केंद्र सरकार ने गुरुवार से 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023' को पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू कर दिया है। सरकार का यह फैसला उस समय आया है जब इस विषय पर संसद में गहन बहस जारी है। इस अधिनियम में आवश्यक बदलावों के लिए गुरुवार को ही लोकसभा में विधेयक पेश किया गया था, जिस पर देर रात करीब 1:20 बजे तक चर्चा चली। आज भी इस विषय पर सदन में दिनभर चर्चा होनी है और शाम करीब 4 बजे मतदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
संसद में देर रात तक चली बहस और अधिसूचना
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर गुरुवार की देर रात तक संसद में चर्चा का दौर जारी रहा। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर लोकसभा में जारी बहस के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाले 'महिला आरक्षण अधिनियम 2023' को 16 अप्रैल, बृहस्पतिवार से लागू कर दिया है। केंद्रीय विधि मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से इस निर्णय की जानकारी सार्वजनिक की गई है।
विधेयक और विधायी प्रक्रिया का विवरण
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा 16 अप्रैल को पेश किए गए प्रस्ताव पर विचार करते हुए, लोकसभा में पारित करने के लिए विशिष्ट विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक और परिसीमन विधेयक 2026 शामिल हैं। अधिसूचना के अनुसार, संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार ने 16 अप्रैल, 2026 को वह तिथि निर्धारित की है, जिससे इस अधिनियम के प्रावधान प्रभावी होंगे।
आरक्षण के प्रावधान और कार्यान्वयन की समयसीमा
इस कानून के मुख्य प्रावधानों के तहत लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई (33%) सीटें आरक्षित की जाएंगी। उल्लेखनीय है कि 2023 के मूल कानून के तहत यह आरक्षण 2034 से पहले लागू होना संभव नहीं दिख रहा था, क्योंकि इसे 2027 की जनगणना के बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ा गया था। हालांकि, वर्तमान अधिसूचना ने 16 अप्रैल 2026 की तारीख को प्रभावी घोषित कर दिया है, जबकि संसद में इसे 2029 में लागू करने पर चर्चा अभी भी जारी है।