अमेरिका में भारतीय समुदाय को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी करने की एक बड़ी और डरावनी साजिश का मामला सामने आया है। इस घटना को याद करते हुए अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति बुरी तरह भावुक हो गए। उन्होंने साझा किया कि किस तरह से एक अनहोनी टल गई और उनका परिवार चमत्कारिक रूप से बच निकला। अमेरिका के इलिनॉय राज्य के औरोरा शहर में स्थित एक प्रमुख हिंदू मंदिर में यह हमले की कोशिश की गई थी और सांसद कृष्णमूर्ति ने बताया कि जब यह घटना हुई, तब उनका परिवार भी उसी मंदिर के परिसर में मौजूद था। इस बेहद खतरनाक और संवेदनशील स्थिति ने पूरे भारतीय-अमेरिकी समुदाय को झकझोर कर रख दिया है।
सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने घटना के विवरण को साझा करते हुए अपनी गहरी संवेदनाएं और चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उन्हें आज तक यह समझ नहीं आया कि उस वक्त हमलावर की बंदूक अचानक कैसे जाम हो गई। उन्होंने इस बात पर भी हैरानी जताई कि उनका परिवार और मंदिर में मौजूद अन्य सभी लोग आखिरकार कैसे सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। कृष्णमूर्ति ने स्वीकार किया कि उन्हें यह भी स्पष्ट रूप से याद नहीं है कि वे उस समय उस विशिष्ट स्थान पर कैसे मौजूद थे। लेकिन उनका अटूट विश्वास है कि इसके पीछे कोई बहुत बड़ा उद्देश्य अवश्य था, ताकि वे आज इस मंच पर आकर नफरत और नस्लवाद के खिलाफ खुलकर अपनी आवाज बुलंद कर सकें और उन्होंने जोर देकर कहा कि अब यह उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण और प्रमुख उद्देश्यों में से एक बन गया है कि वे ऐसी नफरत भरी ताकतों का डटकर मुकाबला करें।
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस घृणित हमले की साजिश रचने के आरोप में एक उन्नीस वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है और गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस के रूप में हुई है। आरोपी पर आतंकवादी धमकी देने और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालते हुए अवैध रूप से हथियार रखने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि इस युवक ने शिकागो के पास स्थित औरोरा के प्रसिद्ध श्री वेंकटेश्वर स्वामी यानी बालाजी मंदिर को अपने नापाक मंसूबों का निशाना बनाया था। इस पवित्र मंदिर में नियमित रूप से बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग और श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने के लिए आते हैं। गनीमत यह रही कि जब आरोपी ने मंदिर में खूनखराबा करने के लिए गोलीबारी की कोशिश की, तो उसकी बंदूक अचानक जाम हो गई और एक बड़ा नरसंहार होने से टल गया और वर्तमान में इस मामले में आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई लगातार जारी है।
सोशल मीडिया पर बयां किया दर्द और चिंता
घटना के तुरंत बाद सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से इस पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने अपनी उस पोस्ट में लिखा था कि पिछले रविवार को वे और उनका परिवार औरोरा स्थित अपने उसी हिंदू मंदिर में पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-पाठ कर रहे थे। उसी दौरान एक श्वेत वर्चस्ववादी मानसिकता के व्यक्ति ने विशेष रूप से भारतीय अमेरिकियों को अपना निशाना बनाते हुए सामूहिक गोलीबारी करने का कुत्सित प्रयास किया। कृष्णमूर्ति ने उन सभी सतर्क लोगों के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की, जिन्होंने इस संभावित बड़ी त्रासदी को रोकने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि हम सबको मिलकर उस विचारधारा और नफरत का डटकर मुकाबला करना होगा, जिसने इतने सारे निर्दोष लोगों की जिंदगियों को गंभीर खतरे में डाल दिया था।
