्यम से अमेरिकी आप्रवासन प्रणाली में बड़े बदलावों का प्रस्ताव दिया गया है।

विधेयक के मुख्य प्रायोजक और प्रस्तावित बदलाव

कांग्रेसमैन एली क्रेन द्वारा पेश किए गए इस विधेयक के सह-प्रायोजक सात अन्य रिपब्लिकन सांसद हैं। टेक्सास के कांग्रेसमैन ब्रायन बेबिन, ब्रैंडन गिल, वेस्ले हंट, कीथ सेल्फ, टेनेसी के एंडी ओगल्स, अरिजोना के पॉल गोसार और कैलिफोर्निया के टॉम मेकलिंटॉक ने इस विधेयक के मूल सह-प्रायोजक के रूप में हस्ताक्षर किए हैं।

H-1B वीजा की महत्ता और कड़े प्रतिबंध

H-1B वीजा कार्यक्रम का उपयोग अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियां व्यापक रूप से करती हैं। यह विदेशी कामगारों को नियुक्त करने के लिए जरूरी होता है। भारतीय टेक्नोलॉजी कार्यकर्ता और चिकित्सक पेशे से जुड़े लोग H-1B वीजा धारकों में सबसे बड़े समूहों में से एक हैं। प्रस्तावित विधेयक में संघीय एजेंसियों को गैर-आप्रवासी कामगारों को स्पॉन्सर या नियुक्त करने से रोकने, Optional Practical Training (OPT) को समाप्त करने और H-1B वीजा को स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) में बदलने की अनुमति न देने का प्रावधान भी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गैर-आप्रवासी वीजा अस्थायी ही रहें। इसके अलावा, गैर-आप्रवासियों को एक स्टेटस से दूसरे स्टेटस में बदलने से पहले अमेरिका छोड़ना अनिवार्य होगा।

अमेरिकी कामगारों के हितों की प्राथमिकता

कांग्रेसमैन एली क्रेन ने कहा कि संघीय सरकार को मेहनती अमेरिकी नागरिकों के लिए काम करना चाहिए, न कि बड़ी कंपनियों के मुनाफे के लिए और उन्होंने कहा कि अमेरिकी लोगों से यह वादा निभाना चाहिए कि टूटे हुए H-1B सिस्टम को उन्हें उन नौकरियों से बाहर नहीं करने दिया जाएगा, जिनके वे योग्य हैं। कांग्रेसमैन ब्रैंडन गिल ने भी इस प्रयास का समर्थन करते हुए कहा कि हमारा आप्रवासन प्रणाली विदेशियों से पहले अमेरिकी कामगारों की सेवा करे। कांग्रेसमैन पॉल गोसार ने आरोप लगाया कि H-1B कार्यक्रम अमेरिकी कामगारों को सस्ते विदेशी श्रम से बदलने के लिए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई कंपनी अमेरिकी को नौकरी दे सकती है, तो उसे देनी चाहिए और इसमें कोई लूपहोल या बहाना नहीं होना चाहिए।

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