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पश्चिम बंगाल चुनाव: टीएमसी ने 52 महिलाओं को उतारा, 74 विधायकों के टिकट कटे

पश्चिम बंगाल चुनाव: टीएमसी ने 52 महिलाओं को उतारा, 74 विधायकों के टिकट कटे
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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपने उम्मीदवारों की बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी है। पार्टी ने राज्य की कुल 294 सीटों में से 291 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की है। इस बार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी चुनावी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए महिलाओं और नए चेहरों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। आधिकारिक घोषणा के अनुसार, राज्य में मतदान दो चरणों में संपन्न होगा, जिसमें पहले चरण के लिए 23 अप्रैल और दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे।

52 महिला उम्मीदवारों पर ममता बनर्जी का भरोसा

टीएमसी की इस नई सूची में महिला प्रतिनिधित्व को विशेष महत्व दिया गया है। पार्टी ने 291 उम्मीदवारों में से 52 महिला प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह कदम महिला मतदाताओं के बीच पार्टी की पकड़ को और मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। ममता बनर्जी ने हमेशा से ही राजनीति में महिलाओं की भागीदारी की वकालत की है और इस बार की सूची में इसका स्पष्ट प्रभाव दिखाई दे रहा है।

74 मौजूदा विधायकों के टिकट कटने का कारण

पार्टी ने इस बार कड़ा रुख अपनाते हुए अपने 74 मौजूदा विधायकों को दोबारा टिकट नहीं दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, यह निर्णय जमीनी स्तर पर मिली प्रतिक्रिया और सत्ता विरोधी लहर (एंटी-इनकंबेंसी) को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। टिकट से वंचित होने वाले प्रमुख नामों में मनोज तिवारी, विवेक गुप्ता, सावित्री मित्रा, रत्ना डे नाग, परेश पाल और कंचन मलिक जैसे चर्चित चेहरे शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई निर्वाचन क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर असंतोष की खबरों के बाद नेतृत्व ने नए चेहरों को मौका देने का फैसला किया।

भवानीपुर में ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी का मुकाबला

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर दक्षिण कोलकाता की अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से चुनाव लड़ेंगी। इस सीट पर उनका मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी से होगा। गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को पराजित किया था। भवानीपुर सीट पर इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है, क्योंकि हाल के लोकसभा चुनावों में इस क्षेत्र के कई वार्डों में भाजपा की बढ़त देखी गई थी।

प्रमुख चेहरों और नए उम्मीदवारों का चयन

टीएमसी ने कुछ महत्वपूर्ण सीटों पर अपने पुराने सहयोगियों पर भरोसा बरकरार रखा है और पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक को हाबड़ा सीट से फिर से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, सांसद कल्याण बनर्जी के बेटे प्रभात बनर्जी को उत्तरपाड़ा से चुनावी मैदान में उतारा गया है। नंदीग्राम की महत्वपूर्ण सीट से पवित्र कर को टिकट दिया गया है, जबकि पार्टी के प्रवक्ता कुणाल घोष पहली बार बेलगछिया (बेलियाघाटा) से चुनाव लड़ेंगे और वरिष्ठ नेता ब्रात्य बसु और सुजीत बोस को क्रमशः दमदम और बिधाननगर से फिर से प्रत्याशी बनाया गया है।

पार्टी की चुनावी रणनीति और संगठनात्मक बदलाव

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी ने चुनाव की घोषणा के साथ ही बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। मतदाता सूची में हुए बदलावों और नए मतदाताओं को जोड़ने की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और पार्टी ने इस बार उन क्षेत्रों में अधिक ध्यान केंद्रित किया है जहां पिछले चुनावों में जीत का अंतर कम रहा था। उम्मीदवारों के चयन में क्षेत्रीय समीकरणों और सामाजिक संतुलन को भी प्राथमिकता दी गई है।

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