Glacier Burst / उत्तराखंड आपदा में अब तक 26 लोगों की मौत, 171 की तलाश अभी भी जारी

उत्तराखंड (Uttarakhand) में रविवार को आई आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 26 हो गई है। अधिकारियों ने सोमवार देर शाम आंकड़ों की पुष्टि करते हुए बताया कि अभी भी 171 लोग लापता हैं, जिसमें से करीब 35 लोगों के सुरंग में फंसे होने की आंशका है। उन्हें रेस्क्यू करने के लिए राहत बचाव की चारों टीमें लगातार जुटी हुई हैं।

चमोली: उत्तराखंड (Uttarakhand) में रविवार को आई आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 26 हो गई है। अधिकारियों ने सोमवार देर शाम आंकड़ों की पुष्टि करते हुए बताया कि अभी भी 171 लोग लापता हैं, जिसमें से करीब 35 लोगों के सुरंग में फंसे होने की आंशका है। उन्हें रेस्क्यू करने के लिए राहत बचाव की चारों टीमें लगातार जुटी हुई हैं।

प्रभावित गांवों में पहुंचाई जा रही मदद

इससे पहले ज़ी न्य़ूज से खास बातचीत में उत्तराखंड सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत (Trivendra Singh Rawat) ने कहा था कि चमोली में आई आपदा ग्लेशियर फटने की वजह से नहीं हुई थी। मुख्य सचिव को वास्तविक कारणों का पता लगाने का निर्देश दिया गया है। हालांकि हादसे के कारणों का पता लगाने से ज्यादा जरूरी हमारी पहली प्राथमिकता प्रभावित लोगों को भोजन और अन्य सहायता मुहैया कराना है। जिसके लिए हम प्रभावित गांवों के बीच दोबारा संपर्क स्थापित करने का काम कर रहे हैं।

रविवार को चमोली में हुआ था हादसा

गौरतलब है कि रविवार को चमोली में ग्लेशियर टूटकर (Uttarakhand Glacier Burst) नीचे बह रही ऋषि गंगा (Rishi Ganga) नदी में जा गिरा था। जिससे उसमें सैलाब आ गया। इसी नदी पर 13।2 मेगावाट (MW) क्षमता का छोटा हाइड्रो प्रोजेक्ट बनाया जा रहा था। सैलाब ने इस प्रोजेक्ट को बड़ा नुकसान पहुंचाने के साथ ही नीचे जाकर वहां धौलीगंगा नदी पर बन रहे बड़े प्रोजेक्ट भी नुकसान पहुंचाया। जानकारी के मुताबिक लापता हुए अधिकतर लोग इन्हें दोनों प्रोजेक्टों में फंसे हैं। 

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