कर्ज और गंभीर वित्तीय संकट से लंबे समय से जूझ रही टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया अब अपने सबसे बड़े बदलाव और सुधार की तैयारी में पूरी तरह से जुट गई है। कंपनी वर्तमान में भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंकों के एक बड़े समूह के साथ 35,000 करोड़ रुपये के डेट फंडिंग पैकेज पर बहुत तेजी से बातचीत कर रही है। इस भारी-भरकम फंडिंग को कंपनी के भविष्य के लिए एक गेमचेंजर कदम माना जा रहा है। इस फंड की मदद से वोडाफोन आइडिया अपने नेटवर्क का विस्तार करने और भारतीय बाजार में अपनी खोई हुई पकड़ को फिर से मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठा सकती है।
फंडिंग पैकेज का पूरा विवरण
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अभिजीत किशोर ने चौथी तिमाही की कमाई के आंकड़ों की जानकारी देते हुए इस प्रस्तावित पैकेज के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जानकारी दी कि इस 35,000 करोड़ रुपये के पैकेज में 25,000 करोड़ रुपये की फंडेड सुविधा और 10,000 करोड़ रुपये की नॉन-फंडेड सुविधा शामिल की जाएगी। इस बड़ी धनराशि का मुख्य इस्तेमाल अगले तीन वर्षों के दौरान 4G और 5G नेटवर्क के विस्तार, बुनियादी ढांचे यानी इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और अपने ग्राहकों को पहले से बेहतर सेवा देने के लिए किया जाएगा। कंपनी का मानना है कि इस निवेश से उनकी तकनीकी क्षमता में भारी इजाफा होगा।
45000 करोड़ रुपये का कैपेक्स लक्ष्य
वोडाफोन आइडिया ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अगले तीन वर्षों के लिए 45,000 करोड़ रुपये के कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) प्लान का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। कंपनी विशेष रूप से महाराष्ट्र, गुजरात और केरल जैसे अपने प्रमुख और महत्वपूर्ण सर्कल्स में नेटवर्क कवरेज और अपनी क्षमता को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी का यह आधिकारिक दावा है कि इन विशेष इलाकों में नए ग्राहक जोड़ने और पुराने ग्राहकों को अपने साथ बनाए रखने के मामले में काफी सुधार देखने को मिला है और एजीआर बकाए और भारी कर्ज के भारी दबाव के कारण वोडाफोन आइडिया लंबे समय से बाजार में संघर्ष कर रही थी, लेकिन अब कंपनी अपनी ब्रांड इमेज को फिर से चमकाने और बाजार में एक आक्रामक वापसी करने की पूरी तैयारी में है।
वित्तीय स्थिति और प्रमोटर निवेश
कंपनी को पूरी उम्मीद है कि बेहतर एबिटा (EBITDA), नई डेट फंडिंग, प्रमोटरों द्वारा किए जाने वाले निवेश और टैक्स रिफंड के मजबूत सहारे वह आने वाले वर्षों में अपने सभी वित्तीय दायित्वों और देनदारियों को आसानी से संभाल लेगी। इसी बीच, आदित्य बिड़ला ग्रुप की प्रमोटर कंपनी सूर्याजा इन्वेस्टमेंट्स पीटीई लिमिटेड को 4,730 करोड़ रुपये के वारंट जारी करने की मंजूरी भी दे दी गई है। इन वारंटों को 11 रुपये प्रति शेयर की दर से इक्विटी शेयरों में बदला जा सकेगा। इस महत्वपूर्ण कदम से कंपनी की वित्तीय स्थिति को और भी अधिक मजबूती मिलने की संभावना है।
बाजार में प्रतिस्पर्धा और हिस्सेदारी
अगर वर्तमान शेयरहोल्डिंग पैटर्न की बात करें, तो वोडाफोन पीएलसी की कंपनी में 16 दशमलव 07 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि आदित्य बिड़ला ग्रुप के पास 9 दशमलव 57 प्रतिशत हिस्सेदारी मौजूद है। अब बाजार के विशेषज्ञों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या यह 35,000 करोड़ रुपये का विशाल फंड वोडाफोन आइडिया को एक नई उड़ान देने में सफल होगा। क्या कंपनी इस फंड के दम पर रिलायंस जियो और भारती एयरटेल जैसी दिग्गज और स्थापित कंपनियों को कड़ी टक्कर दे पाएगी और आने वाले कुछ महीनों में इस पूरी योजना की तस्वीर और भी स्पष्ट होने की उम्मीद है, जिससे कंपनी के भविष्य का रास्ता साफ होगा।