सांसद कृष्णमूर्ति ने इस कथित साजिश को बेहद परेशान करने वाली और आंखें खोल देने वाली घटना करार दिया। उन्होंने कहा कि औरोरा के हिंदू मंदिर में भारतीय अमेरिकियों को मौत के घाट उतारने के उद्देश्य से की गई सामूहिक गोलीबारी की इस कोशिश ने उन्हें अंदर तक स्तब्ध कर दिया है। उन्होंने दोहराया कि जिस समय यह हमला करने का प्रयास किया गया, उस समय उनका पूरा परिवार भी मंदिर के अंदर ही मौजूद था। यह भयानक घटना पिछले रविवार को अंजाम देने की कोशिश की गई थी। इस बीच, सांसद ने आरोपी के उन समझदार सहकर्मियों का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया, जिन्होंने समय रहते इस साजिश की भनक लगते ही इसकी सूचना कानून प्रवर्तन एजेंसियों को दे दी थी। इसके अलावा उन्होंने घटना की सूचना मिलते ही तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंचे और मोर्चा संभालने वाले सुरक्षा अधिकारियों की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि नफरत और कट्टरता से प्रेरित हिंसा की ऐसी किसी भी धमकी को कभी भी हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और न ही नजरअंदाज किया जाना चाहिए।
अमेरिकी सांसदों की एफबीआई और न्याय विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग
इस गंभीर मामले पर अमेरिकी संसद के अन्य दिग्गजों ने भी कड़ा रुख अपनाया है। बीते शुक्रवार को अमेरिकी इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष रो खन्ना और रिच मैककॉर्मिक ने भी इस सामूहिक गोलीबारी की कथित साजिश की तीव्र शब्दों में निंदा की। दोनों प्रभावशाली अमेरिकी सांसदों ने संयुक्त रूप से अमेरिकी न्याय विभाग और संघीय जांच ब्यूरो यानी एफबीआई से इस मामले में तत्काल और कठोर कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में हिंदू अमेरिकियों और भारतीय अमेरिकियों के खिलाफ लगातार बढ़ रही धमकियों और नफरत भरे अपराधों को अत्यंत गंभीरता से लेने की आवश्यकता है और दोनों सांसदों ने पुरजोर मांग उठाई कि इस पूरे प्रकरण की संभावित संघीय घृणा अपराध के रूप में गहनता से जांच की जानी चाहिए और उपलब्ध पुख्ता सबूतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ सभी आवश्यक और गंभीर कानूनी आरोप तय किए जाने चाहिए।
भारत सरकार ने भी जताई गहरी चिंता
अमेरिका में एक प्रतिष्ठित हिंदू मंदिर पर हुए इस हमले के षड्यंत्र को लेकर भारत सरकार ने भी अपनी गंभीर प्रतिक्रिया दी है और गहरी चिंता व्यक्त की है। भारतीय विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान इस संवेदनशील मुद्दे पर खुलकर बात की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह घटना स्पष्ट रूप से भारत और भारतीय समुदाय के लिए गहरी चिंता का एक बड़ा विषय है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना अमेरिका के भीतर भारतीय समुदाय को लगातार निशाना बनाकर किए जा रहे नफरत से जुड़े अपराधों और नस्लीय भेदभाव के बढ़ते मामलों को भी पूरी तरह से उजागर करती है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आगे बताया कि इस गंभीर घटना के सामने आने के बाद अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की तरफ से जो भी प्रारंभिक कार्रवाई की गई है, उस पर भारत सरकार ने बहुत बारीकी से ध्यान दिया है। भारत ने अमेरिका के समक्ष अपनी यह बात पुरजोर तरीके से रखी है कि वह अपने देश की धरती पर मेहमान या नागरिक के रूप में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा को पूरी तरह से सुनिश्चित करे और भारतीय समुदाय की सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जा सकती है, और अमेरिकी प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में इस तरह की नफरत से प्रेरित घटनाओं की पुनरावृत्ति बिल्कुल न हो।