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अमेरिका-ईरान वार्ता: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, अगले 48 घंटों में बड़ी हलचल

अमेरिका-ईरान वार्ता: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, अगले 48 घंटों में बड़ी हलचल
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक कूटनीति में एक बड़े घटनाक्रम का संकेत देते हुए कहा है कि अगले 48 घंटों के भीतर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का नया दौर शुरू हो सकता है। वाशिंगटन में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान में हुई पिछले दौर की वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी थी और राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि इस बार बातचीत के लिए पाकिस्तान सबसे संभावित स्थान हो सकता है।

ट्रंप का न्यूयॉर्क पोस्ट को दिया गया बयान

वाशिंगटन से न्यूयॉर्क पोस्ट के एक रिपोर्टर के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस आगामी घटनाक्रम की पुष्टि की। उन्होंने रिपोर्टर से कहा कि अगले दो दिनों में कुछ बड़ा होने की संभावना है और अमेरिकी प्रशासन इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। ट्रंप ने स्वीकार किया कि हालांकि बातचीत की गति धीमी रही है, लेकिन अब इसके सफल होने की संभावनाएं पहले से कहीं अधिक प्रबल नजर आ रही हैं। उन्होंने कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से मिल रहे संकेतों को सकारात्मक बताया है।

इस्लामाबाद में वार्ता की बढ़ती संभावना

वार्ता के स्थल को लेकर चल रही अटकलों के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। इससे पहले यह चर्चा थी कि अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता यूरोप के किसी शहर में आयोजित की जा सकती है। हालांकि, अपने ताजा बयान में ट्रंप ने इशारा किया कि यह बैठक पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो सकती है। पाकिस्तान पहले भी दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिशें करता रहा है, और अब एक बार फिर इसे कूटनीतिक केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव की कूटनीतिक पहल

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इस दिशा में हो रही प्रगति पर संतोष व्यक्त किया है। गुटेरेस ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री के साथ विस्तृत चर्चा की, जिसके बाद उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का दोबारा शुरू होना काफी संभावित है। संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि क्षेत्रीय शांति और वैश्विक सुरक्षा के लिए इन दोनों देशों के बीच संवाद का बना रहना अनिवार्य है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब अगले 48 घंटों पर टिकी हैं।

परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका का कड़ा रुख

भले ही बातचीत की मेज सज रही हो, लेकिन अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपना रुख नरम नहीं किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि वह खुद इस वार्ता में सीधे तौर पर शामिल नहीं होंगे, हालांकि उन्होंने यह खुलासा नहीं किया कि अमेरिका का प्रतिनिधित्व कौन करेगा। इससे पहले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरानी नेतृत्व के साथ चर्चा में भाग लिया था। अमेरिका ने ईरान के उस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें यूरेनियम संवर्धन पर 5 साल की रोक की बात कही गई थी। ट्रंप के अनुसार, ईरान को किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

ईरानी विदेश मंत्री का आधिकारिक बयान

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने वर्तमान स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कई तकनीकी और कूटनीतिक मुद्दों पर प्रगति हुई है और हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका की कुछ संवैधानिक जटिलताओं और शर्तों के कारण अब तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो सका है। ईरान ने 20 साल के अस्थायी रोक के प्रस्ताव पर भी चर्चा की थी, लेकिन अमेरिकी प्रशासन ने इसे अपर्याप्त बताते हुए ठुकरा दिया। अराघची के अनुसार, ईरान अपने हितों की रक्षा करते हुए बातचीत जारी रखने का इच्छुक है।

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