न्यूयॉर्क शहर में हुए मेयर चुनाव में भारतीय मूल के युवा नेता जोहरान ममदानी की ऐतिहासिक जीत ने एक नया अध्याय लिखा है। मंगलवार रात ग्यारह बजे ब्रुकलिन की सड़कों पर जश्न का माहौल था, जहां हजारों समर्थक ममदानी की जीत की खबर फैलते ही नाचने-गाने लगे और ममदानी, अमेरिका के सबसे बड़े शहर न्यूयॉर्क के पहले दक्षिण एशियाई मुस्लिम मेयर बनकर उभरे, और अपनी विराट जीत के बाद उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप को भी ललकारा। हालांकि, इस जीत के जश्न के बीच ही एक्स (पूर्व ट्विटर) पर साझा की गई एलन मस्क की एक पोस्ट ने पूरे परिदृश्य को हिला दिया। दुनिया के सबसे अमीर शख्स और एक्स के मालिक एलन मस्क ने न्यूयॉर्क के मेयर चुनाव। को 'वोटिंग घोटाला' करार दिया, जिससे राजनीतिक गलियारों और आम जनता के बीच भारी खलबली मच गई। एलन मस्क ने अपनी पोस्ट में सीधे तौर पर न्यूयॉर्क सिटी के बैलट फॉर्म को एक घोटाला बताया। उनके इस आरोप ने न केवल न्यूयॉर्क बल्कि पूरे अमेरिका में बहस छेड़ दी। मस्क ने अपनी पोस्ट में कई विशिष्ट अनियमितताओं का उल्लेख किया, जिससे उनके दावों को बल मिला। उन्होंने लिखा कि मतदान के लिए किसी आईडी की आवश्यकता नहीं थी, जो कि एक गंभीर सुरक्षा चूक मानी जा सकती है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बताया कि अन्य मेयर उम्मीदवार दो बार दिखाई दे रहे थे, जिससे मतदाताओं में भ्रम पैदा होने की संभावना थी। मस्क ने यह भी इंगित किया कि एंड्र्यू कुओमो का नाम, जो ट्रंप समर्थित उम्मीदवार थे, बैलट के सबसे नीचे दाएं कोने में रखा गया था, जिसे जानबूझकर छिपाने का प्रयास माना जा सकता है और इन आरोपों ने चुनाव की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
पत्रकार की पड़ताल और अनियमितताओं का खुलासा
मस्क की पोस्ट से उत्पन्न हुई खलबली के बीच, न्यूयॉर्क के एक छोटे से अपार्टमेंट में रहने वाली भारतीय मूल की एक महिला पत्रकार ने इन आरोपों की पड़ताल शुरू की। वह ममदानी की जीत पर रिपोर्टिंग कर रही थीं, लेकिन मस्क का ट्वीट देखते ही वह चौंक उठीं। उन्होंने तुरंत बैलट फॉर्म की तस्वीरें खंगालीं और मस्क के दावों की पुष्टि की। उनकी जांच में सामने आया कि वास्तव में वोटिंग मशीन पर आईडी चेक का कोई विकल्प मौजूद नहीं था। इसके अलावा, स्लिवा नामक उम्मीदवार का नाम दो अलग-अलग कॉलम में दोहराया गया था, जिससे मतदाताओं के लिए सही उम्मीदवार का चयन करना मुश्किल हो सकता था। ट्रंप के समर्थित उम्मीदवार एंड्र्यू कुओमो का नाम सूची के अंत में दाएं कोने में इस तरह रखा गया था, जैसे उसे जानबूझकर नजरअंदाज करने की कोशिश की गई हो और इन खुलासों ने मस्क के आरोपों को और भी विश्वसनीय बना दिया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और सड़कों पर तनाव
एलन मस्क के इस ट्वीट ने पूरे अमेरिका में आग लगा दी। अगले दिन सुबह होते-होते न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक सनसनीखेज हेडलाइन छापी: "मस्क का आरोप: वोटिंग फ्रॉड या प्रोपगेंडा और " इस खबर के फैलते ही ममदानी के समर्थक सड़कों पर उतर आए। वे जोर-जोर से चिल्ला रहे थे कि "ये ट्रंप का खेल है! ", यह आरोप लगाते हुए कि यह सब उनकी जीत को बदनाम करने की साजिश है और दूसरी ओर, एंड्र्यू कुओमो ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी हार स्वीकार की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि "ये अनियमितताएं जांच की मांग करती हैं। " इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी एलन मस्क के आरोपों का समर्थन किया, जिससे न्यूयॉर्क की सड़कों पर तनाव और बढ़ गया। एक बुजुर्ग वोटर ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "बिना आईडी के वोट और ये लोकतंत्र का मजाक है। " हालांकि, एक युवा लड़की ने मस्क के इरादों पर सवाल उठाते हुए कहा, "मस्क खुद एक्स पर फेक न्यूज फैलाते हैं। ये उनकी साजिश है और " इन विरोधाभासी बयानों और आरोपों-प्रत्यारोपों ने शहर के राजनीतिक माहौल को गरमा दिया।
अदालत का रुख और भविष्य की अनिश्चितता
शाम होते-होते, इस पूरे मामले ने कानूनी मोड़ ले लिया और अदालत में एक याचिका दाखिल कर दी गई। जोहरान ममदानी ने इस पूरे घटनाक्रम पर संयम बरतते हुए कहा, "हमारी जीत जनादेश है, लेकिन सच्चाई सामने आएगी। " उन्होंने अपनी जीत को जनता का स्पष्ट निर्णय बताया और विश्वास व्यक्त किया कि जांच के बाद सच्चाई अवश्य सामने आएगी और रात ढलते-ढलते, एक्स पर #NYCVoteScam हैशटैग ट्रेंड करने लगा, जिससे यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। एलन मस्क ने एक और पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा: "सच्चाई जीतेगी और " न्यूयॉर्क की चकाचौंध वाली रातें अब और रहस्यमयी लगने लगी हैं, जहां लोकतंत्र की नींव पर सवाल उठ रहे हैं। शहर एक अनिश्चित भविष्य की ओर देख रहा है, लेकिन उम्मीद की किरण अभी भी बाकी है कि न्याय और पारदर्शिता अंततः प्रबल होंगे। यह घटना अमेरिकी चुनावी प्रक्रिया की कमजोरियों और डिजिटल युग में सूचना के प्रभाव को उजागर करती है।